आंटी की रसीली चुत की करि मदमस्त चुदाई

यह बात  हमारे ही इलाके की एक आंटी के बारे में जिसका गली में बहुत नाम बदनाम था। आंटी का नाम नीता था जो दिखने में बहुत ही ज्यादा सुन्दर थी और उनका शरीर भी किसी अप्सरा से काम नहीं था। 

नीता आंटी जब भी चलती थी उनकी गांड ऊपर ऊपर निचे होने लग जाती थी। अब कोरोना काल आ गया जिसकी वजह से सभी लोगो को घर में बंद होना पड़  गया। मै भी ज्यादातर अंदर ही रहा करता था और आंटी के बारे में ही सोचा करता था। 

अब कोरोना आये हुए महीने हो गए थे और अब ज्यादा लोग इस बीमारी से डर भी नहीं रहे थे। नीता आंटी भी अपने घर में ही रहा करती थी पर उनके पति की जॉब शहर के बहार थी इसलिए वह भी वही रुक गए थे।

2 महीने से नीता आंटी अपने पति से नहीं मिली थी और उसकी शकल पे साफ़ उदासी देखि जा सकती थी। मेरी मम्मी मुझे नीता आंटी से दूर रहने के लिए कहा करती थी पर मेरे दिल में तो बस उनकी ही चुदाई के ख्याल आते रहते थे। 

मुझे पता था नीता आंटी को २ महीने से चुदाई का मौका भी नहीं मिला है क्युकी उनके पति घर से बाहर है और वह कही बाहर भी नहीं जा पा रही थी। अब मै नीता आंटी के घर के सामने ही खेल रहा था और घूम रहा था और उनका गेट भी खुला हुआ था। 

आंटी अंदर से मुझे ही देख रही थी और घूमते हुए मेरी नजर भी उनसे ही मिल रही थी। अब आंटी ने इशारा करते हुए मुझे अंदर बुलया और मुझसे कहा की मै उनके घर में ऐसे घूर क्यों रहा हु। 

मेने आंटी से कहा की वह आजकल बहुत ही ज्यादा उदास सी दिख रही है इसलिए मै यह देख रहा था की कही उन्हें कोई परेशानी तो नहीं हो रही है।  अब नीता आंटी ने मुझे कहा की उनकी जो परेशानी है उसका हल मेरे पास नहीं है। 

लड़की दोस्त के साथ पार्क और चुदाई का चक्कर

आंटी की गीली चूत का स्वाद लिआ और करि आंटी की चटाई 

आंटी से मेने कहा की वह मुझे बस अपनी परेशानी बता दे बाकि मै उनका हल उन्हें दे ही दूंगा। आंटी ने कहा की वह बाहर न जाने की वजह से बहुत दुखी है क्युकी वह कही घूम भी नहीं सकती थी। 

आंटी से मेने कहा की कोरोना के जाने के बाद वह जी भर कर घूम सकती है और तब उनके पति भी घर आ ही जायेंगे। आंटी यह बात सुनकर मुझे कहने लगी की उनके पति उनसे प्यार नहीं करते इसलिए वह किसी और के साथ ही बाहर घूमने के लिए जाएँगी। 

मेने कहा की अगर ऐसी बात है तो मै उनके साथ चल लूंगा क्युकी मुझे भी घूमने का काफी शोक था। नीता आंटी ने कहा की घूमने का मतलब बस बाहर जाना ही नहीं होता वह दो लोगो का प्यार भी जरूरी होता है। 

मेने आंटी से कहा की मै भी प्यार से बहुत भरा हु और साथ घूमने के बाद किसी को भी अच्छे से प्यार कर सकता हु। आंटी ने कहा की छोटे हो इसलिए प्यार का मतलब नहीं जानते हो वरना मेरे साथ घूमने के लिए हां नहीं करते। 

