भाभी को थी चुदाई की जरुरत – 2

वो बेड पर बैठी रो रही थी और उसकी बेटी सो रही थी। उसने मैक्सी पहन रखी थी जिसके अंदर से उसके बूब्स की महक आ रही थी। वो रो रही थी। मैंने उसे चुप कराया और रोने का कारण पूछा। तो उसने मुझे कुछ नहीं बताया। 

जोर देने पर उसने कहा कि उसके हसबैंड उससे चीट कर रहे हैं। ये बोलकर वो मुझसे लिपट कर रोने लगी। उसके ससुर और सास बाहर रूम में सोए थे और उसका बेडरूम अंदर था जिसका एक गेट आंगन और दूसरा खुली जगह में खुलता था जिससे मैं अंदर घुसा। 

अब वो नॉर्मल हो गई थी। इसलिए मैं खड़ा होकर जाने लगा। अभी मैं गेट तक पहुंचा ही था कि उसने मुझे हाथ से खींचा और मेरे पीछे मुड़ते ही उसने अपने रसीले गुलाबी होंठ मेरे होंठों पर रख दिए। मुझे बांहों में भर लिया। 

मैं भी खुद को रोक न सका और डीप किसिंग शुरू कर दी। किसिंग किसिंग में ही हमने एक दूसरे को नंगा कर दिया। फिर बेड पर लेटने लगे तो याद आया कि उसकी बेटी भी यहां सो रही थी। 

हम दोनों नंगे थे और मेरा लौड़ा तनकर मेरे पेट को छूने की कोशिश कर रहा था। मैंने  कविता को गोद में उठाया और पास के स्टोर रूम में ले गया; वहाँ एक पुरानी मेज पर उसे लेटा दिया और खुद खड़ा रहकर उसके होंठ चूसने लगा। 

पढ़िए एक से एक chudai kahani

भाभी का दुःख किआ चुदाई से दूर

मैंने लगभग 10 मिनट उसके होंठ पिए फिर उसके गोरे बदन के हर हिस्से को प्यार किया। मेरी हर किस पर वो सिहर जाती और करवट लेती। उसकी आंखें बन्द थी और मुंह से आहें निकल रही थी जो मुझे और उत्तेजित कर रही थी। 

मैं अब उसकी चूत पर आ गया। मेज इतनी ऊंची थी कि मैं घुटनों पर बैठकर  कविता की चूत तक आराम से पहुंच पा रहा था। मैं पागलों की तरह उसकी चूत को चूम रहा था। उसकी चूत के प्रिकम की खुशबू से मेरे होश उड़ गए थे। 

मैं भाभी की चुत की गुलाब की पंखुड़ियों को तरह बाहर की निकले हुए हल्के काले चूत के लिप्स को बारी बारी होंठों के बीच भरकर उनका रस पी रहा था।  कविता ने मेरा सिर दोनों टांगों के बीच लॉक कर दिया था और मेरे बाल खींचने लगी थी। 

मैं बेतहाशा चूत चूसने में लगा था। थोड़ी देर में वो अक़ड़कर झड़ गई और मैं उसके कम को निकलते देखने लगा। अब मैंने उसकी चूत का कम साफ किया और उसे किस करने लगा। 

लोकडायुन में लिआ बेहेन की चुदाई का मजा – 1

चुत के रस को होठो से पिता रहा 

अब उसके गोरे गोरे मम्मों को खूब पिया और मसला। वो फिर से गर्म हो गई। अबकी बार हमने 69 की पोजिशन में ओरल किया। मुझे 69 पोजिशन में चूत चाटना बेहद पसंद है। मैं ऐसा पूरी रात कर सकता हूं। 

इस पोजिशन में चूत चटाई बहुत अच्छे से होती है और गांड को भी अच्छे से मसल और पकड़ सकते हैं। इस पोजिशन में चूत की खुशबू का आनंद भी खूब लिया का सकता है। 

दूसरी तरफ आपका पार्टनर आपका लौड़ा चूसकर भी आनंद देता है।  कविता ने भी मेरा खूब साथ दिया। मैं  कविता की चूत को देखता। सूंघता। बुर जीभ से छेड़ता। बुर को होंठों से पीता। जीभ से चूत चोदता। 

मैंने  कविता के साथ जिस पोजिशन में होने के ख्वाब देखे वो आज पूरे हो रहे थे; मैं एक एक पल को खूब एन्जॉय कर रहा था। अब  कविता खड़ी हो गई और मुझे गले से लगाकर बोली- थैंक्स शुभम! आज मैं मर जाऊं तो भी ग़म नहीं। मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं। तुमसे हर रात इसी तरह चुदवाना चाहती हूं। 

मैंने अब भाभी को गले लगाया और बोला- जान जब तुम चाहो। मैं लोड़े के साथ हाजिर हूं। फिर मैंने उसे लोड़े पर बैठाया और उसने मेरी सवारी की। 69 में ओरल की वजह से हम चरम पर थे तो हम 9/10 झटकों में ही एक दूसरे की आंखों में देखते हुए एक साथ झड़ गए। 

चूत के अंदर झड़ने में मुझे इतना आनंद आया कि जैसे में जन्नत में पहुंच गया हूं। उस रात मैंने 2 बार उस भोजपुरी भाभी की चुदाई की। चूत मारी और घर आकर सो गया। 

उसके बाद जब तक मैं उस गली में रहा तब तक उसकी रसीली चूत को चूमने। सूंघने। चाटने और चोदने का मज़ा लिया। अब हम अलग हैं और उसने दूसरी बेटी को जन्म दे दिया है। अक्सर मैं सोचता हूं कि शायद वो हमारे ही प्यार की निशानी है। 

मेरी जिंदगी की ऐसी ही बहुत सारी हसीन दास्तां मैं आप तक पहुंचाता रहूंगा। हसीनाओं से निवेदन है कि मुझे हैंगआउट पर जरूर मिलें। प्यार और खुशी बांटने से बढ़ती है। चूत और लौड़े एक दूसरे के लिए ही बने हैं। उन्हें जुदा न रखें। उन्हें भी पास आने दें।     

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