नर्स की चुदाई करके दिआ मजा – 3

वो मचल रही थी मगर मैंने अपना दूध चूसने का कार्यक्रम चालू रखा। कुछ मिनट तक वह मेरे नीचे लेट कर अपने होंठों ओर चूचों को लाल करवाती रही। फिर वो बोली- यार, तुम भी तो कपड़े उतारो। 

तब मैंने बस अपनी टी-शर्ट को उतारा और फिर से उसके चूचों पर टूट पड़ा। थोड़ी देर बाद मैं उसकी चूचियों से सरकता हुआ धीरे से उसकी नाभि पर आ गया और उसकी नाभि पर किस करते हुए उसके पजामे का नाड़ा ढीला कर दिया। 

उसने खुद ही अपनी टांगों को चला कर अपनी सलवार उतार दी। अन्दर पैंटी नहीं थी। वो मेरे सामने बिस्तर में पूरी नंगी लेटी थी। फिर वो अपने पैर हवा में फैला कर मेरे लंड को अपनी चूत में घुसने का न्यौता देने लगी। 

मैंने उससे कहा- अभी नहीं, अभी तो इनके मेल में बहुत समय बाकी है। मैं उसके ऊपर चढ़ गया। जैसे मैं चढ़ा, मुझे उसकी चूत की गर्मी, मेरे लोवर के ऊपर से ही मेरे लंड पर महसूस होने लगी। 

मैंने पूछा- इतनी गर्म हो गई हो, थोड़ा सब्र करो, हमारे पास बहुत समय है। आज की ये रात हमें हमारी गर्मी का ठंडा करने के लिए ही मिली है। प्रिया- यार मुझसे और रहा नहीं जाता, तुम जल्दी से अपना लोअर निकालो और अपने लंड से मेरे चूत की आग को शांत कर दो। 

ये सुन कर मैं उत्तेजित हो गया और जोर जोर से उसको किस करने लगा। थोड़ी ही देर पर उसके होंठ से उसके गले उसके चूचों ओर नाभि से किस करते हुए मैं उसकी चिकनी चूत पर आ गया। 

मैंने धीरे से उसकी चूत की फांकों को अलग किया और अपना जीभ उसकी चूत में रख दिया। मेरी जीभ का स्पर्श पाते ही उसकी आह निकल पड़ी और वो टांगें खोल कर चूत चटवाने में साथ देने लगी। 

क्लासमेट की चुदाई का प्रोग्राम – 1

चुत की फांको को अलग करके डाला लंड 

मैं भी उसकी रसभरी चूत में पूरा खो गया था। कभी मैं चूत के दाने को चाटता, तो कभी अपनी जीभ से जसकी चुदाई करने लगता। कभी किस करते हुए उसकी पूरी चूत अपने मुँह में समा लेता, तो कभी वो मेरे मुँह को अपनी छूट में दबा देती। 

धीरे धीरे उसकी सिसकारियां बढ़ने लगीं और उसकी सिसकारियों के साथ मेरी रफ्तार भी। कुछ समय में उसके पैर अकड़ने लगे। उसकी आंखें तो खुल भी नहीं रही थीं। वो मेरे मुँह को अपनी चूत पर समा लेना चाह रही थी। 

तभी मैं समझ गया कि ये अब झड़ने वाली है। मैंने तुरन्त अपना मुँह उसकी चूत से हटा दिया। उसके चहरे पर एक निराशा आ गई और वो कसमसा कर रह गई। अब मैंने अपना लोअर निकाला, तो लंड देख कर उसके चहरे पर एक स्माइल आ गई। 

मैं उसको किस करने के बहाने से उसके ऊपर लेटा और अपने होंठ उसके होंठ पर रख कर किस करने लगा। उसी बीच उसकी चूत में अपनी उंगली अन्दर बाहर करने लगा। जैसे ही वो थोड़ी सी भटकी, मैंने झटके से अपना पूरा लंड उसकी चूत में उतार दिया। 

वो चिल्ला पाती कि मैंने उसके होंठों को अपने होंठों से लॉक कर लिया और तेज तेज झटके मारता रहा। मेरे तेज झटकों के कारण उसकी आंखों से आंसू आने लगे। फिर मैंने अपनी स्पीड कुछ कम की, जिससे उसको थोड़ी राहत मिली। वो लंड के मजे लेने लगी। 

मेरे लंड और उसकी चूत के मिलने की खुशी उसके चेहरे पर साफ दिख रही थी। वो मुझे किस करने लगी और मेरे गले पर लव बाईट देने लगी। अब मैंने सोचा कि क्यों न उसे एक यादगार चुदाई दी जाए। 

क्लासमेट की चुदाई का प्रोग्राम – 2

प्रिया की चुत में दे दिआ अपने लंड का माल 

मैं उसको फिर से बहुत जोर जोर से चोदने लगा, जिससे हमारे पूरे रूम में फच्च फच्च की आवाज आने लगी। कुछ ही देर में उसका भी शरीर अकड़ने लगा। मैंने अपनी रफ्तार और बढ़ा दी। उसको चरमसुख की प्राप्ति हो गई, वो झड़ गई और निढाल हो गई। पर मैं नहीं रुका। 

मैं अपनी स्पीड में लगा रहा। अब उसे अपनी चूत में जलन होने लगी थी। वो मुझे मना करने लगी कि नहीं अब बस हो गया। मैंने कहा- तुम्हारा हो गया, तो क्या तुम मुझे प्यासा ही छोड़ दोगी। 

ऐसा तो मैं नहीं होने दूंगा। तुम्हें तब तक मेरा साथ देना होगा, जब तक मैं तुम्हें पूरा भर न दूँ। वो बोली- अच्छा पोज बदल लो। मैंने उसे पलटा कर घोड़ी बनाया और जोर जोर से झटके मारने शुरू कर दिए। 

मैं उसे घोड़ी बना कर बहुत जोर जोर से काफिर देर तक पेलता रहा। थोड़ी देर में कमरे में उसकी आहों और हमारे घर्षण से आवाज गूंजने लगी। मेरा भी अब होने वाला था, तो मैंने अपनी रफ्तार बढ़ाई और तभी वो एक बार फिर से झड़ गई। 

उसके झड़ते ही मैंने भी उसके अन्दर खुद को खाली कर दिया। हम दोनों निढाल होकर बिस्तर पर गिर गए। थोड़ी देर ऐसे ही पड़े रहने के बाद मैंने उसकी टांगें फैलाईं और चूत पर हल्का सा चुम्बन करके अलग हो गया। 

फिर उसके बाथरूम में जाकर मुँह धोया और उससे उठने को कहा। वो खुद से उठी पर गिर गई क्योंकि उसके पैर कांप रहे थे और वो लस्त सी हो गई थी। मैंने उसको गोद में उठाया और उसके हाथ मुँह धुलवा कर उसे बिस्तर पर लिटा दिया। 

उसे एक चादर उढ़ा कर मैं अपने रूम में चला गया। फिर इसके बाद हम हर दो से तीन दिनों पर हर रात अपनी गर्मी ठंडी करने लगे थे। जब उसकी रात की ड्यूटी होती थी, तो हम दोपहर में जुगाड़ करके चुदाई का कार्यक्रम शुरू कर देते थे। 

यह मेरी पहली सेक्स कहानी थी … मगर ये आखिरी नहीं होगी दोस्तो। आपको यह हॉट नर्स सेक्स कहानी पसंद आई होगी।  

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