आंटी की चूत का रसपान – आंटी की मारी चूत और दिए चरमसुख

यह बात हमारे मोह्हले की ही है, हमारी गली में एक घर था जिसमे आयदिन लड़ाई होती ही रहती थी। अंकल रोज लड़ाई करने के बाद घर से निकल जाते थे और हम सब यह तमाशा देखते रहते थे। 

कभी कभी वह आंटी हमारे घर आकर मेरी अम्मी को अपनी बाते भी बताया करती थी की उसका पति उसे पैसे भी नहीं देता है और जरूरते  करता था। एक दिन लड़ाई करने के बाद आंटी हमारे घर आयी और मम्मी से ही बाते कर रही थी। 

आंटी मम्मी से अपना सारा दुःख साझा करते हुए उन्हें सब बता रही थी। मै भी अंदर कमरे में ही था पर इस बार आंटी कुछ खुशमिजाज मूड में थी। आंटी ने मम्मी को बताया की उनकी कल रात भी उनके पति से लड़ाई हुई थी। 

मम्मी ने आंटी ने इस बार की लड़ाई का कारण पूछा और आंटी ने धीरे से कुछ मम्मी को बताया। मेरी मम्मी पहले से ही उचा सुनती थी इसलिए मम्मी को वह बात समझ नहीं आयी और मम्मी ने आंटी को बात दोहराने के लिए बोला। 

आंटी ने एकदम से जोर से बोलते हुए कहा की कल उनका पति उनकी चुदाई करने ही वाला था पर जब उन्होंने अपने पति से चूत चाटने के लिए बोला तो उनके पति ने मना कर दिआ और चुदाई के बजाए सारी रात लड़ाई होती रही। 

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आंटी को दिखाई अपनी जवानी

मम्मी ने आंटी को डाटा और कहा की यह बाते तेज आवाज में ना बोला करे। पर मै यह बात सुन चूका था और मुझे समझ आ गया था की आंटी अब चूदासी हो चुकी है। अब धीरे धीरे मेने आंटी के घर के आस पास रहना ही शुरू कर दिआ। 

आंटी कभी मुझे दुकान से सामान लाने के लिए भेज देती तो कभी मुझसे मजाक करते हुए बाते भी करने लगती। एक दिन आंटी सुबह सुबह ही हमारे घर आ गयी और मै समझ गया की यह आंटी को अपनी जवानी दिखने का सही मौका है। 

मै जल्दी से नहाने घुस गया और तोलिआ लपेटकर बाहर आया और आधे नंगे जिस्म के साथ निचे जाने लगा। मै शुरू से ही अपनी सेहत का ख्याल रखता आया हु इसलिए मेरा शरीर भी किसी जवान मर्द की तरह कसा हुआ और आकर्षक है। 

जैसे ही आंटी ने मुझे देखा वह मुझे देखती ही रह गयी और मै कपडे पेहेन कर वापस आ गया। उसी दिन मै आंटी के घर के सामने किसी से बात कर रहा था की आंटी ने मुझे बल्ब लगाने के लिए अंदर बुलाया। 

मेने आंटी से बल्ब लिआ और स्टूल पर खड़ा होकर बल्ब लगा दिआ। पर अभी आंटी ने मुझे जाने के लिए नहीं बोला और मुझसे चाय के लिए पूछा। मैने चाय पिने के लिए हां कहा और वही बेथ गया। कुछ देर बाद आंटी चाय लेकर आयी। 

आंटी मेरे साथ वाले सोफे पर बैठ गयी और चाय पीते हुए मुझे कहने लगी की मेरी बॉडी इलाके में सभी लड़को से अच्छी है। मेने शर्माने का थोड़ा सा नाटक किआ और कहा की आप को कैसे पता। आंटी ने कहा की उस दिन जब तुम नहाकर निचे आये तब मेने तुम्हे देखा था। 

मेने आंटी से कहा की वह तो कुछ भी नहीं है क्युकी मै जिम भी करता हु जिससे मेरा शरीर और भी अच्छा हो गया है। मेने आंटी को खड़े होकर अपने डोले दिखाए और आंटी ने कहा की टीशर्ट की वजह से कुछ भी नहीं दिख रहा है। 

अब मेने कहा की दिखाने के लिए तो टीशर्ट उतारनी पड़ेगी और उस समय कोई आ गया तो अच्छा भी नहीं समझेगा। आंटी ने कहा की मै गेट बंद कर देती हु जिससे कोई भी अंदर नहीं आ सकेगा। आंटी ने अब दरवाजा बंद कर दिआ और आकर बैठ गयी। 

मेने अपनी टीशर्ट उतारी और आंटी को बॉडी दिखने लग गया। मेने आंटी को अपने पेट की मासपेशिए दिखाई जिसको देखने के बाद आंटी ने मुझे कहा की उनका पेट तो बढ़ता ही जा रहा है। आंटी ने मुझसे पूछा की क्या वह मेरे एब्स छूकर महसूस कर सकती है। 

मेने आंटी को हां बोलै और आंटी ने खड़े होकर मेरा पेट पर हाथ फेरना शुरू कर दिआ। आंटी ने साथ ही साथ अब मेरी छाती से लेकर पेट तक पूरे जिस्म पर अपने हाथ फेरने चालू कर दिए। मै भी आंखे बंद करके वही खड़ा था और मजे ले रहा था। 

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आंटी की चूत को चाटा और चुदाई करके निकाल दिआ पानी 

