मम्मी की सहेली घर पर मिल गयी अकेली 

यह मेरी मम्मी की सहेली की कहानी जो की मेरी आंटी लगती थी। तो बात कुछ ऐसे शुरू हुई की मम्मी ने मुझे किसी काम से  आंटी के घर जाने को बोला और मेने भी गुस्सा करते हुए जाने के लिए हां कर ही दिआ। 

मम्मी ने मुझे कहा की आंटी से मुझे उनकी साडी लेके आनी है जो मम्मी ने उन्हें काफी दिन पहले दी तह। अब कुछ देर के सफर के बाद मै आंटी के घर पहुंच गया। आंटी ने गेट खोला और मुझे अंदर आने को कहा। 

मै जल्दी जल्दी अंदर गया और बैठ गया और आंटी को बताया की मम्मी ने मुझे उनकी साडी लाने के लिए भेजा है। अब आंटी ने मुझे कहा की वह साडी को बिस्तर के निचे पड़ी है। 

और ऐसा कहने के बाद आंटी निचे  बैठ गयी और झुकते हुए साडी को ढूंढने लगी। जैसे ही आंटी झुकी उनकी मोटी गांड एकदम ही  सामने आ गयी। मेने उन्हें ऐसे पहले कभी नहीं देखा था और उनकी  गांड देख कर मै बहुत चौक गया था। 

 मुझसे आंटी को ऐसे झुके देख रहा नहीं जा रहा था और अब मेने कहे होते हुए उन्हें पास से देखने के लिए उनसे कहा की क्या मै उनकी कोई मदद करू ? अब मै आंटी  करीब था  उनकी मोटी गांड मेरी नजरो के सामने थी। 

आंटी ने शायद मुझे देख लिआ था और इसलिए वह है भी रही थी पर मेने अब आंटी के और भी ज्यादा करीब जाते हुए खुद को भी निचे कर लिया और घुटनो पर आ गया। 

आंटी की नजर भी मुझ पर थी पर मेरी नजरे आंटी की गांड पर से नहीं  हट रही थी। अब मेने अपना हाथ उठाते हुए उसे आंटी की गांड पर छुवा दिआ और मुझे उनकी मुलायम गांड बहुत अछि लगी। 

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आंटी की गांड मारने की इच्छा 

आंटी ने मेरी इस हरकत पर कुछ नहीं बोला और साड़ी को ढूँढना चालू रखा। अब मेने अपना हाथ थोड़ा ढीला करते हुए आंटी की गांड के पास ले गया जिससे वह उसे छू सके। 

आंटी मुझे ही देख रही थी और उन्होंने भी अपनी गांड को थोड़ा सा पीछे कर लिआ जिससे वह मेरे हाथ पर धस गयी। हम दोनों ऐसे दिखा रहे थे की सब कुछ सामान्य है पर मेरा हाथ आंटी की गांड में चिपका हुआ था। 

अब आंटी ने मुझे कहा की शायद उन्हें मेरी मदद लेनी ही पड़ेगी। ऐसा बोलने  बाद आंटी ने मुझे कहा की उन्हें अलमारी के ऊपर देखना है शायद वह साडी  रखी हो। 

उन्होंने कहा की मै उन्हें कमर से पकड़ कर थोड़ा सा उठा दू जिससे वह ऊपर देख सके। अब जैसे ही मेने आंटी की कमर को पकड़ा मेरा लंड खड़ा होने लगा और आंटी ने एक बार ऊपर होने के  बाद वह निचे आ गयी और उनकी गांड मेरे लंड से चिपक गयी।  

हम दोनों ऐसे ही बिना हिले खड़े थे और अब आंटी ने  अपनी गांड और भी पीछे कर ली जिससे मेरा लंड बहुत ज्यादा टाइट हो गया और आंटी की गांड में जाने लगा। 

लड़की को ऐसे चोदा की हो गयी वो मेरे लंड की दीवानी

आंटी और मेने करो दमदार चुदाई 

अब आंटी की पजामी की दरार में मेरा लंड फसा हुआ था और आंटी ने कुछ देर ऐसे खड़े रहने के बाद अपना चेहरा मेरी तरफ किआ और मुझे देख कर मुस्कुराई। 

 अगले ही पल हम दोनों अब हवस से भरते हुए एक दूसरे के होठो को चूसे जा रहे थे और उनका हाथ साथ ही साथ मेरे लंड पर चल रहे थे। आंटी ने मुझे अब बिस्तर पर लिटा  जल्दी जल्दी अपनी कपडे निकालने लगी। 

 टीशर्ट निकाल दी और आंटी मेरे जिस्म पर चुम्बन करने लगी। आंटी अभी सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी और मेरे बदन पर चढ़ी हुई थी। अब मेने आंटी को पकड़ते हुए उन्हें अपने निचे कर लिआ और उनके होठो को जोर जोर से चूमने लगा। 

 आंटी भी हवस से भरी हुई आहे ले रही थी और अब मेने उनके बूब्स को चुस्त हुए  उन्हें और कामुक कर दिआ। अब मेने आंटी की टांगो के बिच आते हुए उनकी पैंटी को हटाकर चुत पर हाथ फेरा। 

आंटी की चुत एकदम चिकनी थी जो उनकी चुत के पानी से गीली हो रही थी। अब मेने अपना लंड चुत में देते हुए धक्के लगाने शुरू किये। आंटी मुझे अपनी बाहो में लेती हुई अपनी तरफ खींचे जा रही थी जिससे मेरा लंड चुत की अच्छे से चुदाई कर रहा था। 

आंटी हर धक्के के साथ आह आह करे जा रही  थी जिससे मेरी भी हवस चरम पर थी और मै चुदाई में कोई कसर ना  कम करते हुए जोर जोर से चुदाई कर रहा था। 

चुदाई से हम दोनों ही पसीना पसीना हो गए थे और आंटी की टांगो को उठाता हुआ मै अभी भी चुत में लंड घुसाए हुए अंदर बाहर कर रहा था। पर अब मेरे लंड का माल निकलने वाला था और जैसे ही मेने यह महसूस किआ मेने लंड को बाहर निकाला और जमीन पर वीर्य फेक दिआ। 

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