शिल्पी आंटी को ब्लैकमेल करके चोदा और गांड मारी

आज की कहानी में आपका आप मानव अभिनन्दन करता हु। यह कहानी थोड़ी छोटी है पर आपको पूरा मजा देगी। तो यह किस्सा मेरी पड़ोसन वाली शिल्पी आंटी का है जो की दिखने में बहुत ही सेक्सी थी।  आंटी के पति उनसे थोड़े ज्यादा उम्र के थे जो ज्यादातर काम के लिए घर से बहार ही रहा करती थी। शिल्पी का सभी लोगो से अच्छा व्येवहार था और वह हमारे घर भी आया जाया करती थी। 

जून जुलाई का वक्त था हमारी गर्मिओ की छुट्टिया चल रही थी। मै और मेरे दोस्त हर दिन की तरह अपनी अपनी साइकलो पे घूम रहे थे। कुछ दूर जाने के बाद मेने थोड़ा और घूमने का फिसला किआ। पर जैसे ही में आगे गया मेने शिल्पी आंटी को इसी आदमी के साथ देखा।  मुझे देखते ही आंटी ने मुझसे छिपना चाहा पर वह छिप नहीं पायी। शाम के समय आंटी हमारे घर आई और मुझे हस्ते हुए देख हसने लगी। आंटी ने मुझे इशारा करते हुए घर बुलाया और कुछ समय बाद में वह चला भी गया। अब आंटी ने मुझे प्यार से बिठाया और सामने बैठते हुए बोली : अमन जो तुमने कल देखा अपनी मम्मी को तो नहीं बताया ना ? मैने ना करते हुए सर हिलाया। आंटी खुश होते हुए बोली बता अमन तुम क्या खाना है में तुम्हारे लिए वही बनाके लाती हु। 

अब मोका देखते हुए मैने आंटी को खाने के लिए मना कर दिआ।  आंटी ने कहा बताओ फिर तुम क्या चाहिए में तुम वही चीज लाके दे दूंगी।  तुम बहुत ही अच्छे बच्चे को जिनको इनाम मिलना ही चाहिए। आंटी ने कुछ पैसे निकले और मुझे देते हुए बोली: लो तुम जो पसंद है ले लेना।  मेने पैसे दूर करते हुए आंटी को देखा और आंटी से बोला। मै अच्छा हु पर अकेला भी हु और मुझे बस थोड़ा प्यार चाहिए।  आंटी समझी नहीं और सही से बोलने को कहने लगी 

शिल्पी आंटी की चिकनी टाँगे 

मैने बिना सोचे समझे आंटी से किस करने के लिए बोल दिआ।  शिल्पी आंटी  एकदम से गुस्सा होने लगी और मुझसे डाटने लगी।  मै गुस्से में वह से उठने लगा तब आंटी ने मुझे रोका एवं, और कुछ मांगने के लिए कहने लगी।  मेने मना करते हुए अपने कदम बढ़ाये तो आंटी ने सर झुकाते हुए मुझे कहा की थीक है तुम जो चाहते हो कर लो पर यह आखिरी बार होगा। मैने कुछ देर सोचा और हां करते हुए वापस बेथ गया और शिल्पी आंटी को मैक्सी पहनने के लिए बोल दिआ।  मैक्सी में आंटी बहुत ही सुन्दर लग रही थी जिससे मेरा लंड पहले ही खड़ा होने लगा था।  अब मै आंटी के पास गया और उनको बेड पर बिठाते हुए किस करना शुरू कर दिआ।  

कुछ ही देर में शिल्पी आंटी ने भी मुझे चूमना शुरू कर दिआ और जोर जोर से मेरे होठ चूसने लगी। मैने भी अब आंटी की मैक्सी अपने हाथो से ऊपर करि और उनकी चिकनी टांगो पर हाथ फिरने लगा।  आंटी का बदन गरम होने लगा था और मुझे वह बहुत जोर से बाहो में भरने लगी। उनके चुम्बन बढ़ते जा रहे थे और वह मेरे होठो को भी अब पूरी हवस से चूस रही थी। मैने आंटी की मेक्स ऊपर करते हुए उन्हें उतरने को कहा।  

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आंटी चूसती रही लंड और चुदवाई चूत 