अब आंटी ने अपना पल्लू निचे गिराया और मुझे अपनी बाहो में ले लिआ। मेने भी आंटी को अपनी बाहो में दबा लिआ और आंटी ने मेरे जिस्म पर अपने होठो से किस करना चालू कर दिआ। आंटी ने मेरा लंड हाथ में लेते हुए हिलाने लगी और मेरे होठो को चूमने लगी। 

मेने आंटी को कस कर पकड़ा और उनके होठो को चूसने लगा। आंटी के होठो की सारी लिपिस्टिक मेरे होठो पर आ लगी और हम दोनों एक दूसरे के होठो की काफी देर तक चूसते रहे। आंटी निचे मेरा लंड अपने हाथ से सेहला भी रही थी और अब मेने उनका ब्लाउज खोल दिआ। 

आंटी की साडी भी आंटी ने जल्दी से खुद ही उतार दी और अब वह ब्रा और पेटीकोट में थी। आंटी की ब्रा का हुक खोलते हुए मेने उनके दोनों बूब्स हाथ में लेके दबाने शुरू का दिए। आंटी कामवासना से पागल होने लग गयी। 

आंटी मुझे ऊपर खींचते हुए मेरे होठो को चूसे जा रही थी और मै निचे मुह्ह करते हुए उनके बूब्स के निप्पलों को कभी काट रहा था तो कभी चुस रहा था। आंटी अब पूरी तरह से गरम हो गयी थी और मेने निचे होकर उनके पेटीकोट को भी खोल दिआ। 

आंटी की चूत पूरी तरह गीली हो गयी थी और पैंटी भी भीग गयी थी। मेने आंटी की पैंटी निकालकर उन्हें पूरा नंगा कर दिआ और उनकी दोनों टांगे खोल दी। मुझे पता था की आंटी को चूत चटाई पसंद थी इसलिए मेने अपने होठ उनकी चूत पर रख दिए 

अपनी जीभ चलाते हुए मेने आंटी की चूत की फांको को चाटना शुरू कर दिआ और आंटी मेरे मुह्ह अपनी चूत में दबाने लगी। आंटी अपनी गांड उठा उठा कर अपनी चूत मुझसे चटवा रही थी और मजे ली रही थी। 

अब आंटी की चूत काफी ढीली हो गयी थी और मेने अपना पजामा उतारते हुए लंड को आंटी की चूत पर रख दिआ। आंटी मेरा मोटा लंड देख और भी  उत्तेजित हो गयी और मेने अपना लंड आंटी की चूत में घुसना शुरू कर दिआ। 

आंटी की रोज चुदाई ना होने के कारण मेरा लंड उनकी चूत में फसते हुए अंदर जा रहा था और आंटी दर्द के साथ  मजा ले रही थी। आंटी अपने दोनों चुचे हाथ में दबाते हुए मेरे लंड को सेहेन कर रही थी। 

अब मैने एक जोर से झटके से अपना पूरा लंड आंटी की चूत में घुसा डाला। आंटी ने बड़ी सी आह भरी और वापस बिस्तर पर लेट गयी। अब आंटी की चुदाई मेने शुरू कर दी। जोर जोर से मै अपना लंड आंटी की चूत पर मार रहा था और आंटी आआअह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह करती हुई चुद रही थी। 

आंटी की ऐसी चुदाई शायद ही पहले किसी ने की थी इसलिए आंटी जोर जोर से अपनी चूत में मेरा लंड लिए जा रही थी। अब मेने आंटी की गांड के छेद पर रख दिआ और झटका मारते हुए गांड में  लंड घुसाने डालने लगा। 

आंटी एकदम से चिल्लाई और मुझे रोकते हुए थोड़ा सा थूक अपनी गांड के छेद पर लगाकर उसे मलने लगी। अब आंटी ने मुझे लंड घुसाने के लिए कहा और मेने वापस से लंड गांड में डालने की कोशिश करि। थोड़े जोर के बाद आंटी की गांड में मेरा आधा लंड चला गया। 

आंटी ने मुझे उतने में ही रोका और चुदाई करने को कहा। आधा लंड अंदर बाहर करते हुए में आंटी की गांड मारने लगा और आंटी दर्द और मजे से करहाती हुई बिस्तर पर मुरे लंड से चुदते हुए मजे। 

 आंटी की गांड में आधा लंड मुझे गुस्सा दिला रहा था इसलिए मेने जोर का धक्का मरते हुए आंटी की गांड में पूरा लंड घुसा दिआ। आंटी दर्द से चिल्लाने लगी पर मेने चुदाई नहीं रोकी और उनकी गांड जोर जोर से मारने लगा। 

आंटी दर्द से आअह्ह्ह अह्ह्ह कर रही थी और मेने उनकी गांड का छेद चुदाई कर कर के और भी बड़ा कर दिआ और आंटी को चुदाई का असली मजा दिआ। कुछ देर बाद आंटी ने मुझसे दुबारा चूत चोदने के लिए कहा और मेने वापस से लंड चूत मे डालकर चुदाई करनी चालू करि। 

आंटी अब अपनी चूत जोर जोर से मसलने लगी और कुछ ही देर बाद आंटी की चूत कसाव लेने लगी और पानी छोड़ने लगी। मेने चुदाई जारी रखते हुए उनकी चूत की गहराई तक लंड डाल दिआ और उनकी चूत पूरी झड़ गयी। 

आंटी को उस दिन चरमसुख का पूरा मजा मिला था और आगे भी मैने आंटी की चुदाई जारी रखी और चूत की चटाई का आनंद दिआ। 

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