बेहेन के साथ नहाया और बेहेन की चूत मारी दबादब

हमारा परिवार बहुत ही छोटा था जिसमे मै मेरी बड़ी बेहेन और मम्मी पापा आते थे। पापा एक प्राइवेट जॉब करते थे जिसकी वजह से उन्हें ज्यादातर काम शहर के बाहर रहकर ही करना पड़ता था। मम्मी भी घर पर रहते हुए हम सबका ख्याल रखती थी। 

मेरी बेहेन की उम्र मुझसे 2 साल बड़ी थी और वह 21 साल की हो गयी थी। मेरी बेहेन को देख इलाके के सरे लड़के उसके पीछे ही पड़े रहते थे। मेरी बेहेन की जवानी एकदम चरम सिमा पर थी जिसकी वजह से उसके बूब्स बहुत ही उभर गए थे। 

मेरी बेहेन का कद मुझसे थोड़ा सा कम था पर वह दिखने में मुझसे कही ज्यादा सुन्दर थी। मेरी बेहेन और मेरी काफी अछि बाँट थी क्युकी शुरू से मम्मी ने हम दोनों को साथ में रहना और प्यार करना सिखाया था। 

अपनी बेहेन को मै प्यार से दीदी बुलाया करता था और वह मुझे छोटे कहते हुए पुकारा करती थी। मेरी उम्र जैसे जैसे बढ़ रही थी उसी के साथ मेरी हवस भी मुझ पर सवार होने लगी थी। दिन में कई बार मेरे मन में दीदी की चुदाई करने के ख्याल भी आया करते थे। 

दीदी के बूब्स में जब भी देखा करता था मेरा मन बाद उन्हें दबाने और चूसने को करने लगता था। दीदी घर में ज्यादातर छोटे पाजामे ही पहनती थी जिससे उनकी नंगी टाँगे साफ़ दिखाई देती थी। 

दीदी की चुदाई करने का दिल तो मेरा बहुत करता था पर मुझे इस बारे में कुछ करने से डर भी बहुत लगता था क्युकी थी तो मेरी वह बड़ी बेहेन ही। हमारा घर छोटा था जिसमे बाथरूम और टॉयलेट एक ही साथ बने हुए थे। 

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बेहेन को बाथरूम में ही दबोच लिआ 

एक दिन की बात है मेरे पेट में अचानक दर्द उठने लगा और उस समय घर में बस दीदी थी जो की अभी नाहा रही थी। मेने दीदी को बहुत आवाज लगायी पर उन्होंने मेरी एक भी आवाज का जवाब नहीं दिआ। 

अब जैसे ही मेरा दर्द थोड़ा काम हुआ मेने फ्रेश होने की सोची और जैसे ही मै बाथरूम के दरवाजे पर पंहुचा मुझे अंदर से दीदी की आवाज आने लगी। दीदी की सिसकिआ बाहर तक सुनाई दे रही थी क्युकी वह शायद अपनी चूत अंदर ही अंदर रगड़ रही थी। 

काफी देर तक में दीदी की सिसकिआ सुनता रहा जिससे मेरा लंड खड़ा हो गया। अब कुछ देर बाद मेने बाथरूम का दरवाजा बजाया और दीदी घबरा के पूछने लगी की बाहर कौन है। 

मेने दीदी से कहा की दरवाजा खोलो क्युकी मुझे फ्रेश होना है और मेरे पेट में भी दर्द उठ रहा है। दीदी ने मुझे कहा की वह अभी तक नहायी नहीं है इसलिए मुझे कुछ तक इंतजार करना पड़ेगा। 

मेने दीदी से कहा की मै यहाँ 20 मिनट से ही खड़ा हु उनका इन्तजार कर रहा हु और आवाजे सुन रहा हु। दीदी समझ गयी की मै जान गया हु की वह अंदर क्या कर रही थी। अब मेने दीदी को बोलै की ठीक है अगर आप नहीं निकल रही तो मै मम्मी से बोल देता हु की आप 1 घंटे से अंदर हो। 

दीदी को लगा की मै मम्मी को उनकी हरकत के बारे में बता दूंगा। मेरा ऐसा कहते ही दीदी ने अंदर से दरवाजा खोला और उन्होंने अभी बस एक टावल हो लपेटा हुआ था। दीदी के बूब्स उभरे हुए पसीने में भीगे और भी सेक्सी लग रहे थे। 

