आंटी ने घर आके चुदवाई अपनी चुत – 1

आप सभी ने कई आंटी की कहाणीआ सुनी होगी पर यह वाली उन सभी से अलग है क्युकी इस कहानी में  चुत मुझे चुदवाई और हम दोनों ने ही उस दिन चुदाई करके एक दूसरे से खूब मजा किआ। तो चलिए सुनते है कैसे। 

मेरी मम्मी की कई दोस्त थी जो की उनके साथ बचपन से ही साथ चलती आ रही थी। शादी के बाद भी मम्मी की दोस्त उनसे दूर नहीं हुई और वह आज भी मम्मी से मिलने के लिए घर आती रहती थी। 

आज भी कुछ ऐसा ही हुआ और मम्मी की एक दोस्त घर पर उनसे मुलने के लिए आयी थी पर मेने इस औरत को आज से पहले मम्मी के साथ कभी भी नहीं देखा था। उन्होंने मेरी मम्मी का नाम लेते हुए कहा की क्या मै उन्ही का बेटा हु। 

मेने हां भरी और आंटी ने मुझे कहा की वह मेरी मम्मी की बहुत ही ज्यादा पुरनी दोस्त है। पर दिखने में वह आंटी मुझे बहुत ही ज्यादा जवान दिख रही थी और मुझे लग नहीं रहा था की वह मेरी मम्मी की दोस्त हो सकती है। 

मेने फिर भी उन्हें कुछ न कहते हुए घर के अंदर आने के लिए कहा और वह एक ही बार में घर में आकर बैठ गयी। अब मेने आंटी को बताया की मम्मी किसी काम से आज बाहर गयी है  शाम तक ही वापस आने वाली है। 

उन्होंने कहा की वह मेरी मम्मी से मिलने बहुत ही दूर से आयी है और वह शाम तक रूककर ही जाएँगी। मेने मम्मी को भी अब फोन कर दिआ और उन आंटी का नाम बताया जिसके बाद मम्मी ने मुझे कहा की मै उनकी खातिरदारी करू जबतक मम्मी नहीं आती है। 

मेने आंटी को चाय और कुछ चीजे खाने क दे दी। अब आंटी ने मुझ से ही बाते करना शुरू कर दिआ। आंटी ने मुझे कहा की मै पहले से बहुत ही ज्यादा बड़ा और जवान हो गया। और अब मै अपने बचपन से बहुत अलग भी दीखता हु। 

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आंटी ने दिखाई अपनी जवानी 

अब आंटी से बाते करते हुए ऐसे ही काफी समय हो गया और हम दोनों अब टीवी देखने लग गए। आंटी चाय पिने के बाद कुछ देर के लिए आंखे बंद करके लेट गयी जिससे उनकी आंख लग गयी थी। 

मै अब आंटी का जिस्म निहार रहा था की वह ज्यादा उम्र की दिखती भी नहीं है और उनके बूब्स भी काफी गोल और गांड भी अच्छे से मोती हो रखी है जैसे वह चुदाई कराते हुए उसे भी मरवाती हो। 

आंटी को मै देख ही रहा था की आंटी ने अपनी आंखे खोली और मुझे देख लिआ और मेने अपनी नजर जल्दी से हटा ली। आंटी ने मुझे कहा की उनकी उम्र ज्यादा है पर वह दिखने में किसी लड़की जैसी ही है और यह बात वह भी जानती है। 

मुझे थोड़ी सी शर्म आ गयी। आंटी ने मुझे कहा की वह जानती है इस उम्र में चीजों को जानने की उत्सुकता रहती है और लड़को का लड़कीओ की तरफ थोड़ा ज्यादा आकर्षण रहता ही है। 

मुझे अब शर्म आ रही थी और आंटी ने मुझे देखते हुए कहा की शर्माने की बात नहीं है और आंटी ने अपने बूब्स पकड़ते हुए कहा की देखो यह कितने बड़े है जो की बहुत ही ज्यादा आकर्षक है। 

मेने अब आंटी के बूब्स को अच्छे से देखा और वे सच में बड़े थे। आंटी से मेरी बाते ऐसे ही काफी देर तक चल रही थी और आंटी ने मेरे बारे कई बाते पूछनी शुरू कर दी। 

आंटी ने मुझे कहा की क्या मेरी कोई गर्लफ्रेंड है या मेने ऐसे ही अकेला जवानी में घूम रहा हु। मेने आंटी के मना किआ और कहा की कोई भी लड़की मुझे शायद पसंद नहीं करती है इसलिए मै अकेला ही हु। 

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आंटी ने कपडे खोल दिखाया अपना जिस्म 

अब आंटी ने मुझे कहा की मै दिखने में तो काफी लड़क से अच्छा हु तो अभी भी मै अकेला क्यों हु। मेने आंटी के कहा की यह बात मुझे भी समझ नाही आ रही है। आंटी ने मुझे कहा की क्या मुझे कोई शारीरिक बिमारी है। 

मेने आंटी से मन कर दिआ और अब आंटी ने कहा की क्या में एक गे तो नहीं हु जो लड़को को पसंद करता हु। मुझे गुस्सा आ गया और मेने आंटी से कहा की मै लड़का ही हु और मै लड़कीओ को ही पसंद करता हु। 

मेने आंटी से कहा की अभी उन्होंने जब अपने बूब्स दिखाए मेरी नजर भी उन पर थी और उन्हें देख कर मुझे कई एहसास भी हुए थे। अब आंटी हसी और आंटी ने कहा की अच्छा तो आखिर सच बाहर आ ही गया। 

आंटी ने मुझे कहा की वह मुहे आजमा के देख रही थी की मै उनके बारे में क्या सोचता हु और जैसा वह सोच रही थी मै वैसा ही हु जो उनके जिस्म को देखने की लालसा रखता हु बाकि लड़को की तरह। 

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