आंटी को अपने प्यार में फ़साके चोदा 

अनीता आंटी हमारे इलाके की सबसे सुन्दर और सेक्सी आंटी थी। जब भी वह गली में झाड़ू लगाने आती थी हर कोई उन्हें ही देखता था। अनीता आंटी की चुदाई के सपने मुझे भी कई बार आ चुके थे पर उन्हें चोदना कोई आसान काम नहीं था। 

अनीता आंटी बात करने में बहुत ही तेज थी और किसी से भी बिना काम के बाते नहीं किआ करती थी। अनीता आंटी का एक बच्चा भी था जो अभी सिर्फ 8 साल का था। यु तो में पढाई में ज्यादा अछा नहीं था पर गली में मेरी पढाई के चर्चे बहुत थे। 

अब एक दिन अनीता आंटी मेरी मम्मी से कुछ बात करने आयी। जैसे ही आंटी बात करने अपने घर चली गयी मेने अपनी मम्मी से उनके बारे में पूछा। मम्मी ने मुझे बताया की अनीता आंटी को अपने बच्चे के टूशन के लिए तुमसे मदद चाहिए थी इसलिए वह आज मुझसे मिलने आयी थी। 

अब अगले दिन अनीता आंटी ने मुझे अपने घर बुलाया और मुझे अच्छे से चाय पिलाई और अपने बच्चे की टूशन के बारे में बोला। आंटी ने मुझे कुछ पैसे बताये और कहा की मै उनके बच्चे की टूशन क्लास ले लिए करू। आंटी के पास आने का यह मौका मेने जाने नहीं दिआ। 

अब 15 दिन ऐसे ही निकल गए और मेरी और अनीता आंटी की अच्छी बातचीत हो गयी थी। अनीता आंटी से कभी कभी में मजाक भी कर लिआ करता था। इन्ही दिनों में अनीता आंटी का मेने नंबर ले लिआ था और व्हाट्सप्प पे में उनसे कई बाते भी किआ करता था। 

धीरे धीरे मेने आंटी को प्यार भरे वीडियोस भेजने शुरू कर दिए जिनपर आंटी भी अचे से जवाब देने लगी। अब आंटी मेरे जाल में फसने लगी थी और आंटी और मेरा अफैर चल पड़ा था। हम रातो को भी बाते करने लगे थे और आंटी भी मुझसे कई बार बाते करने घर आजाती थी। 

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खली घर पे आंटी को बुला लिआ 

एक दिन मम्मी को मार्किट के काम से बाहर जाना था और इससे अच्छा मौका मुझे कभी नहीं मिल सकता था। आंटी रोज अपने बच्चे के साथ मुझसे मिलने आ जाया करती थी इसलिए मुझे पता था की वह आज भी उसी समय पर आएंगी। 

अब जैसे ही आंटी अपने लड़के को लेकर आयी मेने उन्हें अंदर बुला लिआ। आंटी को मेने चाय बनाके दी और उनके बच्चे को ऊपर वाले कमरे में कुछ सवाल देकर बैठा आया। आज घर में बस मै और अनीता आंटी ही थे जो जोवन से भरे हुए थे। 

मेने अब आंटी को अंदर कमरे में बिठाया और उनसे प्यार भरी बाते करने लगा। क्कुह ही देर में आंटी भी मेरी बातो से पिघल गयी और आकर मेरी बाहो में लेट गयी। आंटी अब मुझे बहुत प्यार से देख रही थी और मेने उनके होठो पर अपने होठ रख दिए। 

बारी बारी हम एक दूसरे से होठ चूसे जा रहे थे और कुछ ही देर में हम दोनों हवस से आगोश में आ गए। आंटी और में एक दूसरे के होठो को बुरी तरह से चूसे जा रहे थे और मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया था। मेने आंटी के बूब्स दबाने भी शुरू कर दिए और आंटी गरम होने लगी। 

अब आंटी ने मेरी टीशर्ट ऊपर करते हुए उसे उतार दिआ और मेरे बदन को चूमने लगी। कुछ देर बाद मेने भी अनीता आंटी का सूट पकड़ा और खोलकर उन्हें नंगा कर दिआ। आंटी के चुचे संतरे जैसे गोल गोल थे जिनके निप्पल खड़े हो गए थे। 

मेने बारी बारी उनके निप्पलों को चूसते हुए आंटी के दोनों नितम्ब दबाने शुरू कर दिए। अब आंटी ने तभी मेरे पेंट में हाथ डालते हुए मेरा लंड हाथ में पकड़कर हिलाना शुरू कर दिआ। आंटी उठी और मुझे लिटाकर मेरे लंड को चूसने लग गयी। 

मेरा लंड मुह्ह में लेकर आंटी अपना सर जोर जोर से ऊपर निचे कर रही थी और मेरे लंड की सुपाडे को चाटे जा रही थी। मेरा लंड पूरी तरह से अकड़ गया था और अब आंटी ने अपनी सलवार खोलकर खुद से अलग कर दी। 

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आंटी और मेने करि गर्मास भरी चुदाई 

आंटी ने अपनी काली रंग की पैंटी जो की उनके चूत के पानी से भीग गयी थी निकलकर अलग फेक दी। आंटी मेरे लंड को पकड़ती हुई उसे अपनी चूत में लेकर बेथ गयी। आंटी की चूत अंदर से बहुत गरम थी जो की मेरे लंड पर मुझे महसूस हो रहा था। 

अब आंटी ने मेरे लंड पर ऊपर निचे होते हुए अपनी चूत चुदवाना शुरू कर दी। आंटी तेजी से मेरे लंड पर उछलते हुए चुदाई करवाती जा रही थी। आंटी जैसे ही थक गयी मेने उन्हें अपनी बाहो में ले लिआ और निचे से अपने धक्के शुरू कर दिए। 

मेरे तेज धक्को से आंटी के मुह्ह से आह्ह्ह्ह अह्ह्ह की आवाजे आने लगी जो वह मेरे कान में निकाले जा रही थी। पूरे कमरे में आंटी की चुदाई की आवाज आ रही थी। मै भी अपना लंड आंटी की चूत पर जोर जोर से ठोके जा रहा था और आंटी को चुदाई का मजा दे रहा था। 

आंटी भी अब तेज तेज आहे लेने लगी थी और मेरा भी चुदाई करते करते बुरा हाल हो गया। मेरे लंड से पानी निकलना शुरू हो गया था और मै अभी भी आंटी की चूत में अपना लंड पेलेम पेल अंदर बाहर कर रहा था। 

तभी मेरे लंड में अकड़ आने लग गयी और मेरा वीर्य निकलने को हो गया। मै खुद पर बिलकुल काबू न कर सका और आंटी की चूत में अपना लंड अंदर तक डालता हुआ चुदाई में खो गया। एकदम ही मेरा सारा गरम गर्म वीर्य आंटी की चूत में बह गया और आंटी झटके से मेरे लंड से उतर गयी। 

आंटी मुझपर गुस्सा हो रही थी की मेने उनकी चूत में ही सारा वीर्य गिरा दिआ और अब उन्हें दवाई खानी पड़ेगी। पर उस दिन के बाद भी मेने और अनीता आंटी ने चुदाई का माँ बहुत बार लिआ और एक दूसरे की प्यास बुझाई। 

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