बेहेन को मनाके उसकी दोस्त को चोदा

यह समय मेरी जवानी का था, में हर दिन मुठ मरने का आदी हो गया था।  मेरी आँखों में बस हवस की रहा करती थी और मुझे बस चुदाई के सपने ही आया करते थे। जी हां भाइयों, मेरा नाम दिलीप  यह मेरी कहानी है जिसे मै आज आप सभी को सुनाने जा रहा हु।

हमारा परिवार बहुत छोटा था जिसमे मेरी एक बड़ी बेहेन और मम्मी पापा ही थे। मेरी बेहेन मुझसे 3 साल बड़ी थी और कॉलेज जाया करती थी। अक्सर बेहेन की दोस्त हमारे घर आया करती थी जिनको देखकर मुझे उनकी चुदाई करने का दिल करता था। 

अब मै 12 कक्षा में आ गया तह और यह मेरे जवानी के दिन थे। मुझे टूशन मेरी दीदी ही पढ़ाया करती थी और अब 2 महीने बाद मेरे एग्जाम भी आ गए थे। उन्ही दिनों मेरी बेहेन की तबियत थोड़ी खराब हो गयी और मेरी बेहेन ने अपनी एक दोस्त को मुझे पढ़ने के लिए कह दिआ। 

दीदी की दोस्त न नाम कमला था जो दिखने में बहुत ही गोरी और सुन्दर थी। कमला यु तो दिखने में बहुत ही शरीफ लगती थी पर बातो में बहुत ही तेज थी। कमला जब भी मुझे पढ़ाती मेरा दिल बाद उसकी चुदाई करने को करता था। 

अब दीदी की तबियत भी सही हो गयी थी पर कमला मुझे पढ़ने रोज आया करती थी। कमला को भी शायद मेरी दीदी से मिलने में अछा लगता था इसलिए वह मुझे पढ़ाने के बहाने दीदी से बाते कर लिआ करती थी। अब कमला को देख देख मुझे हवस आने लगी थी। 

हवस कम करने के लिए मेने कमला के नाम की मुठ मारने का प्लान बनाया और अगले दिन बाथरूम में अपना लंड थाम कर कमला का नाम लेते हुए हिलाना शुरू कर दिआ। मुठ मारने के बाद जैसे ही में बाहर निकला तो दीदी बाथरूम के सामने गुस्से में खड़ी थी। 

दीदी को वैसे देख मेरी तो गांड ही फट गयी और दीदी ने मुझसे पूछा की मै जबसे अंदर क्या कर रहा था। अब मै दीदी को बताता भी तो कैसे पर दीदी अब सब कुछ जान भी चुकी थी और मुझसे कहा की दिन में वह मुझसे बात करेगी। 

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दीदी को बातो से पटाया और किया दोस्त की चुदाई के लिए राजी। 

जैसे ही दिन के 2 बजे दीदी ने मुझे उनके कमरे में बुलाया। दीदी ने मुझसे पूछा की क्या मुझे कमला बहुत ज्यादा पसंद है क्या ? मेने इस बात का कोई भी जवाब नहीं दिए और चुपचाप दीदी की बाते सुनता रहा। 

अब दीदी ने मुझसे कहा की सुबह जो हुआ वह तुम्हारी उम्र में सब लोग करते है तो घबराने की बात नहीं है। अब दीदी से में डरना बंद हो गया था और खुल कर बातें करने लगा। दीदी को मैने कहा की कमला जब भी मेरे सामने आती है मुझे उसे चूमने का दिल करने लगता है। 

और यह उम्र भी ऐसी ही है की किसी भी लड़की को देखकर मुझे भावना आने लगती है। दीदी भी मेरी बातो में अपनी हां मिला रही थी और मेरी बाते सुन रही थी। अब मैने बात आगे बढ़ाई और कहा की मै जब भी आपको शॉर्ट्स में देखता हु मेरा मन सेक्स के बारे में सोचने लगता है। 

एक भाई होने के नाते मै कुछ कर भी नहीं सकता इसलिए में कमला के बारे में सोचकर अपनी भावना काबू करता हु। अब मैने  से कहा की वह मुझे कमला से अच्छे से मिलवा दे और इस समय मिलाने से मेरा मतलब सेक्स से था जो दीदी सही से समझ गई थी। 

अब दीदी मुझसे सही से बाते करनी लगी और कहने लगी की एक लड़की को शांत करना इतना भी आसान नहीं होता जितना मै समझ रहा हु। मैने दीदी से कहा की आप मुझे बस एक मौका दिला दो और बाद में सभी बाते आप कमला से ही पूछ लेना। 

