भाभी की नियत और लंड लेने की प्यास

मेरे भाई की शादी होने ही वाली थी पर इससे पहले की शादी हो मेरे घरवालों ने मेरी राये भी लेना सही समझा। मम्मी पापा ने मुझसे कहा की मै भाभी से कुछ दिन व्हाट्सप्प पर बाते करू और उनके बारे में जान लू जिससे शुरू से ही सब कुछ ठीक रहे। 

अब मेने भाभी का नंबर लिआ और उन्हें कॉल करके उनसे बाते करना शुरू कर दी। अब सब कुछ ठीक चल रहा था और शादी को शायद 4 दिन ही रह गए थे। मेने भाभी की सारी बाते अच्छे से जान ली थी और उनसे मेरी अच्छी बन भी गयी थी। 

अब भाई की शादी हो चुकी थी और शादी का एक महीना बहुत ही अच्छे से गया। पर शादी होने के बाद अब भाभी का बर्ताव मेरे लिए कुछ अच्छा सा नहीं दिखाई दे रहा था।

भाभी मेरे प्रति थोड़ी आकर्षित दिखाई दे रही थी और जब जब मै नहाने के लिए जाता था भाभी भी मुझे देखने के लिए ऊपर आ ही जाती थी। भाभी की नियत में खोट सी दिखाई देने लगी थी इसलिए मेने सीधा यह बात भाभी से ही पूछ ली। 

मेने भाभी से कहा की वह क्यों आज कल उस तरह का बर्ताव कर रही है जिससे मुझे यह सब लग रहा है। भाभी ने बिना हसे कहा की उन्हें मुझ से प्यार हो रहा है और यह जबसे है जब हम दोनों ने फोन पर बाते करि थी। 

यह सुन मै बहुत ही ज्यादा चौक गया और भाभी को देख के हसने लगा। भाभी को हसी नहीं आ रही थी जिससे मुझे भी समझ आ गया था की भाभी कोई मजाक नहीं कर रही थी। 

भाभी ने मुझे कहा की यह शादी भी उन्होंने बस मेरी वजह से करि है जिससे वह मेरे साथ एक ही घर में रह सके। अब मुझे डर सा लगने लगने लगा था और भाभी को देख मेरी भी हसी बंद हो गयी। 

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भाभी ने मांगी मेरे प्यार की भीख

भाभी मुझे देख अब रोने लग गयी और मुझे कहा की यह बात वह किसी से भी नहीं कहना चाहती थी पर आज मेरे पूछने पर उन्हें यह सब कहना ही पड़ा। भाभी ने मुझे कहा की उन्हें बस मेरा प्यार चाहिए और कुछ भी नहीं। 

अब मुझे कुछ अजीब सा लगने लगा और भाभी भी मेरे थोड़ा थोड़ा करीब सा आने लगी। भाभी की सांसे तेज चल रही थी और अब भाभी ने करीब आते हुए मेरे होठो पर अपने नरम से होठ रख दिए। 

भाभी के गीले होठ जैसे ही मेरे होठो से मिले मे रोम रोम खड़ा हो गया।  मेरे लंड की एक अलग सा झटका आया जिससे मेरे लंड ने एकदम ही सलामी लेनी शुरू कर दी और खड़ा हो गया। 

अब भाभी ने मेरे होठो को बारी बरी से चूसना शुरू कर दिया जिससे मुझे भी मजा आने लगा। अब भाभी मुझे चूमते हुए अपने कमरे में ले गयी और मेरे होठो से चूमते हुए मेरे गए पर चुम्बन की बारिश कर दी। 

भाभी की हवस एक अलग की मुकाम पर थी और वे मेरे शरीर को बस खा जाना चाहती थी। भाभी मुझे पूरी तरह से चूमते जा रही थी और अब वह मेरे लंड पर जा पहुंची। 

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भाभी ने चूसा लंड और मरवाई अपनी चुत 

अब भाभी ने मेरा लंड पजामे से निकला और सीधा अपने मुह्ह में ले लिआ। भाभी मेरे लंड को अच्छे से चूसे जा रही थी और जोर जोर से साथ ही साथ हिला भी रही थी जिससे मेरा जोश दुगना हो चूका था। 

अब भाभी ने अपने कपडे भी निकलते हुए खुद को नंगा कर लिए और चुदाई के लिए तैयार हो गयी। भाभी चुदाई की तरफ जाती जा रही थी और अब भाभी ने मेरा लंड हाथ से खड़ा किआ और उस पर बैठ गयी। 

भाभी मेरे लंड पर चढ़कर अच्छे से अपनी चुत की चुदाई करवा रही थी जिससे उन्हें बहुत मजा आ रहा था। निचे से मै भी भाभी की चूत में  लंड देते हुए चुदाई जोर जोर से कर रहा था। 

भाभी के मुह्ह से  अह्ह्ह अहह की आवाजे निकलने लगी थी और वह अभी भी मेरे लंड पर कूदते हुए मेरे लंड से अपनी चुत पिलवा रही थी। अब मै भी जोर जोर से भाभी की चुत की गहराई में अपना लंड घुसाए जा रहा था। 

काफी देर की चुदाई की बाद अब हम दोनों बहुत्त थक भी गए थे इसलिए चुदाई की रफ़्तार भी अब कम होने लगी। पर अब मेरे लंड से माल आने वाला था इसलिए अचनाक मेने चुदाई तेज कर दी और कुछ ही देर बाद झटके के साथ मेरा वीर्य भाभी की चुत में ही नकल गया। 

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