आंटी को था चुदाई का शोक जो पूरा करने में बीत गयी जवानी

वह बात आज से 2 साल पहले की है।  हमारे इलाके में एक खूबसूरत सी आंटी रहा करती थी जिससे हर कोई जलता रहता था। आंटी दिखने में तो खूबसूरत थी ही ऊपर से वह बहुत ज्यादा हॉट और सेक्सी भी दिखती थी। 

आंटी के दोनों बूब्स इतने मोटे थे की उनकी चुचिओ को देख मेरा लंड अपने आप खड़ा हो जाया करता था। आंटी किसी से बात भी नहीं किआ करती थी क्युकी उनकी लड़ाई सभी लोगो से हो जाया करती थी। 

मै रोज रात को खाना खाने के बाद टहलने के लिए गली चक्कर लगाया करता था। तो उस रात भी मै खाना खाने के बाद बाहर गली में ही घूमने लग गया। अब कुछ सेर के बाद आंटी अपने घर के बाहर आकर बैठ गयी और मुझसे मेरे हालचाल पूछने लग गयी। 

अब ऐसे ही हम दोनों काफी देर तक बाते करते रहे और कुछ समय बाद पापा ने मुझे घर में बुला लिआ और मै उस दिन सो गया। अब रोज जब भी में रात को गली में निकलता आंटी अपने घर के बाहर आकर बैठ जाती और हम दोनों काफी बाते करते। 

एक दिन मै आंटी से बाते कर रहा था और पापा ने मुझे जल्दी बुला लिआ जिससे मेरी और आंटी की बाते अधूरी ही रह गयी। अब अगले दिन आंटी को मेने सॉरी बोला और कहा की कल की अधूरी बात आज पूरी कर दो। 

आंटी ने कहा अब वह बात भूल चुकी है पर वह पूरी रात बस मेरे बारे में ही सोच रही थी। मेने आंटी से कहा की अगर वह मुझे कॉल कर देती तो मै रात को ही उनके पास आ जाता और खूब साडी बाते करता। 

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आंटी का अकेलापन किआ दूर 

अब कुछ दिन बाद फिर वही हुआ। पापा ने मुझे जल्दी घर में बुला लिआ जिससे आंटी और मै सही से बाते भी नहीं कर पाए। अब रात के करीब 2 बज रहे थे की मुझे किसी का फोन आया और जब मेने फोन उठाया तो काल पर आंटी थी। 

आंटी ने कहा आज की बात अधूरी रह गयी थी इसलिए अब अगर में उनके पास आ सकू तो आ जायु। यह मौका मै कैसे हौद सकता था इसलिए मै तभी के तभी चुपके से घर से निकला और आंटी से पास चला गया। 

मै आपको बता दू की आंटी से पति फौज में थे इसलिए वह ज्यादातर अकेली ही रहती थी। अब मै जैसे उनके घर में पंहुचा उनका दरवाजा खुला हुआ था और मै सीधा ही अंदर चला गया। अब जैसे ही में अंदर गया आंटी लाल मैक्सी पेहेन कर बिस्तर पर लेटी हुई थी। 

आंटी ने मुझे कहा की मै भी बिस्तर पर ही बैठ जायु और मै उनके पास चला गया। अब धीरे धीरे मै थोड़ा सा लेट गया और काफी देर तक आंटी और मेने बाते करि। अब आंटी ने कहा की अगर उनकी  शादी ना हुई होती तो वह मुझसे शादी कर लेती। 

आंटी ने कहा तुम दिखने में भी बहुत अचे हो और तुम्हरा शरीर भी बहुत ाचा है। मेने भी आंटी की कुछ तारीफ करि और कहा की वह भी बहुत ज्यादा सुन्दर और हॉट लगती है। आंटी ने कहा उन्हें कोई प्यार भी नहीं करता और सब बस लड़ते रहते है। 

अब मेने आंटी से कहा की मै उनसे बहुत प्यार करता हु। मेरे ऐसा कहते ही आंटी खुश हो गयी और मेरी आँखों में खो सी गयी। अब हमारे बिच नजदीकिआ कम होना शुरू हो गई। 

आंटी और मै अब एक दूसरे के बहुत करीब आ गए और हम दोनों एक सूरे के होठ चूसने लग गए। आंटी के रसीले होठ मै बहुत प्यार से चूसे जा रहा था और आंटी भी मेरे कपडे निकालते मुझे चुम रही थी। 

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आंटी की चुदाई का शोक किआ पूरा और रोज मारी चुत दबाके 

 अब  ही देर में आंटी और मै दोनों एकदम ही नंगे हो गए थे। आंटी के मोटे बूब्स मै अपने दोनों हाथो से दबाते हुए चूसे जा रहा था और आंटी गरम होना शुरू हो गयी थी। आंटी भी निचे से मेरा लंड पकड़ कर हिलाये जा रही थी जिससे मेरा जोश बढ़ता जा रहा था। 

अब आंटी ने मेरा लंड एकदम खड़ा कर दिआ था। अब मेने आंटी की दोनों टांगे खोल दी और आंटी की चूत पर अपना लंड फेरना शुरू कर दिआ। आंटी मेरा लंड लेने के लिए तरसने लगी और अपने हाथ से मेरा लंड अपनी चूत मे लेने लगी। 

अब मेने आंटी की चूत की फांको में अपना लंड फिराया जिससे आंटी कामुक सी हो गयी और अब आंटी की चूत में मेने अपना लंड घुसा दिआ। आंटी मेरा लंड अपनी चूत में लेके बहुत खुश थी जिसके बाद मेने उनकी चुदाई शुरू कर दी। 

आंटी की चूत मै लगातार चोदते जा रहा था और आंटी को भी काफी मजा आने लगा था। आंटी एक हाथ से पने चूची को मसलते हुए आहे भर रही थी और निचे अपनी चूत पर उंगलिआ भी फेर रही थी। 

ऐसे ही काफी फेर तक मेने आंटी की चूत की चुदाई करि जिससे आंटी की चूत से पानी भी निकलने लगा और वह चरमसुख भोगने लगी। आंटी मेरी चुदाई से बहुत खुश थी और कुछ ही देर बाद में अपने घर चला गया। 

अब यह सिलसिला आगे भी बहुत दिन तक चलता रहा और आज भी 2 साल बाद आंटी मुझे अपनी चुदाई करवाने के लिए रातो को बुला लेती है जिससे मै उनकी चूत की प्यास मिटा सकू। 

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