बेहेन की हवस और भाई का प्यार 

मेरी बेहेने की उम्र मुझसे ज्यादा बड़ी नहीं थी और वह मुझ से बस एक ही साल ज्यादा बड़ी थी। हम दोनों शुरू से ही एक ही स्कूल में और कॉलेज में भी पढ़ते आये थे। हम दोनों भाई बेहेन से काम दोस्त ज्यादा बन चुके थे। 

मेरी बेहेन का नाम रेणुका था और वह दिखने में किसी भी लड़की से बहुत ज्यादा सुन्दर थी। यु तो मै अपनी बेहेन पर नजर तक नहीं रखता था पर उसका शरीर किसी भी लड़के को बहलाने के लिए काफी था। 

मेरी बेहेन भी अब बड़ी हो चुकी थी और हम दोनों साथ में ह कॉलेज जाया करते थे। कई बार बाइक चलाते हुए वह मुझ से बहुत ज्यादा चिपक जाया करती थी और यह एहसास मुझे एक तरफ अच्छा और दूसरी तरफ अजीब भी लगता था। 

पर हम दोनों ही शुरू से दोस्त की तरह ज्यादा  रहे थे इसलिए मै इस बात पर ज्यादा गौर नहीं किआ करता था और आराम से बाइक चलाया करता था। पर अब कुछ दिन से मेने गौर किआ की मेरी बेहेन मुझ से कुछ  कर बैठने लगी थी। 

कुछ दिन तक मेने यह बात देखि और अब अपनी बेहेन से कहा की वह मुझ से थोड़ा दूर रहकर ही बैठा करे कुइकी बाकी लोग यह देखकर कुछ और समझ लेते है और हम दोनों भाई बेहेन है। 

वह मेरी बात एक ही बार में समझ गयी और अब वह बाइक पर मुझ से कुछ दूर होकर बैठने लगी। पर अब कुछ दिन बाद वह मुझ से फिर से बहुत चिपक कर बैठने लग गयी जिसकी वजह से उसके बूब्स मेरे जिस्म से छूने लगे। 

चुदक्कड़ दोस्ती और मेरा अनमोल प्यार 

बेहेन ने बताया उसके जिस्म का हाल 

अब मेने अपनी बेहेन से कहा की वह मुझ से फिर से चिपक कर बेथ रही है तो मेरी बेहेन ने कहा की अब वह इस बारे में कुछ भी नहीं कर सकती है और मुझे इस चीज की आदत दाल लेनी चाहिए। 

मुझे यह सुनकर बहुत ही ज्यादा अजीब लगा पर मै भी उससे छोटा था इसलिए मेने उसे कुछ भी नहीं कहा और अब वह हर दिन मुझ से चिपक कर बैठती जिससे उसके बूब्स मुझ से एकदम चिपक जाते और अब मुझे भी मजा आने लगा था। 

में कई बार बाइक की ब्रेक मार देता जिससे उसके बूब्स मेरे जिस्म में धस जाते और मुझे काफी मजा आता। पर अब एक दिन मै घर पर बैठा इस बारे में सोच रहा था और मेने अपनी बेहेन को बुलाकर कहा की वह मुझ से दूर क्यों नहीं बैठती है। 

मेरी बेहेन ने मुझे कहा की वह मुझ से जितना दूर जाने की कोशिश करती है उसका मन उसे ऐसा नहीं करने देता है  हो चुकी और मुझे एक भाई से ज्यादा दोस्त मानती है। 

उसका जिस्म भी किसी लड़के से मिलकर बहुत ाचा महसूस करता है और कॉलेज में मेरे होने की वजह से और किसी लड़के से ज्यादा बात भी नहीं करती है इसलिए वह मुझ से काफी चिपक कर बैठती है। 

अब मेने कहा की पर यह बाकि सब लोगो के लिए गलत है और हम दोनों अभी भी भाई बेहेन है जिससे वह चीज हम बाहर सबके सामने नहीं कर सकते है। अब मेरी बेहेन ने मुझे कहा की अगर वह बाहर ऐसा नहीं कर सकती तो मेरे साथ वह अंदर खुश रहना चाहती है। 

इतना कहते ही मेरी बेहेन ने मुझे अपनी बाहो में ले लिआ और उसके बूब्स मेरे साइन से लग गए। यह एहसास बहुत ही अजीब सा था पर मेरी बेहेन ने मुझे जोर से अपनी बाहो में ले रखा था। 

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बेहेन ने लिआ मेरे लंड से साहरा 

अब मेरी बेहेन ने मुझे देखा और अगले ही पल मुझे चूमना शुरू कर दिआ और हवस में खो गयी। वह जोर जोर से मेरे होठो को चूसे जा रही थी और मुझे बह इस चीज से मजा आने लगा था। 

अब हम दोनों कुछ ही देर में एक हो गए और एक दूसरे के होठो को चूसने लगे। मेरी बेहेन ने बीने देर करते हुए अपने ऊपर के कपडे निकाल दिए और मेने पीछे से उसकी ब्रा खोल दी  बूब्स नंगे हो गए। 

अब मेने उसके बूब्स को अपने होठो से चूसना शुरू कर दिआ और वह बहुत ज्यादा हवस में आ गयी।  और अब मेरी बेहेन का हाथ मेरे लंड पर था जिसे वह सेहला रही थी।

मेरी बेहेन ने मेरा लंड मेरे  पजामे से बाहर निकाला और मुझे कहा की वह मेरे लंड से फायदा लेना  चाहती है। मेने उसे हां बोल दिआ और अब मेरी बेहेन ने अपने सारे कपडे खोल दिए और अपनी टाँगे खोल कर लेट गयी। 

अब मेरी बेहेन ने मुझे अपनी बाहो में लिआ और मेरा लंड उसकी चुत पर आ गया। एक जोर के झटके से मेरा लंड चुत के अंदर जा चूका था और मेने उसकी जोर जोर से चुदाई शुरू कर दी। 

मेरी बेहेन मेरी पीठ नोच रही थी जिससे मै उसकी चुटर भी तेजी से  मार रहा था और यह चुदाई बहुत ही अच्छी तरह हो रही थी जिससे दीदी की आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह निकलने लगी थी। 

अब कुछ देर तक तेजी के साथ होती चुदाई के साथ मेरे लंड से पानी आ गया और मेने यह बात अपनी बेहेन को नहीं बताई और लंड चुत से अलग कर दिआ और सारा पानी जमीन पर  निकाल दिआ। 

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