चोद चोद कर फाड़ दी अपनी बेहेन की गुलाबी चुत

मेरी बेहेन बहुत ही प्यारी सी और सुन्दर थी पर मेरी हवस मुझ पर ऐसा काबू कर लेती थी की मेरे दिल में बेहेन की चुदाई के ख्याल आने लगते थे। यह मेरी मज़बूरी और मजे वाली चीज हो चुकी थी। 

यु तो मेने कभी बेहेन की चुदाई कैसे करनी है नहीं सोचा पर यह घटना मेरे साथ अचानक हो गयी जिससे मेरी बेहेन की ही चुत में मेने अपना लंड डालके चुदाई कर डाली। 

रात का समय हो रहा था और बत्ती भी चली गयी थी। मेरी बेहेन सोने के लिए अब छत की तरफ जा रही थी और मेने पता नहीं क्यों उसे बाते करने के लिए अपने कमरे में ही बिठा लिआ। 

शुरु से ही वो मम्मी पापा के साथ निचे सोती थी पर आज की रात वह मेरे साथ थी। रात के लिए मेरी बेहेन ने ढीले से कपडे पहने हुए थे जिसमे उसके बूब्स साफ़ साफ़ उभरे हुए दिख रहे थे। 

बेहेन के मोटे बूब्स देख मेरी हवस और भी ज्यादा बढ़ गयी थी और अब मुझे चुदाई का दिल भी कर रहा था। अब मेने बेहेन से बाते करते हुए उससे कहा की वह काफी मोटी होती जा रही है। 

उसे शुरू में यह मजाक लगा पर बाद में उसने अपना पेट पकड़ा और कहा की देखो मै मोटी नहीं हु। मेने भी अपना हाथ बढ़ाया और उसके पेट को पकड़ कर मसल दिआ।

वासना के हाथ मेने अपनी बेहेन के ऊपर लगा दिए थे पर अब मेने अपनी बेहेन की कहा की वह मोटी पेट से नहीं कही और से भी हो चुकी है और मै हसना शुरू हो गया। 

मेरी बेहेन ने मुझे देखा और कुछ देर बाद बात को समझकर खुद भी शर्माकर हसना शुरू हो गयी। बेहेन ने अपने बूब्स पर हाथ लगाया ओर कहा की वह इतने भी बड़े नहीं है जितने मोटी लड़कीओ के होते है। 

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बेहेन को कर दिआ गरम और चुदाई के लिए तैयार

मै उसे देखकर हसने लगा और मेरी बेहेन ने अब कहा की मुझे यकीन नहीं है तो खुद अपने हाथो से देख लू। मेने अपना हाथ बढ़ाया और बेहेन के चुचो पर रख दिआ और उन्हें हलके से दबाया। 

अब मेने चुचो को दबाना जारी रखा और मेरी बेहेन यह देख थोड़ा चौक सी गयी थी। पर अब मेरी बेहेन को भी मजा सा आ रहा था और वह भी गरम होने लगी थी। अब मेने चुचो को अच्छे से मसलना भी शुरू कर दिआ। 

मेरी बेहेन चुप चाप बैठे हुए अपने बूब्स मुझ से दबवा रही थी और धीरे धीरे वह इतनी गरम हो गयी की उनसे अपने होठ मेरी तरफ बढ़ाने शुरू कर दिये। मेने भी अपनी बेहेन के होठो को चूमना शुरू कर दिआ। 

अब वह अच्छे से कामुक हो चुकी थी और मेने उसकी टीशर्ट ऊपर करते हुए निकाल दी। ऊपर से मेरी बेहेन अब नंगी हो गयी थी और में उसके चुचे दबाये जा रहा था। 

अब मेने अपनी बेहेन को बिस्तर पर लिटा दिआ और उसके ऊपर लेट गया। अपने होठ से मेने अपनी बेहेन के दोनों बूब्स को बारी बारी से चूसना शुरू कर दिआ। चुचो के दोनों निप्पल खड़े हो चुके थे जिसका मतब अब वह चुत चुदाई के लिए तैयार थी। 

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बेहेन की गुलाबी चुत में दिआ अपना मोटे लंड और की चुदाई

अब मेने बेहेन की पजामे को निचे करके निकाल दिआ और उसकी पैंटी को भी खोल दिआ। बेहेन की चुत एकदम गीली हो गयी थी और चुत का रंग भी एकदम गुलाबी था जिसपर मेने अपने होठ रख दिए। 

बेहेन की गुलाबी चुत से में रसपान करते हुए अच्छे से चटाई कर रह था वह पूरी कामुकता से भर गयी थी। मौका देखते हुए मेने अपना लंड बेहेन की मोटी चुत के मुह्ह पर रखा और तेजी से चुत के अंदर सरका दिआ। 

बेहेन को झटके के दर्द के साथ कुछ समझ नहीं आया अब चुदाई के धक्के चालू हो गए। जोर जोर से धक्को से बेहेन के बूब्स ऊपर निचे हो रहे थे और उसके मुह्ह से आहे भी आ रही थी। 

बेहेन की फूली हुई सी चुत के अंदर मै अपना लंड जोर जोर से आगे पीछे करते हुए चुदाई कर रहा था और वह आह्ह्ह्ह अह्ह्ह करती हुई बिस्तर पर नंगी अपने चुचो को दबा रही थी। 

अब मेरे लंड से भी पानी आने वाला था और मेने चुदाई की रफ़्तार बढ़ा दी जिससे मेरी बेहेन चखने लगी और कुछ ही देर बाद मेरे लंड से वीर्य की धार निकल गयी। 

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