सौतेले बेटे तो बनाया अपने अकेलेपन का साथी – 2

अपने बेटे को देखते हुए अब मै अपनी चुत को बहुत ही प्यार से सेहला रही थी और मेरी चुत पूरी पानी पानी हो गयी थी। अब मुझसे रहा ना गया और मै एक तरफ से उठकर सूरज की तरफ जाकर लेट गयी। 

मेरा सारा ध्यान उसके लंड की तरफ था जिसे मै अपनी चुत में लेने की सोच रही थी। मेने अब चुपके से अपना हाथ सूरज के लंड के आने रख लिआ और इन्तजार करने लगी की कब सूरज अपनी करवट बदलेगा। 

अब कुछ ही देर बाद सूरज मेरी तरफ आ गया और उसका लंड मेरे हाथ के ऊपर था। धीरे धीरे मै अब अपने हाथ को चला रही थी जिससे सूरज का लंड भी तनाव में आ रहा था। 

सूरज का लंड कुछ ही देर में बहुत ज्यादा खड़ा हो गया था और एक हाथ में अपने बेटे का लंड लेते हुए अब मै दूसरे हाथ से कभी अपनी चुत तो कभी अपनी चुचिओ को मसल रही थी। 

अब सूरज एकदम से ही नींद से जाग गया और अपना लंड मेरे हाथ में देख वह बहुत ज्यादा चौक गया। मुझे भी अब डर लग रहा था की कही सूरज चिल्लाने ना लगे जिससे मेरी बेटी भी नींद से जाग जाये। 

और अगर यह बात मेरे नए पति को पता लगती तो वह भी मुझे अपने घर से बहार निकाल देता और मै और मेरी बेटी फिर से मुसीबत में आ जाते। अब मेने सूरज को देखा की वह बहुत खुश सा दिख रहा था। 

आंटी निकली हवस से भरी हुई औरत 

बेटा भी हो गया माँ पर फ़िदा 

अब सूरज को देख मेने अपना हाथ लंड से हटा लिआ था पर सूरज ने अब बहुत ही प्यार से मेरा हाथ पकड़ा और उसे वापस से अपने लंड पर रख लिआ और खुद अपने हाथ से लंड को हिलाने लगा। 

अब मै समझ चुकी थी मेरा बेटा भी मेरी तरह ही हवस से भरा हुआ है और मेने अब उसे उठने के लिए कहा। मै अब सूरज को लेकर उसे उसके कमरे में ले गयी और उसे बिस्तर पर लिटा दिआ। 

अब मेने सीधा सूरज की  पेंट से उसका लंड निकाला और मुह्ह में लेके जोर जोर से चूसना शुरू कर दिआ। सूरज भी अपने लंड को बहुत ही मजे से चुसवा रहा था जिससे उसका लंड बहुत बड़ा और मोटा हो गया था। 

मेने अब कोई भी देर नहीं करि और इससे पहले की मुझे कोई चीज रोकती मेने अपनी मैक्सी को उतरा और नंगी होकर अपने बेटे के लंड पर चढ़कर उसे अपनी चुत में ले लिआ। 

काफी दिन बाद एक लंड को अपनी चूत में लेके मै बहुत ही अच्छा महसूस कर रही थी और अब मेने अपने बेटे के लंड पर कूदते हुए उसे अपनी चुत में अंदर बाहर लेना चालू कर दिआ। 

मेरा बेटा भी निचे से मेरी चूत मे अपना लंड जोर जोर से देते हुए मेरी चुत को मस्त तरीके से चोद रहा था जिससे मै बहुत ही वासनाहीन  हो गयी थी। मेने अब अपनी ब्रा का बटन खोला और अपने बेटी के हाथो पर बूब्स पर रखवा लिआ। 

उसके लंड पर कूदते हुए अब मापने बूब्स भी बेटी से म्सल्वा रही थी जिससे मेरी कामुकता अलग ही सीमा पर थी और मेरी चुत से भी रस निकलने लगा था पर यह चुदाई अब मुझे पागल करने लगी थी। 

भाभी की मालिश और बूब्स से चुदाई तक गर्माहट

बेटे के लंड से चुत को दिआ आराम 

चुदाई करवाते हुए मेरे मुह्ह से आहे निकलने लगी थी और मै आह आह करते हुए अपने बेटे से चुत को और भी गहराई से चोदने के लिए बोल रही थी। मेरा बीटा भी निचे से मेरी चुत को पूरी जान से चोदने की कोशिश कर रहा था। 

अब मै उसके लंड पर कूदते हुए बहुत थक गयी थी इसलिए मै अब बिस्तर पर लेट गयी और अपनी टांगो को फैला लिआ। सूरज काफी समझदार था इसलिए वह बिना बोले ही अब बिच में आए गया में उसने अपना लंड मेरी चूत मे दे दिआ। 

वह मेरी चुत को अब पहले से भी तेज तेज चोदने लगा जिससे मै लगातार आआह  अह्ह्ह्हह्हह करने लगी थी और अब कुछ ही देर तक मै ऐसी चुदाई सेह सकती थी इसलिए मेने अपनी चुत को हाथ से मसलने लग गयी। 

कुछ ही देर में अब मेरी चुत से एक दम ही पानी आ गया और लंड अंदर बाहर होते हुए ही मेरी चुत से सारा पानी निकल गया और मेरे बेटे ने भी अपना माल बहार ही निकाल दिआ। 

अब आगे भी मेने अपने बेटे के साथ काफी बार सुहागरात मनाई और अपनी चुत को चुदाई का सुख दिआ और अच्छे से सालो बाद किसी से चुदवाया। 

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