आंटी और उसकी बेटी को एक साथ दिआ लंड का मजा

हम उस मकान में कुछ 6 सालो से किराये पर रह रहे थे और हमारी अपने मकानमालिक से काफी अछि बात चित थी। आंटी की एक बेटी भी थी जो की अब काफी बड़ी हो आयी थी और बचपन से वह मेरे साथ ही खेलत हुई भी आयी थी। 

हम दोनों की उम्र में ज्यादा फर्क नहीं था वह मुझसे शायद 1 ही साल बड़ी थी इसलिए हम दोनों में यही दोस्ती भी थी। वह लोग बहुत ही पैसे वाले थे इसलिए आंटी भी अपनी जवानी पर खूब पैसे उदय करती थी। 

आंटी की उम्र ज्यादा हो गयी थी पर वह अब भी किसी माल से कम नहीं थी। कई बार तो में आंटी को चोदने के लिए ही सपने देखने लगता था पर उनसे ज्यादा मेरी नजर उनकी बेटी पर थी। दिया के बूब्स बहुत ही मोटे थे जिनपर मेरी नजर हमेशा अटक जाती थी। 

और वह जब भी हस्ती थी उसके दोनों मुलायम बूब्स कूदने लगते थे। एक दिन की बात है जब मै दिया से उसके बॉयफ्रेंड के बारे में बात कर रहा था और वह मुझे बता रही थी उसका बॉयफ्रेंड उसे कितना प्यार करता है। मेरी नजर उसके बूब्स पर थी की तभी मुझसे आंटी ने देख लिआ। 

आंटी को समझ आ गया की में दिया के बूब्स ही देख रहा था और उन्होंने मुझे अकेले में बात करने के लिए बुलाया। आंटी ने मुझसे बुलाकर प्यार से कहा की यह मेरी जवानी के दिन है इसलिए वह मुझे डाटने की बजाए समझा रही है। 

आंटी ने बोला की एक समय पर उनके पास भी दिया जैसा शरीर था जो की अब थोड़ा ढल गया है। मेने आंटी को देखते हुए एक मुस्कान दी और कहा की वह अभी भी बहुत ही ज्यादा खूबसूरत है। आंटी मुझसे शर्मा गयी और कहने लगी की नहीं अब उनकी उम्र भी ज्यादा हो गयी है। 

मेने फिर आंटी को पिघलते हुए कहा की वह अब भी दिया की बेहेन जैसी लगती है जिसपर कोई भी मर्द लट्टू हो जाये। आंटी हसी और मुझसे पूछा की क्या मै बह उनपर लट्टू हु ? मेने हां बोलते हुए कहा की आपको देखकर मुझे कई बार लगता है की मै आपको बहुत प्यार करने लगु। 

आंटी की चूत का रसपान – आंटी की मारी चूत और दिए चरमसुख

आंटी की चुदाई करते देख लिआ उनकी ही बेटी ने 

आंटी मेरी बात समझ गयी थी और अब में उनके थोड़ा करीब चला गया। आंटी के बूब्स थोड़े ढीले थे पर उनकी चुदाई का मेरा सपना भी अभी बाकि था। आंटी ने मेरे सर पर हाथ रखते हए मुझे खींचा और हम दोनों किस करने लगे। 

मै और आंटी दोनों ही भूल गए की हम दोनों घर पर अकेले नहीं थे और मै आंटी के ऊपर हावी हो गया। आंटी और में पूरी तरह से गरम हो गए और आंटी ने मेरे लंड को हाथ से पकड़ते हुए हिलाना शुरू कर दिआ। मेरा लंड भी पूरी तरह से खड़ा हो गया। 

आंटी के सूट को मेने एक ही झटके में उनके बदन से अलग करते हुए उन्ह नंगा कर दिआ और उनकी ब्रा खोलकर उनके ढीले बूब्स चूसने लगा। आंटी हवस से भर गयी थी और उन्होंने मेरे बह सरे कपडे उतरवा दिए। आंटी ने मुझे लिटाते हुए मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिआ। 

कुछ ही देर में मेरा लंड पूरा मोटा और खड़ा हो गया था। आंटी की हवस उनके चेहरे पर साफ़ दिख रही थी और अपनी चूत मसलते हुए आंटी मेरे लंड पर बेथ गयी और उसे अपनी चूत में ले लिआ। एक ही बार में मेरा पूरा लंड आंटी की मोती चूत में घुस गया और आंटी मुझसे चुदने लगी। 

आंटी जोर जोर से मेरे लंड पर कूदते हुए अपनी चूत की चुदाई करवा रही थी और मजे ले रही थी। अब आंटी के मुह्ह से आहे निकलना शुरू हो गयी जो कमरे में गूंजने लग गयी और शायद यह सब दीया ने सुन लिआ। 