मेने आंटी से कहा की में छोटा नहीं हु क्युकी मै अच्छे से जनता हु की दो लोग प्यार कैसे करते है। आंटी ने मुझसे कहा तो बताओ कैसे होता है प्यार। मेने कहा शुरू में दो लोग एक दूसरे को चूमते है और फिर आगे भी कई चीजे होती है। 

आंटी ने मुझसे पूछा की कैसे चूमते है। मेने कहा की वह एहसास बताया नहीं जा सकता बस महसूस करवाया जा सकता है। आंटी ने कहा तो ठीक है आओ मेरे पास और मुझे वो एहसास महसूस कराओ जिसमे प्यार होता है। 

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आंटी की चूत को जोर जोर से चाटकर चुदाई करि 

अब मै आंटी के पास जाकर बैठ गया और खुद आंटी ने मेरा मुह्ह पकड़ते हुए मेरे होठो चूमना शुरू कर दिआ जिसके बाद मै भी मस्त उनके होठो को बारी बारी से चूसने लगा और चुम्बन का मजा देने लगा। 

अब कुछ देर मे मेने आंटी के ब्लाउज में हाथ डालते हुए उनके चुचो को मसलना शुरू कर दिआ और आंटी एकदम ही गरम हो गयी। आंटी का ब्लाउज और ब्रा मेरे दोनों निकलकर कोने में फेक दी और हम दोनों एक दूसरे के जिस्म से लिपट गए। 

आंटी मेरे होठो को जोर जोर से चूस रही थी और अब मै निचे जाते हुए उनके बूब्स को बारी बारी से चूमने लगा। बारी बारी से मै उनके बूब्स की निप्पलों को अपने होठो से चूसने लग गया और आंटी आहे भरने लगी। 

अब आंटी ने मुझे निचे धक्का देना शुरू कर दिआ जिसका मतलब मै समझ गया। अब मेने आंटी की साडी और पेटीकोट दोनों निकाल दिए और उन्हें नंगा कर दिआ। आंटी की काली रंग की पैंटी उनकी चूत के पानी से भीग चुकी थो जिसको मेने आंटी से अलग कर दिआ। 

आंटी की चूत पर मेने अपने दोनों होठो से अब चुसाई शुरू कर दी और आंटी मेरा सर चूत में घुसाते हुए मुझसे अपनी चूत चटवाने लगी। आंटी को बहुत मजा आने लगा इसलिए मेने अपनी जीभ जोर जोर से चलनी शुरू कर दी और आंटी का पूरा बदन सिसकने लगा। 

अब आंटी की चूत एकदम गीली हो चुकी थी और लंड लेके को तैयार थी इसलिए मेने अपना लंड आंटी की चूत की फांको में फिराना शुरू कर दिआ और एक ही झटके में आंटी की चूत में अपना लंड घुसा डाला। 

आंटी की चुदाई मेने जोरो से शुरू कर दी और आंटी जोर जोर से आहे भरने लगी। आंटी मुझे रुकने को कहने लगी पर मेने उनकी एक न सुनी और उनकी चूतमे अपना लंड तेजी से आगे पीछे करने लगा। 

आंटी अपने हाथ से चूत मसलते हुए चूत मरवाने लगी और आंटी का बदन भी ऐठने लग गया।  अब आंटी की चूत टाइट होना शुरू हो रही थी  जिसका मतलब वह अपनी  चूत  से पानी छोड़ने वाली थी। 

मेने भी आंटी की चुदाई की रफ़्तार बढ़ा दी और खूब तेजी से आंटी की गहरी चूत तक अपना लंड देने लगा और अचानक आंटी की चूत से सफ़ेद पानी आने लगा और वह झड़ना शुरू हो गयी। 

आंटी अपनी चूत तेजी से रगड़ने लगी और मेरे लंड की चुदाई से उनकी चूत से सारा पानी बिस्तर पर निकल गया और वह शांत हो गयी। 

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