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कमला भी हो गयी चुदाई के लिए राजी। 

अब दीदी ने मुझसे कहा की वह कमला से बात कर लेंगी और कल मुझे वह मौका भी मिल जायेगा। अगले दिन कमला मुझे पढ़ाने के लिए आयी और पढाई के कुछ देर बाद दीदी पानी लेने के बहाने से निचे मम्मी के पास चली गयी। अब मै और कमला अकेले थे और एक दूसरे को ही देख रहे थे। 

हम दोनों घबराये हुए थे पर जैसे ही कमला मुझे देखकर हसी मै थोड़ा नार्मल हो गया। कमला के पास जाते हुए मेने कमला के गालो को चुम लिआ और कमला शर्माने लगी। अब मैने झटके से कमला का मुह्ह पकड़ा और उसके होठ चूसने लगा। 

कमला भी शायद इसी पल का इन्तजार कर रही थी और कमला भी मुझे बाहो में लेती हुई चूमे जा रही थी। कमला को अब मै बिस्तर पर लेके लेट गया और उसके सूट को ऊपर करते हुए उतार दिआ। कमला ने हाथ पीछे करते हुए अपनी ब्रा भी उतार दी और मैने उनके बूब्स अपने हाथो से दबाने शुरू कर दिए। 

कमला कामुक होना शुरू हो गयी थी और कमला मुझे किस किये जा रह थी। कमला के चुचो के निपाल गरम हो गए थे जिन्हे मेने अपने मुह्ह में लेते हुए चूसना शुरू कर दिआ। कमला पूरी तरह से अब हवस से भर गयी थी और इसी का फायदा लेते हुए मेने उसकी पेंट खोलना शुरू कर दी। 

कमला ने मेरा कोई भी विरोध नहीं किआ और अब कमला मेरे सामने एकदम नंगी थी। कमला की चूत पर थोड़े से बाल थे जिनको मेने हटाते हुए अपने हाथ से कमला की चूत रगड़नी शुरू कर दी। कमला मेरी उंगली अपनी चूत में लेकर पागल सी हो गयी थी और बिस्तर पर मचल रही थी। 

कमला की चूत पूरी तरह से गीली हो गयी थी और मेने अपना लंड पेंट से निकलकर कमला की चूत पर रख दिआ। कमला की चूत की फैंको में लंड देकर मै अपना लंड ऊपर निचे कर रहा था और कमला नंगी होकर बिस्तर पर मेरे लिए तड़प रही थी। 

अब मेने अपना लंड कमला की चूत के छेद में फसाया और एक जोर से झटके से अपना लंड अंदर डाल दिआ। कमला थोड़ी सी करहाई और कुछ ही देर में चुदाई का मजा लेने लगी। कमला की टांगो के बिच से मै अपना लंड उसकी चूत में पेले जा रहा था और कमला आहे भरती हुई चुद रही थी। 

कमला कभी मुझे अपनी बाहो में लेती तो कभी अपने निप्पल चूसने को कहती पर निचे से मै उसकी चूत लगातार चोदता जा रहा था। कमला की चूत में एक जोरदार धक्का देते हुए मेने अपना पूरा लंड चूत में पार कर दिआ और तेजी से चुदाई करने लगा। 

कमला तेज तेज आहे भरने लगी और चुदाई से तड़पने लगी। मै कमला की चूत में अपना लंड और भी तेजी से अंदर बाहर कर रहा था की तभी कमला चूत से पानी निकलने लगा और कमला की चूत पूरी तरह ढीली हो गयी। पर अभी भी मेरी हवस ख़त्म नहीं हुई थी। 

मैने कमला को उल्टा किआ और उसकी गांड में अपना लंड जोर देते हुए डालने लगा। कमला मुझे मन करती जा रही थी पर मेने एक तेज धक्के से अपना लंड कमला की गांड में घुसा ही दिआ। कमला की गांड के दर्द से वह चिल्ला रही थी पर थोड़ा सा थूक लगाने के बाद मेने कमला की गांड चोदना शुरू कर दी। 

कमला आह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह नही करती हुई मुझे रोक रही थी पर मै उसकी गांड फाड़ता हुआ अपना लंड और भी अंदर घुसाए जा रहा था। और कुछ ही देर बाद मेरा भी लंड आकर गया और मेरा वीर्य निकलने लगा जो मेने कमला के मुह्ह में दे दिआ। 

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