दिया के पास आने की आवाज जैसे ही आंटी ने सुनी वह मेरे लंड से उतर कर चद्दर ओढ़कर बेथ गयी और दिया एकदम से कमरे में आ गयी। दिया सब समझ गयी थी की मै और आंटी अभी चुदाई कर रहे थे और वह यह देख वापस अंदर कमरे में भाग गयी। 

दोस्त को बनाया अपनी चुदाई का साथी – कॉलेज फ्रेंड के साथ चरमसुख का मजा 

बेटी को मनाने के लिए उसकी चूत को भी दिआ अपने लंड का मजा

दिया जैसे ही कमरे में गयी मेने अपना कच्छा पहना और उसे समझाने के लिए उसके पीछे भाग पड़ा। आंटी अब अपनी बेटी से कुछ कह भी नहीं सकती थी इसलिए मेने ही सब सँभालने की कोशिश करनी शुरू कर दी। 

मेरा लंड अब भी खड़ा ही था पर मै वैसे ही दिया के पास गया और उससे इस सब के लिए माफ़ी मांगने लग गया। दिया की नजर जैसे ही मेरे खड़े लंड पर गयी वह चौक गयी और मेरे लंड को की देखने लग गयी। 

मेने दिया से कहा की वह ये बात किसी को भी ना बताये क्युकी इससे उसकी मम्मी की ही बदनामी हो जाएगी। मेने दिया से कहा की वह जो भी कहेगी मै करने के लिए तैयार हु और जो भी सजा होगी में भुगत लूंगा। 

यह बात शायद दिया को समझ आ गयी और उसने मौका देखते हुए मुझे कहा की दरवाजे को अंदर से बंद कर दो। मेने वैसा ही करते हुए गेट अंदर से लगा लिआ और अब दिया ने मुझे कहा की मै अपना कच्छा भी उतार दू। 

मै समझ गया की दिया भी शयद अपनी चुदाई चाहती है इसलिए मै उसके सामने नंगा हो गया और मेरा आधा खड़ा लंड देख वह ऐसे चौक गयी की उसने पहले कभी लंड देखा ही ना हो। दिया ने मुझे कहा की अब अपनी आंखे बंद करके बिस्तर पर लेट जाओ। 

मै नंगा ही बिस्तर पर लेट गया और कुछ देर बाद दिआ का शरीर मुझे मेरे ऊपर महसूस हुआ। मेने जैसे ही अपनी आंखे खोली दिया नंगी मेरे जिस्म पर चढ़ रही थी और मेरे लंड से खेल रही थी। अब दिया ने मेरा लंड हाथ में लेते हए उसे हिलाने लगी। 

कुछ ही देर में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया जिसे दिया ने अपने मुह्ह में ले लिआ और चूसने लगी। अब मेने दिया और पकड़ते हुए उसे ऊपर खींचा और उसे निचे कर उसके बूब्स को चूसने लगा। दिआ के मोटे बूब्स में अपने एक हाथ से दबाते हुए चुस्त जा रहा था जिससे दिए पूरी गरम हो गयी। 

अब दिया ने मुझे ऊपर खींचते हुए किस करना शुरू कर दिआ और मेरे होठो रसपान करने लगी। दिया के नरम होठ मै भी मजे से चूसते हुए उसे मजे दे रहा था और निचे अब दिया की चूत में खुजली होना शुरू हो गयी थी। 

अब मै दिया की चूत की तरफ गया और उसपे हाथ फेरते हए फांको को खोल दिआ। दिया की सील टूटी हुई थी इसलिए मेने अपना लंड उसकी चूत में फसा दिआ और एक ही झटके में अपना लंड दिया के चूत से घुसा डाला। 

मै रिया की चुदाई जोर जोर से करने लगा और दिया को भी अब मजा आ रहा था। वह अपने बूब्स दबाती हुई मेरे लंड के धक्को का मजा ले रही थी और अपनी चूत को मसल भी रही थी। 

आंटी की चुदाई के बाद मेरा लंड वैसे भी पूरा खड़ा हो चूका था इसलिए मेरे लंड से अब वीर्य निकलने ही वाला था और मेने अब दिया की चूत को तेजी से चोदना चालू कर दिआ। दिया की चीखे निकलने लगी और उसे और मजा आने लगा। 

मेरे लंड में तनाव बढ़ता जा रहा था और मै दिया की चूत की और गहरी चोदना चाहता था की तभी मेरे लंड से वीर्य निकलने लगा और मेने झटके से दिया की चुत के अपना लंड निकालते हुए सारा वीर्य उसकी चूत के मुह्ह पर गिरा दिआ। 

Leave a Comment