बेहेन की दोस्त की सील तोड़ करी चूत चुदाई 

तो दोस्तों आपका फिरसे  स्वागत है एक एक  और हवस से भरी हुई एक और नयी  कहानी में।  यह कहानी हमरे दोस्त मनोज ने हमसे साझा करि है जो की बिहार के एक जिले से जुड़े है।  

मेरा नाम मनोज है में अभी 25 साल का हु और यह किस्सा मेरी बाली उम्र यानी जबका है जब मै सिर्फ 19 साल का था।  गर्मिओ का मौसम था और मै हलके कपडे पेहेन कर घुमा करता था।  हमारा इलाका बहुत छोटा सा था जहा सभी घर आपस में मिले हुए थे।  हम परिवार में 5 लोग रहते थे जिसे मेरा बड़ा भाई जॉब करता था और बेहेन कालेज की पढाई कर रही थी।  मेरी बेहेन की दोस्त अक्सर मेरे घर आया करती थी और मै सभी से खूब बाते किआ करता था।  मेरी बेहेन की एक दोस्त थी जिसका नाम था नीलम।  नीलम दिखने में बहुत ही सुन्दर और आकर्षक थी जिसे देख कोई भी मोहित हो जाए।  वो जब जब घर आती थी मै नीलम के नाम की मुठ मारा करता था।  

ऐसे ही दिन कटते गए और मैने नीलम से दोस्ती कर ली। अब नीलम मुझसे मिलने भी घर आया करती थी।  और बातो बातो में मै  नीलम को छूने की कोशिश करता था।  नीलम भी बहुत शरारती थी और मुझसे मजाक किआ करती थी।  कभी कभी लगता था वह भी मेरी तरह प्यार की प्यासी है।  

नीलम ने किआ प्यार  इजहार

अब हमारी मुलाकाते बढ़ने लगी और हम फ़ोन पर भी बाते करने लगे।  एक दिन में मेरी बेहेन और नीलम साथ में खेल रहे थे और कुछ देर बाद मेरी बेहेन को माँ ने खाना बनाने के लिए बुलाया और वह चली गयी। अब कमरे में मै और बस नीलम रह गये थे।  कुछ समय बाद नीलम ने मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछा तो मेने मना करते हुए उसे बोला की मुझे कौन ही पसंद करेगा।  नीलम खुश होते हुए बोली मुझे तुम बहुत पसंद हो और यह बात मेने तुम्हारी बेहेन को भी बताई है जिससे उसे कोई एतराज नहीं है। मै अंदर ही अंदर खुश भी था और हैरान भी।  

अब नीलम और मेरा रिश्ता शुरू हो या था, हम बाहर मिलते घूमते और बहुत सारी बाते करते।  अब एक दिन बेहेन और माँ को बाजार से सामान लेने बाहर जाना था। मौका देखते हुए मेने नीलम को जल्दी से फ़ोन करके घर बुला लिआ और हम दोनों घरवालों के जाने का इन्तजार करने लगे।  अब माँ और बेहेन घर से निकल गए थे और मै और नीलम घर में अकेले थे। मैने मौका पाते हुए नीलम को पीछे से बाहो में जकड लिआ और उसके गले पर किस करने लगा।  

also read this :ठण्ड में करी बेहेन की चुदाई और चुसाया लंड

नीलम की टाइट चूत की करी जोरदार चुदाई 

अब मैने नीलम को अपनी तरफ घुमाया और उसके होठो पर जोर का चुम्बन दे दिआ। जवाब देते हुए अब नीलम भी मेरे होठो को चूसने लगी और कामवासना में खोने लगी।  धीरे धीरे हम दोनों एक दूसरे में खो गए और हम दोनों अब आधे नंगे हो गए थे।  अब  नीलम को बिस्तर पर लिटाया और उसके गोल नितम्बो को चूसने लगा। नीलम की सांसे लम्बी होती जा रही थी।  थोड़ा निचे होते हुए मेने नीलम की पैंटी भी उतार दी जोकि उसके चूत के पानी से पूरी भीग चुकी थी।  अब मैने नीलम की चूत को चूसना शुरू कर दिआ जिससे नीलम करहाने लगी और आअह्ह आआहाह की आवाजे निकलने लगी।  नीलम की चूत अभी तक किसी ने भी नहीं मारी थी और वह पूरी तरह टाइट थी। 

Click Here: Antarvasna Kahani

मैने धीरे से नीलम की चूत में एक उंगली डाली और उसे घूमाने लगा। अब मैने अपना लंड निकला और नीलम के हाथो में देते हुए  चूसने को कहा।  नीलम किसी लॉलीपॉप की तरह मेरे लंड को चूसे जा रही थी जिससे मेरा लंड पूरा सख्त हो गया था।  

उठते हुए मैने नीलम को बिस्तर पर टाँगे फैला कर लिटा दिआ और अपना लंड उसकी चूत पर रख दिआ।  एक जोर के धक्के से मैने नीलम की चूत की सील तोड़ दी जिससे मेरा लंड खून से लाल भी हो गया था।  अब थोड़ा रुकते हुए मैने नीलम को चोदना शुरू कर दिआ।  कुछ समय के दर्द के बाद नीलम को भी अब मजा आने लगा था और हम जोर जोर से ऊपर निचे होकर चुदाई का मजा लेने लगे। अब थोड़ी देर की चुदाई के बाद मेने नीलम को अपने लंड के ऊपर बैठने को बुलाया और जोर के धक्को से चोदने लगा।  कुछ घंटो की लगातार चुदाई के बाद में झड़ गया और बेहेन भी बाजार से आने वाली थी। तो मेने नीलम को एक चुम्बन किआ और बाद में मिलने का बोलकर रवाना कर दिआ।  ऐसे ही हमने आगे भी कई बार चुदाई का मजा लिआ जिसे आप उगले भाग में पढ़ सकते है। और यह भाग आपको कैसा लगा हमें मेल करके जरूर बताये।   

Also read: शिल्पी आंटी को ब्लैकमेल करके चोदा और गांड मारी

Leave a Comment