रक्षाबंधन पर बेहेन को चोदकर दिआ चरमसुख

यु तो वह मेरी मुह्ह बोली बेहेन ही थी पर उसे देख मुझे कभी भी बुरे ख्याल नहीं आते थे। पर अब जैसे  जैसे मै बड़ा होता जा रहा था मेरी हवस मेरे भी काबू में नहीं आ रही थी। 

मै जब भी किसी लड़की को देखता मेरा लंड अपने आप ही खड़ा हो जाता और मेरा दिल बस चुदाई करने को करता था।  मेर मुह्ह बोली बेहेन का नाम मोनिका था। वह दिखने बहुत ही सुन्दर और दिल की साफ़ लड़की थी। 

मै जब भी मोनिका से मिलता वह मुझ से सभी बाते पूछती और हम दोनों एक दोस्त की तरह एक दूसरे से साड़ी बाते किआ करते थे। मुझे यह भी पता था की मोनिका का एक बॉयफ्रेंड भी है पर यह इस ज़माने ने एक आम बात थी। 

आज राखी का दिन था और हर बार की तरह इस बार भी मम्मी मां को राखी बांधने के लिए गांव चली गयी थी। पापा भी अपने दोस्तों के साथ इस समय बहार गए हुए थे और कुछ ही देर बाद मोनिका घर आ गयी। 

आज वैसे भी राखी थी दिन था और वह मेरे घर आती जाती रहती थी जिससे सबको पता था की वह मेरी बेहेन है। अब उसने मुझे बैठने को कहा और मै राखी के लिए बैठ गया। 

कुछ देर बाद उसने मुझे टिका करके अच्छे से राखी बांध दी। मेने भी तोहफे के रूप में उसे कुछ पैसे दे दिए जो मेने उसके लिए ही जोड़ कर रख रखे थे। अब हम दोनों काफी देर तक बात करते रहे। पहले भी मजाक मजाक में मोनिका मुझे कई बात मारा करती थी। 

आज भी वह किसी बात से गुस्सा हो गयी और मै जहा सोफे पर बैठा हुआ था वही आकर मुझे मरने लगी। मारते मारते उसका एकदम से पैर फिसल गया और वह मेरी गोद में आकर बैठ गयी।

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बेहेन को भी कर दिआ गरम 

अब जैसा की मै पहले ही आपको बता चूका हु अब मेरी हवस मुझ पर काबू कर चुकी थी। मेरा लंड अचानक से ही खड़ा हो गया और यह बात यह बात शायद  मोनिका ने भी महसूस कर ली। 

उसने यह चीज नजरअंदाज कर और मुझे मरने लगी पर तभी एकदम से वह मेरी गोद में आकर गिरी और इस बार वह मेरे लंड पर अच्छे से बैठी थी जिससे उसकी चुत और मेरे लंड में पूरा घर्षण हो रहा था। 

उसे पता नहीं यह सब केसा लग रहा था पर मुझे अब मजा आने लगा था। मोनिका मेरी गोद में थी और मेरा लंड और भी ज्यादा अब सख्त होता जा रहा था। धीरे धीरे सब बहुत ही अजीब हो गया और मोनिका रुक गयी। 

मोनिका को शायद अब समझ आ गया था की मै हवस में आकर उसके साथ क्या कर रहा हु। मोनिका अब एकदम शांत हो गयी और मेरे लंड पर ही बैठी कुछ सोचने लगी।

कुछ देर बाद वह उठी और उसने मुझे अपनी गले से लगाया और कहा की वह अपने भाई से बहुत ज्यादा प्यार करती है। पता नहीं क्यों पर यह प्यार मुझे अछा नहीं लग रहा था। मोनिका के बूब्स मेरी छाती पर थे और मै गरम हो चूका था। 

अब मोनिका मुझसे अलग हुई और उसने मेरी आँखों में देखा और खुश हुई।  और तभी मोनिका ने मेरे होठो से अपने होठ मिला दिए और मुझे किस करने लग गयी। इससे पहले मै कुछ समझ पता वह मेरे लंड पर वापस से बैठ गयी और अबकी बात वह मेरे लंड पर अपनी चुत मसलने लगी। 

राखी पर मिला बुआ से बेहतरीन तोहफा 

बेहेन की चुदाई करि राखी के दिन ही 

अब हम दोनों ही भूल गए थे की आज राखी है और हम दोनों भाई बेहेन है। हवस में हम एक दूसरे के होठो का रसपान कर रहे थे और मोनिका अपनी चुत से मरे लंड को रगड़ रह थी। 

अब मेने अपना एक हाथ मोनिका के बूब्स पर रखा और उन्हें दबाते हुए मोनिका को और भी ज्यादा गरम कर दिआ। वह मेरे होठो को जोर जोर से चूस रही थी और मेने उसकी टीशर्ट ऊपर करते हुए उसे उतार दिआ। 

अब ऊपर से मोनिका बेहेन नंगी हो गयी थी और मेने उसके बूब्स चूसते हुए मोनिका को कामुकता की तरफ बढ़ा दिआ। अब वह पूरी गरम हो गयी थी और मेने उसे जमीन पर खड़ा कर उसकी पजामी निचे कर दी और उसे पूरा नंगा कर दिआ। 

मोनिका की चुत पर थोड़े से बाल थे पर मेने अब अपना पजामा निचे किआ और लंड बहार कर लिया। मेरा लंड पहले से ही खड़ा हो चूका था और मेने अब मोनिका को गोद में लेते हुए लंड उसकी चुत में घुसा डाला। 

अब मेरे होठो को किस करते हुए मोनिका जोर जोर से ऊपर निचे हो रही थी और अपनी चुत की चुदाई मुझसे करा रही थी। वह आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह करती हुई मेरे लंड पर कूद रही थी जिससे मेरा लंड और भी ज्यादा अंदर जा रहा था। 

यह चुदाई काफी देर तक चलती रही और मोनिका की चुत से भी पानी निकलने लगा था। मेरे लंड ने तभी एक जोर का खिचाव लिआ और मेने निचे से चुदाई के झटके और भी तेज कर दिए और कुछ ही देर बाद मेरे लंड से पानी निकल गया। 

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