भाभी की गांड में दिआ लंड और भाभी ने दे दी चुत

मेरी भाभी दिखने में बहुत ही ज्यादा सुन्दर थी और वह सभी लोगो से हस्ते हुए बाते किआ करती थी। हर भाभी की तरह मेरी भाभी भी मुझसे काफी मजाक किआ करती थी।

भाभी और मै बहुत ही अच्छे से एक दूसरे की बाते भी समझा करते थे पर अब मेरी जवानी का असर मुझ पर होने लगा था। भाभी का बदन मेरे जिस्म में अब गर्मी देने लगा था जिसकी वजह से मै कई बार मुठी भी मारा करता था। 

मै अब भाभी से कुछ दूर दूर रहने लगा था पर भाभी ने फिर भी मुझसे बाते करना काम नहीं किआ ओर अब मेने ठान लिआ की भाभी की चुदाई के लिए मुझे कुछ ना कुछ करना ही पड़ेगा 

अब कुछ दिन होने के बाद मेने देखा की भाभी रोज छत पर से निचे गालिओ में झाकती रहती थी। कपडे उतारने के बाद भाभी की यह रो क ही आदत थी और अब मेने भाभी को दबोचने का प्लान बना लिआ। 

भाभी अगले दिन जैसे ही निचे देखने के लिए  झुकी मै उनके पीछे चला गया और भाभी की गांड की दरार में अपना लंड सेट कर दिआ। भाभी को मेरा लंड शुरू में तो महसूस नहीं हुआ पर कुछ देर बाद अब मेरा लंड खड़ा हो गया। 

भाभी समझ गयी थी की मेरा लंड उनकी गांड पर लगा हुआ है जिससे मै भी उनके मजे ले रहा हु। पर भाभी अभी भी शान्ति से निचे की ओर देख रह थी और मेरा लंड धीरे धीरे और भी ज्यादा खड़ा हो गया था। 

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भाभी ने मुझे भी बुला लिआ निचे 

अब कुछ देर बाद भाभी कपडे लेकर निचे जानी लगी जिसकी वजह से मुझे भी निचे जाना पड़ा। अब भाभी मेरे इरादे समझ चुकी थी और कुछ देर बाद भाभी ने भी मुझे निचे ही बुला लिआ। 

अब भाभी ने मुझसे हस्ते हुए देखा और बोला की ऊपर मै जो भी कर रहा था वह सब समझ चुकी है और आगे से में उनके साथ ऐसा ना करू क्युकी इससे वह काफी अजीब महसूस करने लगती है। 

मेने भाभी को प्यार से देखा और कहा की वह भाव प्यार का होता है जो उन्हें महसूस होता है और ऐसा बोलकर मेने भाभी को दबोच लिआ और अपनी बाहो में ले लिआ। 

भाभी ने झूटी कोशिश करते हुए मुझे खुद से दूर किआ पर अब वह समझ चुकी थी की मुझे उनकी चुदाई करनी ही थी। अब मेने भाभी के गले पर चुम्बन की बारिश कर दी जिससे भाभी मेरी बाहो में पिघल सी गयी। 

हवस में आकर बेहेन की ही कर दी चुत चुदाई

भाभी की चूत मे फसाया लंड और शुरू कर दी मस्त चुदाई। 

अब  मेने भाभी के होठो को अपने होठो से मिलाते हुए किस करना शुरू कर दिआ और कुछ ही देर में भाभी भी मेरे ही रंग में आगयी। अब भाभी भी मुझे अचे से चूमे जा रही थी और हम एक दूसरे के होठो का रसपान करने लगे। 

अब भाभी भी अच्छे से गर्म हो गयी थी और भाभी मुझे अच्छे से चूमने लगी थी। निचे मेरा लंड भी खड़ा हो गया था जो अब भाभी ने अपने हाथ में ले लिआ। भाभी ने मेरे लंड को जोरो से हिलाना शुरू कर दिआ जिससे वह और बड़ा हो गया। 

भाभी अब निचे बैठ गयी और मेरे लंड को पेंट से बाहर निकाल लिआ। भाभी ने मेरा लंड अपने मुह्ह में लेते हुए लंड की चुसाई शुरू कर दी। भाभी मेरे लंड को अच्छे से अपनी जीभ से चूस रही थी जिससे मुझे काफी मजा आ रहा था। 

अब मेने भाभी को बिस्तर पर लेटने को कहा और भाभी की साडी ऊपर कर दी। भाभी की दोनों टाँगे खोलते हुए मेने अपना लंड भाभी की चुत पे लगाया और एक ही बार में अपना लंड भाभी की चुत से घुसा दिआ। 

भाभी की चुदाई में जोरो से करना शुरू हो गया था और भाभी भी आहे लेते हुए अपनी चुत मुझसे मरवा रही थी। भाभी की चुत से सफ़ेद पानी मेरे लंड पर आ गया था और मेरे लंड की रफ़्तार से भाभी और तेज आहे ले रही थी। 

अब मेने भाभी की चुत में अपना लंड और भी गहराई में डालते हुए चुदाई शुरू कर दी और भाभी की चुत से कुछ ही देर में पानी की धार निकल गयी और भाभी ने अपनी चुत मसलते हुए अपनी चुत से सारा पानी बाहर निकाल दिआ। 

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