अब दीदी ने कहा की लो हो जाओ फ्रेश तबतक में बाहर ही इन्तजार कर लेती हु। मेने दीदी  से कहा की अब मेरा पेट दर्द ठीक हो चूका है इसलिए वह पहले नाहा ले। अब जैसे ही दीदी बाथरूम में घुसी मै उनके साथ ही अंदर आ गया।

मेने दीदी को बोला की आप नाहा लो मै ऐसे ही फ्रेश हो जायूँगा क्युकी आप अंदर से बहुत आवाजे करते हो। दीदी समझने लगी थी की अब मेरी चाहत उनकी चुदाई करना था। दीदी ने अब अपना तोलिआ हटा दिआ और मेरे सामने पूरी नंगी हो गयी। 

मेरा लंड एकदम दीदी को देखते ही फुंकार लेने लगा और खड़ा हो गया।  दीदी ने मेरा लंड देख लिआ और हसने लग गयी।  अब दीदी ने अपने बदन पर जैसे ही पानी डाला मै खड़ा हुआ और दीदी के पास आ गया। 

मौसी ने किआ वश में और मरवाई अपनी चूत

दीदी की बाथरूम में करि जोरदार चुदाई 

निचे बैठते हुए मेने दीदी की गर्दन पर चुम्बन की बारिश कर दी और दीदी एकदम ही पिघलकर मेरी बाहो में आ गयी। अब मेने भी अपने कपडे निकालकर बाथरूम में ही टांग दिए और बाथरूम का फुहारा चालू कर दिआ। 

दीदी और में पानी में भीगे जा रहे थे अब मेने दीदी के होठो को चूसना शुरू कर दिआ। मेरा खड़ा लंड दीदी की चूत पर चुवा जा रहा था जिससे दीदी खुद ही गर्म होती जा रही थी। 

दीदी मेरे होठो बड़े प्यार के साथ चूसते हुए निचे मेरे लंड को सहलाने लगी थी और अब मै दीदी के पीछे आ गया। मेरा लंड दीदी की गांड की दरार में रपट गया और मेने पीछे से दीदी के बूब्स दबाना शुरू कर दिए। 

दीदी एकदम हवस से भर गयी थी और अपनी चूत को हाथ से मसल रही थी। दीदी का हाथ हटाते हुए मेने उनकी चूत को अपने हाथ से रगड़ना शुरू कर दिआ जिससे दीदी एकदम ही कामवासना से पागल हो गयी। 

पीछे से अब मेने अपना लंड दीदी की चूत में फ़साते हुए एक जोर का धक्का मारा। दीदी की करहाने की आवाज बाथरूम में आने लगी। दीदी में मुह्ह पे हाथ रखते हुए मेने अपना पूरा लंड दीदी की चूत में उतार दिआ। 

दीदी को मेने आगे झुकाते हुए उनकी चुदाई शुरू कर दी। दीदी भी बड़े मजे से मेरे लंड की चुदाई का मजा ले रही थी। आगे से दीदी अपनी चूत मसलते हुए मुझसे अपनी चूत मरवा रही थी। मै भी अपना लंड सीसी की चूत में पूरा अंदर बाहर कर रहा था और रफ़्तार बड़ा रहा था। 

दीदी की आहे अब बढ़ने लगी जिससे मेरा जोश दुगना हो गया। दीदी की चूत मै अब तेज से चोदने लगा और दीदी मुझे रुकते हुए आहे लेने लगी। पीछे से मेने दीदी के दोनों बूब्स अपने हाथ में लेते हुए दबाये और उनकी चूत की लगातार चुदाई करि। 

अब मेरा लंड वीर्य गिराने ही वाला था इसलिए मेने दीदी की चूत से लंड निकाल लिआ और हिलाने लगा। दीदी अब निचे बैठ गयी और उन्होंने खुद ही मेरा लडन अपने मुह्ह में लेते हुए चूसना शुरू कर दिआ। 

दीदी की मस्त चुसाई के बाद मेरा लंड एकदम सख्त हो गया और दीदी के मुह्ह में ही मेने अपना सारा वीर्य छोड़ दिआ।

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