आंटी ने बिना कुछ बोले ही झटके से अपनी मैक्सी उतारी और अब वह सिर्फ अपनी लाल पैंटी और ब्रा में थी।  मै आंटी को देख बहुत चौक चूका था मैने आंटी की ब्रा उतारी और उनके बूब्स दबाने शुरू कर दिए।  आंटी कामवासना में पूरी तरह से खो चुकी थी और मुझे अपनी और खींचे जा रही थी। आंटी ने उठते हुए अब मेरे कपडे भी उतारने शुरू कर दिए।  मेरे पजामे तक जाते ही आंटी ने पजामा उतारते हुए मेरा लंड जोर जोर से हिलाना शुरू कर दिआ और अपने मुह्ह में लेके लंड चूसने लगी।  

आंटी किसी लॉलीपॉप की तरह मेरा लंड खाये जा रही थी और में अपनी हवस के आनंद में खोया हुआ था। आंटी बिना रुके मेरा लंड चूस रही थी और मेरा लंड पूरा सख्त हो गया था। मैने आंटी को रोकते हुए बिस्तर पे लिटाया और उनकी पैंटी उतार दी।  आंटी की चूत एकदम गुलाबी व पानी सी भीगी हुई थी। मैने रुके बिना शिल्पी आंटी की चूत चाटनी चालू कर दी। मुझे बहुत अजीब सी महक भी आ रही थी पर मुझे मजा भी आने लगा था।  आंटी को पूरा चाटने के बाद मेने अपना लंड उनकी चूत पर रखा और घुसना शुरू किआ।  चूत गीली होने की वजह से लंड एक ही बार में पूरा अंदर चला गया जिससे आंटी करहाने लगी। 

अब लंड घुसते ही मैने चुदाई चालू कर दी।  आंटी मेरे बाल पकड़ते हुए मुझसे चुदे जा रही थी और आह्ह्ह्ह अअअअअअह की आवाजे निकाल रही थी।  मै  पूरे जोश में आ आ गया था और पूरी ताकत से आंटी की चूत चोद रहा था।  20 मिनट की चुदाई के बाद मेरा पानी निकलने वाला था मैने एकदम से चूत से लंड निकालते हुए अपना वीर्य जमीन पर गिरा दिए और आंटी के साथ लेट गया। 

आंटी ने कहा गांड भी मारो 

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अब मेरा लंड पूरी तरह शांत हो चूका था पर आंटी की चूत की गर्मी कम नहीं हुई थी। आंटी उठते हुए मेरे ऊपर आयी और मेरा गला चुम्बन से भर दिआ।  अब मेरे रोंगटे भी खड़े होने लगे और लंड में भी जान सी आ गयी।  

आंटी निचे जाती गयी और लंड तक पहुंच कर बुरी तरह चुसने लगी।  ऐसी चुसाई से मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया और अब मैने शिल्पी आंटी को वापस निचे किआ उनकी चूत पर अपना लंड रखने लगा।  आंटी ने लंड हटाते हुए मुझसे उनकी गांड की चुदाई करने को बोला। मैने कभी किसी की गांड नहीं मारी थी।  मैने अपना लंड आंटी की गांड के छेद पे रखा और पूरी जान से झटका मारा। आंटी की चीखे निकल गयी और वह मुझे डाटने लगी। अब आंटी ने थोड़ा थूक अपनी उंगलिओ पे लिआ और गांड [पे लगाते हुए बोली अब कोशिश करो। मैने अपना लंड दुबारा गांड में घुसाया और इस बार वह आधा अंदर चला गया।  मेने आंटी की तरफ देखा तो वह आँखे बंद कर कामवासना से तड़प रही थी। मैने धक्के देते हुए लंड पूरा उनकी गांड में घुसा दिआ और उनकी चुदाई शुरू कर दी।  

आंटी को बहुत मजा आ रहा था और मै अपना लंड पूरी तरह आगे पीछे करके उनकी गांड मार रहा था। मैने चुदाई की रफ़्तार तेज कर दी और आंटी अब और तेज और तेज की रट लगाते हुए मेरी कामवासना बढ़ाने लगी।  ऐसे ही जोर की चुदाई के बाद आंटी की चूत से पानी बह गया और आंटी शांत हो गयी।  पर मेरा लंड अभी भी उनकी गांड में था और मे उनकी चुदाई कर रहा था।  अब में झड़ने वाला था और मैने पूरा लंड उनकी गांड में पार कर दिआ।  आंटी चीखने लगी पर मेरी हवस से मै पागल हो चूका था। 5 मीनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मै आंटी की गांड में ही झाड़ गया।  

मैने कपडे पहने और आंटी को अलविदा करते हुए दुबारा आने को कहा।  आंटी ने मुस्कुराते हुए सर हिलाते हुए जरूर बोला।  ऐसे ही उस दिन के बाद में आंटी की बहुत बार चुदाई कर चूका हु और कुछ हफ्ते पहले भी चूत मार्के आया हु।  

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