आंटी को बनाया रंडी और घोड़ी बनाके खूब चोदा

कुछ ही दिन पहले सामने वाले घर में एक जोड़ा रहने के लिए आया था। अंकल कुछ बूढ़े से दिख रहे थे और वही आंटी एकदम जवान और यौवन से भरी हुई थी। आंटी को देख कोई भी यह नहीं बोल सकता था की वह पति और पत्नी है। 

आंटी की गांड एकदम उठी उठी और गोल थी जिसे देख मेरा लंड खड़ा हो जाता था और आंटी के बूब्स भी किसी लड़की की तरह अकार में थे जिन्हे चूसने को दिल हमेशा बोला करता था। 

आंटी को देख कोई भी बता सकता था की वह अंकल के साथ खुश नहीं थी। पर आंटी की ख़ुशी से ज्यादा मुझे आंटी की चुत मारने के लिए नए नए प्लान दिमाग में आते रहते थे। 

उन प्लानो में से एक था आंटी को पटाने जो की बहुत मुश्किल था। पर अब मेने आंटी को लाइन मारना शुरू कर दिआ और पता नहीं कैसे आंटी मुझ से पट भी गयी। आंटी मुझसे दिन रात फोन पर बाते भी करती। 

आंटी कई बार मुझे उनकी नंगी तस्वीरें भी भेजा करती थी जिसे देख मै  अपने लंड को रगड़ा करता था। अब शयद आंटी को मुझसे प्यार हो गया था और आंटी भी अपनी चुत मरवाने के लिए बेकरार थी। 

अब कुछ दिन बाद आंटी ने मुझे उनके घर बुलाया और कहा की वह मुझ से कुछ बात करना चाहती है। मै भी अब दिन के समय आंटी के घर चला गया और आंटी ने हम दोनों के लिए ही चाय बनाई। 

पड़ोसन आंटी से भिड़ाया चुदाई के लिए टाका

आंटी बन गयी मेरी रंडी और किआ मामला सेट

अब कुछ देर बाद आंटी चाय लेकर आयी और मुझे चाय दी। हम दोनों ने ही चाय पी और कुछ देर बाद आंटी ने मुझे कहा की वह मुझ से कुछ कहना चाहती है जो वो बहुत पहले से कहना चाहती थी। 

आंटी ने मुझे कहा की वह मुझसे बहुत प्यार करती है और मेरे साथ एक होना चाहती है। आंटी ने कहा अगर मै चाहु तो वह मेरी रंडी भी बन जाएगी और जैसा मै बॉलुंगा वह करेंगी। 

अब मै एकदम चुप रहा जिसे आंटी ने मेरी हां समझ लिआ और मुझ पर चढ़ कर बैठ गयी। अब आंटी ने अपने होठ मेरे होठो से मिलाये और उन्हें चूसना शुरू कर दिआ। 

आंटी मेरे होठो से अच्छे से चूसे जा रही थी और किसी रंडी की तरह मेरे लंड के लिए पागल हो गयी थी। अब आंटी ने अपना एक हाथ मेरे पजामे में डाला और लंड को हिलाना शुरू कर दिआ। 

आंटी मेरे लंड को तेजी से हिला रही थी जिससे वह बहुत मोटा हो गया और आंटी ने अब मेरे लंड को अपने मुह्ह में लेकर चूसना भी शुरू कर दिआ। आंटी की चुसाई मुझे बहुत ही अछि लग रही थी जिससे मेरा लंड और लम्बा हो गया था। 

अब आंटी ने अपने सारे कपडे निकाल दिए और मुझे ऊपर से लेकर निचे तक चूमा। आंटी की हवस उनके चेहरे पे दिख रही थी जिसके बाद आंटी ने कोने में से एक कंडोम का पैकेट निकाला और कंडोम मेरे लंड पर चढ़ा दिआ। 

चाची को भी थी मेरे मोटे लंड की जरूरत अपनी चुत के लिए

आंटी ने रंडी बनकर चुदवाई अपनी चुत

अब आंटी ने मेरे लंड को अच्छे से खड़ा किआ और मेरे लंड के ऊपर अपनी चुत को रख दिआ। एक ही बार में आंटी मेरे लंड को अपनी चुटकी अंदर लेकर चली गयी और अपनी चुत मरवाने लगी। 

मुझे भी चुदाई का मजा मिल रहा था वो भी बिना किसी मेहनत इसलिए में चुप चाप नंगा बिस्तर पर लेटा हुआ था। अब आंटी मेरे लंड पर जोर जोर से कूदने लगी जिससे मेरा लंड उनकी चुत में और अंदर तक जाए। 

अब आंटी मेरे लंड से अपनी चुत को अच्छे से चुदवा रही थी और मेरे लंड से भी पानी निकलने ही वाला था। आंटी अपनी चुत को अच्छे से मेरे लंड से चुदवा रही थी और आहे भी भर रही थी। 

आंटी आह्हः अह्ह्ह करती हुई मेरे लंड को अपनी चुत में लिए जा रही थी और मेरे लंड से पानी की धार भी आने ही वाली थी। अब मै अपनी चरमसीमा पर पहुंच गया था और मेरे लंड से वीर्य गिरने वाला था। 

इतने में आंटी मेरे लंड से एकदम से उतर गयी और मेरे लंड को अपने मुह्ह में लेकर चूसा और सारा वीर्य एक ही बार में पी गयी। 

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