विधवा भाभी की मस्त चुत – 3

ये तुम्हारे मुँह और चूत के लिए कब से तैयार खड़ा है। तुम कुछ ज्यादा देर कर रही हो। भाभी- यार, तुम्हारा लंड बहुत मोटा और लंबा है। मैं यही देख रही हूं कि इसे मैं अपनी चूत में ले पाऊंगी या नहीं! 

मैंने कहा- आराम से ले लोगी, तुमने तो एक बच्चा पैदा भी कर लिया है तो तुम्हारी चूत में मेरा लंड आराम से घुस जाएगा। ये तुम्हें बिना दर्द दिए मस्त चुदाई का खूब मजा देगा। 

भाभी- लेकिन मैंने कभी भी मोटा और लंबा लंड नहीं लिया, मेरे पति का लंड तुमसे बहुत छोटा था, इसलिए डर लग रहा है। मैंने कहा- कुछ नहीं होगा तुम इसको प्यार करोगी, तो ये भी तुमको प्यार करेगा और जरा सा भी दर्द नहीं देगा। 

इसे मुँह से चूस कर प्यार करो न! भाभी- मैंने कभी भी अपने पति का लंड नहीं चूसा था। मैं तुम्हारा लंड भी नहीं चूस सकती। मैं- नम्रता, मुझे तुमसे सब कुछ कराना है और खुद भी मुझे तुम्हारे साथ सब कुछ करना है। 

तुम सोचो मत और जल्दी से मेरा लंड अपने मुँह में ले लो। भाभी मना भी कर रही थीं और मेरे लंड को सहला भी रही थीं। मैंने उन्हें उठाकर अपने लंड की तरफ कर दिया। भाभी का मुँह मेरे लंड के सामने आ गया था। 

मैंने लंड को तुनकी देते हुए कहा- शर्माओ मत नम्रता, ले लो। भाभी ने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसना शुरू कर दिया। मुझे बड़ा ही आनन्द आ रहा था। 

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भाभी हो गयी मेरे सामने पूरी नंगी 

इस तरह से कुछ समय तक भाभी के लंड चूसने से मेरा रस निकलने ही वाला था तो मैंने भाभी का मुँह अपने लंड से निकाल दिया। भाभी ने लंड पकड़ लिया और बोलीं- क्यों हटा लिया? मैंने भाभी से पूछा- तुमने कभी जूस पिया है कि नहीं? भाभी- नहीं, मैंने लंड ही नहीं चूसा था तो जूस पीने की बात ही कैसे कहूँ। 

मैंने कभी नहीं पिया है। मैंने कहा- आज पीकर देखोगी? भाभी- नहीं यार, मैं नहीं कर पाऊंगी। मैंने ज्यादा जिद नहीं की और भाभी को बिस्तर में सीधा लिटा दिया। मैंने उनकी नाईट ड्रेस को उतार दिया। 

भाभी अब मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में थीं। सच में वो एक कयामत माल लग रही थीं … एकदम जन्नत की हूर लग रही थीं। मैं उनको वासना की नजरों से निहार रहा था। भाभी शर्मा गईं और बोलीं- ऐसे मत देखो प्लीज़। 

मैंने अब ज्यादा देर करना ठीक नहीं समझा। भाभी के ऊपर चढ़ कर उनके होंठों और गालों पर बुरी तरह से टूट पड़ा। मेरे इस तरह से करने से भाभी भी गर्म हुई जा रही थीं। 

अब मैंने अब भाभी के वक्षस्थल को दबाना शुरू किया ही था कि उन्होंने मना कर दिया। मैं उन्हें सवालिया नजरों से देखने लगा। भाभी बोलने लगीं कि नहीं यार, स्तन के साथ कुछ मत करो, नहीं तो दूध बाहर आ जाएगा। 

दोस्तो, ये तो आपको भी समझ आ रहा होगा कि भाभी का अभी पांच माह का बच्चा है, वो भाभी का दूध पीता है … और इसी लिए वो मुझे मम्मों से छेड़खानी करने से मना कर रही थीं। 

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भाभी चुत में लेना चाहती थी जल्दी से अब लंड 

फिर मैंने भी भाभी के मम्मों के साथ कुछ नहीं किया और सीधे भाभी के नीचे की तरफ आ गया। मैंने उनकी पैंटी को नीचे खिसका दिया। मेरे सामने भाभी की चूत लपलप कर रही थी, चूत से पानी रिस रहा था। 

मैं भी भाभी की चूत का स्वाद लेने के लिए मरा जा रहा था। मैं अपना मुँह भाभी की चूत पर ले गया और अपनी जीभ से भाभी की चूत का स्वाद लेते हुए चाटने लगा। नम्रता भाभी सिहर उठीं और उनकी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया। 

मैंने भी भाभी की चुद का सारा पानी चाट लिया और चूत को एकदम साफ कर चमका दिया। मेरे इस तरह से करने से भाभी चुदवाने के लिए बेचैन होने लगी थीं और मेरे सिर को पकड़कर अपनी चूत पर दबाए जा रही थीं। 

इसी के साथ भाभी लम्बी लम्बी सांस लेती हुई कराह रही थीं- आह आह आह … आह आह प्रवीण बस भी करो न … मुझसे अब रहा नहीं जा रहा है … प्लीज अपना लंड मेरी आग में जल रही चुद में डाल दो न यार … जल्दी से मुझे चोद दो। 

मैंने भी भाभी की बात मानते हुए अपना मुँह भाभी की चूत से हटा लिया और जल्दी से अपना लंड भाभी की चूत के मुँह पर ले जाकर टिका दिया। भाभी एकदम भूखी शेरनी की तरह व्यवहार कर रही थीं। 

ऐसा शायद इसलिए भी हो सकता था कि उनका बच्चा जब एक माह का था, तभी भाभी के पति की मृत्यु हो गई थी। अब उनके पति की मृत्यु हुए 4 माह हो गए थे और भाभी चार 4 माह से चुदी भी नहीं थीं। 

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