मौसेरी दीदी की गर्मासि चुदाई – 2

फिर मैं हट गया और देखा कि उसकी चूत नीचे से गीली हो गयी थी। मैंने समझ लिया कि बहन की चूत लंड मांग रही है। तो मैंने रजाई में ही उसके ऊपर चढ़ कर अपना वजन अपने हाथों पर लिया और उसकी चूत में लंड लगा कर रगड़ देने लगा। 

फिर कुछ पल बाद लंड को उसकी चूत के छेद पर रख कर अन्दर डालने लगा। कभी मैं ऊपर की तरफ़ रगड़े मारता, कभी हल्के जोर से लंड का टोपा उसकी चूत में घुसाने की कोशिश करता। मगर लंड चूत में घुस ही नहीं रहा था। 

मैंने सोचा कि पहले इसकी चूत को उंगली से ढीली कर लेता हूँ, तभी ये लंड ले पाएगी वरना तो ये बहुत शोर मचाएगी। मैंने उसकी चूत में उंगली करनी शुरू कर दी। वो भी ज़रा कसमसायी मगर उंगली लेने लगी। 

मैं एक हाथ से अपने लंड की मुठ मारता रहा। ऐसे ही जोश में मैंने अपने हाथ से अपनी पिचकारी लगवा दी और उठ कर चला गया। उस दिन मुझे समझ आ गया था कि मेरी बहन मुझसे चुदने के लिए राजी है। 

अब मैं रोज यही खेल शुरू करने लगा था। रात के साथ मैं दिन में भी उस पर चांस मारने लगा था। मगर वो दिन में मुझे ज्यादा भाव नहीं देती थी। फिर एक दिन मेरी दूसरी मौसी की लड़की आयी हुई थी। उसका नाम गरिमा था।

पड़ोसन वाली लड़की को खूब चोदा – 3

चुत गीली होने के बाद राजी हुई चुदाई के लिए

वो और हम दोनों आपस में खूब मज़ाक़ करते थे। उस दिन गरिमा मुझसे मज़ाक़ कर रही थी और कह रही थी कि तेरी कोई सैटिंग हुई है या नहीं अभी तक? मैंने कहा- एक से कोशिश तो करता हूँ, पर वो कुछ ज्यादा भाव खा रही है। 

ये सब बातें निशा सुन रही थी। गरिमा बोली- तो छोड़ उसे … तुझे तो बहुत मिल जाएंगी, तू है ही इतना हैंडसम! मैं हंसने लगा और वो भी! फिर उसने बताया- यार मेरा ब्वॉयफ्रेंड आ रहा है। 

उससे कैसे मिलूँ, मैं पहली बार मिलने जा रही हूँ। मैंने बोला- बुला ले उसे … मैं और निशा तेरी हेल्प कर देंगे। वैसे वो है कौन? वो बोली- तेरा ही दोस्त दीपक है। मैं बोला- कोई बात नहीं। चढ़वा ले अपने ऊपर! गरिमा हंस दी। 

मैंने सोचा कि जब इसका कुछ हो जाएगा, तो इसको देख कर अपना भी कुछ हो जाएगा। निशा को यह सब देख कर भी सेक्स सवार होगा। हम सब उसको मिलवाने के लिए प्लान करने लगे। 

मैंने गरिमा से कहा- तू दोपहर को मिलने का प्लान रख, सबसे ऊपर वाली छत पर, वहां कोई नहीं आता जाता। गरिमा सोचने लगी। काफी विचार करने के बाद हम सब ने यही ठीक समझा। 

अगले दिन जब उसका ब्वॉयफ्रेंड आया, तो मैं और निशा रखवाली में लग गए। मैंने गरिमा से कहा- यार ये निशा डर रही है कि किसी को पता ना चल जाए। कहीं ये सब को बता ना दे। 

गरिमा ने कहा- फिर कैसे करें? मैंने कहा- तू इसको मेरे साथ सैट करवा दे, मैं इसको अपने साथ बिजी रखूँगा। वैसे भी हम दोनों कुछ ज्यादा तो करेंगे नहीं। बस तेरी हेल्प की वजह से कर रहा हूँ। 

ये सब गरिमा मान गयी और उसने निशा को समझाया कि तू राजा से मज़े ले ले। वैसे भी आजकल कौन मज़े नहीं लेता। निशा ने मना कर दिया। वो बोली- मैं कुछ नहीं करने वाली।

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कंडोम के लिए निशा से पूछा

गरिमा उसकी बात से कुछ ग़ुस्सा भी हुई पर वो ज़्यादा कुछ कह नहीं सकती थी क्योंकि वो सोच रही थी कि कहीं ये उसके काम में कोई परेशानी खड़ी ना कर दे। कुछ देर बाद हम सब हंसी मज़ाक़ करने लगे। 

मैं बोला- आज तो गरिमा, तेरा ठोकू तुझे जन्नत की सैर कराएगा। ये कह कर हम तीनों हंसने लगे। गरिमा बोली- ऐसा कुछ नहीं है। सैर तो मैं कराऊंगी उसको! ये कह कर वो खुद हंसने लगी। कुछ देर बाद उसका ब्वॉयफ्रेंड आ गया। 

अब मैं और निशा उसको उसके ब्वॉयफ्रेंड के साथ छोड़ कर दूसरी तरफ़ आ गए। कुछ देर बाद मैं निशा से बोला- आज तो गरिमा ज़िंदगी के पूरे मज़े ले लेगी यार! निशा बोली- हां। अभी हम दोनों वो बात ही कर रहे थे कि हमें उन्ह आंह की आवाज आने लगी थी। 

निशा मंद मंद मुस्कुराने लगी थी। कुछ देर बाद सब शांति सी हो गयी। मैं समझ गया कि उन दोनों की किस-विस चल रही होगी। मैंने निशा से कहा- जा देख तो सही, कैसे चुप हो गए दोनों! निशा ने उधर को जाकर देखा, तो वो हक्की बक्की रह गयी। 

वो दोनों एक दूसरे से लिपटे हुए थे और उनमें ज़ोरों की किस चल रही थी। मैं तो पहले ही समझ गया था मगर मैंने निशा को गर्म सीन दिखाकर गर्म करने का सोचा था। मैंने मौके पर चौका मारना ही ठीक समझा। 

मैं छुपकर निशा के पीछे खड़ा हो गया और धीमे से बोला- ये अब नहीं रुकने वाले। आज प्यासे हैं दोनों! निशा सब चुपचाप सुनती रही। मैं समझ गया कि उस पर भी सेक्स सवार हो रहा है। 

मैंने उसके पीछे से कंधे पर हाथ रख कर देखना शुरू कर दिया। उसने कुछ नहीं कहा। गरिमा और उसके ब्वॉयफ्रेंड को एक दूसरे से मुहब्बत करते देख कर निशा तपने लगी थी। मैंने पीछे से अपनी पूरी बॉडी निशा की बॉडी से लगा दी। 

वो कुछ नहीं बोली, बस उसने मुझे गुर्राकर देखा। इस बार मैं डरा नहीं। मुझे आज ये लग रहा था कि अगर आज कुछ नहीं किया तो फिर कभी नहीं हो पाएगा। बस फिर क्या था। निशा सामने की तरफ़ उनको देखने लगी। 

मैंने निशा से कान में कहा- गरिमा कंडोम तो लाई होगी सेफ्टी जरूरी में करनी चाहिए उसे! ये बात मैंने जानबूझ कर कही थी, जिससे निशा की सोच वहां तक चली जाए और वो सोचे कि ये दोनों क्या क्या करेंगे।