इलाके की रंडी की चुत चुदाई – 1

दोस्तो, ये कोई फर्जी कहानी नहीं है … बल्कि मेरी खुद की सच्ची कहानी है। यह चालू लड़की की चूत चुदाई आज से तीन साल पुरानी है, तब मैं 21 साल का था। उस समय मेरी हाइट 5 फुट 8 इंच हो गई थी। 

मैं दिखने में भी काफी आकर्षक लगता हूँ। हम एक कॉलोनी में रहते हैं, जहां पर पहले हर रविवार को आसपास के घर वाले मिल कर सोसाइटी के पार्क में एक छोटा सा मिलन समारोह करते थे। 

सब लोग मिल कर कुछ कुछ बना कर खाया करते थे। साथ में हंसी मजाक भी करते थे। उन्हीं दिनों मेरे पड़ोस में 3-4 घर छोड़ कर एक नई फैमिली रहने आई थी। एक रविवार को हमने उस फैमिली को भी आने का बुलावा दिया। 

उस परिवार में अंकल आंटी और उनकी दो बेटियां व एक छोटा बेटा था। अंकल की दोनों ही बेटियां बेहद ही खूबसूरत थीं। छोटी वाली का नाम शिवानी था और बड़ी वाली का नाम सृष्टि था। 

शिवानी मेरी ही उम्र की थी और बड़ी वाली मुझसे 4 साल बड़ी थी। अपनी उम्र के हिसाब से शिवानी का शरीर काफ़ी भरा भरा और गदराया हुआ था; मुझे ऐसा लगता था कि ये खेली खाई है। 

मकैन कोशिश करूं तो मुझे इस चालू लड़की की चूत चुदाई का मौक़ा मिल सकता है। हमारी पहली मुलाकात उसी मिलन समारोह में हुई थी। उससे बातचीत के बाद मुझे पता चला कि वो इस शहर में नए हैं। 

चुदाई से भरा हुआ रास्ता – 1

दीदी ने कर दिआ काम खराब

शिवानी ने मेरे ही कॉलेज में दाखिला भी ले लिया है। उसकी इस बात को जानकर मुझे काफी अच्छा लगा और ऐसा अलग कि इसके साथ दोस्ती करने का ये अच्छा मौका मिल गया है। उस दिन हमने वेज पुलाव बनाया था। 

खाना हो जाने के बाद सब बड़े लोग आपस में गपशप कर रहे थे। मैं शिवानी के पास बैठ गया और उससे बात करना शुरू की। हमारी बातों की शुरुआत में यही सब बातें थीं कि वो किस विषय से अपनी पढ़ाई कर रही है और आगे क्या करना चाहती है। 

उससे यही सब बात हो ही रही थी कि उसी समय मेरा छोटा भाई आ गया। वो बोला- दीदी से क्या बात कर रहे हो भैया? इनको सैट कर रहे हो क्या? वो कुछ बेशर्मी से मुझे चिढ़ाते हुए बोला था तो ये हम दोनों के लिए काफी अटपटा सा लगने लगा था। 

मैंने तुरंत बात को सम्भाला और चुटकुला सुना कर शिवानी को हंसा कर वापस सहज कर दिया। शिवानी की आंखों में साफ़ दिख रहा था कि वो भी मुझे उतना ही पसंद करने लगी थी, जितना मैं! हम थोड़ी देर और बात करते रहे। 

फिर कुछ देर बाद सब अपने अपने घर जाने लगे थे। उसकी दीदी ने उसे आवाज देकर बुलाया। तो वो अपनी दीदी से बोली- दीदी आप जाओ, मैं बाद में घर आ जाऊंगी। उसकी बात सुनकर उसकी दीदी हम दोनों के पास आ गई। 

चुदाई से भरा हुआ रास्ता – 2 

शिवानी ने बोला मुझे क्यूट

दीदी मेरी तरफ देख कर शिवानी से बोली- क्या तुम एक दूसरे को पहले से जानते हो? मैं अभी कुछ कहता कि शिवानी बोल पड़ी- हां दीदी, ये शुभम है। मेरे साथ कॉलेज में पढ़ता है। मुझे नहीं मालूम था कि ये भी इसी कॉलोनी में रहता है। 

शिवानी की बात सुनकर मैंने भी हां में हां मिला दी और उसकी दीदी मुझसे बात करने लगी। कुछ देर बात करने के बाद शिवानी ने अपनी दीदी से कहा- आप भी बैठो न दीदी। मगर उसकी दीदी ने मेरी तरफ प्यार से देखते हुए कहा- नहीं, मैं जा रही हूँ शिवानी … तुम आ जाना। 

मैंने मुस्कान बिखेर दी तो शिवानी की दीदी ने मुझसे कहा- शुभम घर आना। मैं तुमसे उधर ही बैठ कर बात करूंगी। उससे मैंने ओके कह दिया। मुझे शिवानी की दीदी की आंखों में अजीब सी कशिश सी दिखी। फिर वो चली गई। 

अब तक पार्क से सब लोग चले गए थे। हम दोनों पार्क में अकेले बैठ कर बात करते रहे। काफी देर तक बात करते करते अचानक से उसने मुझे मेरे गाल पर किस कर दिया। वो मेरे कान के पास आकर धीरे से बोली- यू आर रियली टू क्यूट। 

इस बात से मेरा दिल एकदम ज़ोर ज़ोर से धड़कने लगा। मेरे साथ ये पहली बार हो रहा था। अब मैंने उसकी तरफ देखा, उसकी आंखों में आंखें डालकर मूक बातें की तो वो मंद मंद मुस्कुरा रही थी। 

उसकी आंखों से साफ़ समझ आ रहा था कि मैं अब उसे उसके होंठों पर किस करूंगा। वो शायद चुम्बन के लिए रेडी हो गई थी … उसने आंखें बंद कर लीं। मैंने भी कुछ सोचा और हिम्मत करके उसके होंठों के एकदम पास अपने होंठ ले आया, पर मैंने उसे किस नहीं की। 

जबकि उस समय हमारे होंठ इतने पास थे कि वो मेरी गर्म सांसों को महसूस जरूर ही कर रही होगी। मैंने उसके होंठों को टच नहीं किया था। ये मैं जानबूझ कर उसको गर्म करने के लिए कर रहा था।  

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