पहली चुदाई का अनोखा मजा दिआ – 4

वो मेरी आंखों में देख रही थी। मैंने कहा- अभी भी यदि तुम सहयोग नहीं करोगी तो तुम्हें ज्यादा कष्ट होगा। कुक्कू को मैंने अपना लंड मुँह में लेने को बोला, तो उसने मुँह खोला पर उसका मुँह सूखा हुआ था। 

मैंने अपने लंड पर थूक दिया और कुक्कू के मुँह में जोर से पेल दिया। कुक्कू को मैंने बेड के सिरहाने करके बैठाये हुए था और मैं खड़ा होकर उसके मुँह में लंड पेल रहा था। वह छटपटा रही थी, पर कुछ कर नहीं पा रही थी। 

अब मेरे ऊपर वासना हावी हो गयी थी। सामने 19 साल की कमसिन लड़की है, इसकी चिंता मुझे नहीं थी। कुक्कू की आंखें बाहर की तरफ निकल आयी थीं। मैंने कुक्कू का सर बालों से पकड़ा हुआ था और लंड अन्दर बाहर मुँह में पेल रहा था। 

उसका बदन लार से भीग गया था। बीच बीच में मैं अपने आंड उसके मुँह में दे देता था। वह बस ‘ऊं आं …’ कर रही थी। मेरा लंड अब धीरे धीरे कड़क हो रहा था। सुपारा फूलकर गेंद जैसा हो गया था। कुक्कू की नाक और मुँह से लार टपक रही थी। 

मेरे ऊपर पागलपन हावी हो रहा था, जो खासकर अनाड़ी पार्टनर के कारण होता है। मैं कुक्कू की चूची के निप्पल को दांतों से पकड़कर खींच दे रहा था। उसके निप्पल के दाने फूल गए थे। 

मैं बीच बीच में कुक्कू के चूतड़ों पर जोर का थप्पड़ मारता, तो वह चिहुंक जाती। मैंने कुक्कू के पूरे शरीर पर चुम्बन का बौछार कर दी और उसे उल्टा करके उसकी गांड के छेद को भी चाट चाट कर लाल कर दिया। 

चुत का कर दिआ बुरा हाल आशिक़ ने – 1 

गांड में उंगली देने से मचल गयी

बीच वाली उंगली उसकी गांड में डाली, तो वो चिल्लाने लगी। पर मैंने पूरी मोटी उंगली उसकी गांड में ठूंस दी। चूमने चाटने में मेरे दांत उसके शरीर में कई जगह गड़ गए। अब मैंने उसके हाथ खोल दिए और लंड चूसने को बोला। 

तो वो फिर बाहर से लंड चाटने लगी। मैंने उसके गाल को अपने दोनों हाथों से दबाया और कहा- मादरचोद, अभी भी तू वैसे ही अनाड़ी जैसी चूस रही है। मुँह खोल और जीभ बाहर निकाल मादरचोद। गाली सुकर वो हंसने लगी। 

जैसे ही उसने मुँह खोला, मैं लंड उसके मुँह में डालकर चोदने लगा। अब मैं कुक्कू की बुर को चोदने के लिए तैयार था। मैंने कुक्कू को चित लिटा दिया और उसकी बुर पर थूक दिया। 

मैं अपना लंड उसकी चूत की फांकों पर रगड़ने लगा। वह फिर से मदमस्त होने लगी। मैंने अपना लंड उसके चूत पर सैट कर दिया, उसके पैरों को अपनी कमर पर बांधने को बोला। मैं उसके ऊपर छा गया। 

अपने एक हाथ से उसके दोनों हाथों को पकड़ा और दाहिने हाथ से लंड को सहारा दिया। फिर मैंने एक हल्का सा धक्का दिया, तो सुपारे ने कुक्कू की चूत में जगह बना ली। कुक्कू कसमसाने लगी और बोली- अंकल, बहुत दर्द हो रहा है। 

मैंने बोला- कुछ नहीं होगा बस थोड़ा अन्दर और डालूंगा। मैं उसके होंठों को मुँह में लेकर चुभलाने लगा। कुक्कू जैसे ही सामान्य हुई, मैंने एक करारा धक्का दे मारा। इस बार कुक्कू की आंखें फट पड़ीं और वो ढेर सारा पसीना छोड़ने लगी। 

मेरा लगभग आधा लंड कुक्कू के चूत में समा गया था। वह मुझसे छूटना चाह रही थी पर मेरे बलिष्ठ शरीर से वह दबी पड़ी थी। उसका शरीर कांप रहा था और ऐंठ रहा था। मैं बहुत धीरे धीरे अपना लंड बाहर की तरफ खींच रहा था, फिर अन्दर डाल दे रहा था। 

चुत का कर दिआ बुरा हाल आशिक़ ने – 2 

चुदाई से आ गए लड़की के आसु 

अब मैंने उसका हाथ छोड़ दिया था और उसकी कांख के नीचे से दोनों हाथ डालकर उसे अपने सीने से चिपकाया हुआ था। धीरे धीरे कुक्कू सामान्य हो चली थी। तभी मैंने फाइनल शॉट मारा और अपना लंड जड़ तक उसकी बुर में पेल दिया। 

वह चिल्लाने लगी, पर वहां सुनने वाला कोई नहीं था। मैंने बोला- बेबी पूरा लंड तो तुम खा गयी, अब क्यों चिल्ला और रो रही हो! अब जो होना था, हो लिया। अब जश्न मनाओ … आज के बाद तुम लंड लेने वाली चीज बन गई हो। 

मैंने उसके आंसू पौंछे, उसके माथे और होंठों पर चुम्बन किया। मैंने कहा- तुम्हें आज लड़की से औरत बनाने का सौभाग्य मुझे मिला, तुम्हें धन्यवाद और ढेर सारी शुभकामनाएं। मैं अब धीरे धीरे अपना लंड अन्दर बाहर करने लगा। थोड़ी देर बाद मैंने स्पीड बढ़ा दी। 

वो लंड के मजे लेने लगी थी। मैंने पोजीशन चेंज की और डॉगी पोजीशन में उसे चोदने लगा। बिस्तर पर उसके खून से लाल निशान हो गया था, पर मैं उसके चूत को रवां कर देना चाहता था ताकि उसे अगली बार कोई परेशानी न हो। 

मैंने उसे काफी देर तक चोदा। वह थक गयी थी, कई बार झड़ी भी। बाद में मैंने अपना वीर्य उसकी चूत में छोड़ दिया। मैं पहली बार जब किसी लड़की को चोदता हूँ, तो वीर्य चूत में ही छोड़ता हूँ … क्योंकि पहली बार उसे सब सुख मिलना चाहिए। 

उसकी चूत से माल बाहर निकल रहा था। उसकी हालत पतली हो गयी थी। उसे देखकर मुझे दया आ रही थी। मैंने ममता को फ़ोन करके बुलाया। ममता उसकी हालत देखकर मुझे कहने लगी- बेचारी की क्या हालत कर दी तुमने इसकी बुर चोद कर! मैंने कहा- तुमको तो मेरा मिजाज पता ही है। 

वो कुछ नहीं बोली। मैंने कहा- इसे एक आईपिल दे देना, नहीं तो प्रेग्नेंट हो सकती है। कुक्कू थोड़ी डर रही थी। ममता ने उसे समझाया कि अब हो गया, जो होना था। अब तुम्हें जीवन भर दिक्कत नहीं आएगी और अब तुमको चुदे बिना अच्छा भी नहीं लगेगा। 

इसलिए जब मन हो आ जाना, मेरे पास कई मर्द हैं। उसके बाद मैंने ममता की चुदाई की। हम तीनों ने साथ खाना खाया और मैं घर वापिस आ गया। उसके एक हफ्ते बाद कुक्कू को मैंने फिर चोदा और इस बार वह काफी कॉंफिडेंट थी।  

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