भाभी मेरी लंड की दीवानी – लंड की प्यासी मेरी भाभी

मेरे भाई की शादी बस 2 महीने पहले ही हुई थी और मेरे भाई का कमरे मेरे निचे वाले फ्लोर पे ही था। भाई ने सुहागरात पे भी भाभी की मस्त चुदाई करि थी जिसकी आवाजे मुझे रातभर सुनाई दी थी। 

मेरी भाभी की किसी आइटम से काम नहीं थी। भाभी के 2 मोटे मोटे बूब्स थे और चुदाई करवाने से उनकी गांड पीछे से और भी ज्यादा उठ गयी थी। मेरे भइया एक ऑफिस में काम करते थे जिस वजह से उन्हें विदेश यात्रा पर भी जाना पड़ता था। 

अब कुछ दिन भइया के ऑफिस से विदेश जाने के लिए फोन आया और इस बार भइया को करीब 10 दिनों के लिए विदेश में ही रहकर काम करना था। भइया के बिना भाभी भी उदास रहने लगी थी और वह भइया विदेश से भाभी को कॉल किआ करते थे। 

अब 10 दिन होने ही वाले थे और भाभी को उम्मीद थी की भइया कुछ दिन में घर आ जायेंगे। घर पर भइया का फोन आया और भइया ने बताया की अब वह 15 दिन और वही रुकेंगे क्युकी उनकी कंपनी ने उन्हें दूसरा काम भी वही दे दिआ है। 

अब भाभी का मूड पूरा पूरा दिन ऑफ रहने लगा। मम्मी ने भी मुझे कहा की अपनी भाभी से बात कर लिआ करो क्युकी वह आजकल उदास दिखने लगी है।  मेने भाभी से बात करना शुरू करि पर भाभी मुझसे सही से बाते नहीं करती थी। 

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भाभी को लगी लंड की प्यास 

अब कुछ दिन बाद भाभी का बर्ताव मेरे लिए एकदम ही बदल गया और वह मुझसे बहुत ही प्यार से बाते करने लगी। भाभी ने मेरी सेवा भी करनी शुरू कर दी थी जैसे मेरे कमरे में खाना लाना और पानी देना। 

अब मेरी और भाभी की बनने लगी और भाभी भी मुझसे प्यार से अपनी बाते कहने लगी। पर धीरे धीरे भाभी की नियत में मुझे कुछ खोट दिखाई देने लगी। एक दिन में अपने छोटे कच्छे में बैठा खाना खा रहा था और भाभी की नजर मेरे लंड पर ही थी। 

भाभी की नियत मुझे समझ आ गयी की वह अब लंड की प्यासी हो चुकी है।  भइया से रोज चुदाई करवाने के बाद अब वह लंड के बिना बेचैन होने लगी थी और घर में मेरे लंड पर उसकी नजर आ चुकी थी। 

पर मेने कोई भी जल्दी नहीं की और भाभी को उनकी चाले चलने दी। अब धीरे धीरे भाभी मेरे करीब आना शुरू हो गयी और मेरे जिस्म को चुने के बहाने ढूंढने लगी। अब एक दिन मेरा लंड खुद ही खड़ा हो रहा था जिसका मेने फायदा उठाने की सोची। 

खड़ा लंड अपने पाजामे में लेकर में भाभी के पास जाकर बेठग्या और उनसे बाते करने लगा। भाभी की नजर मेरे लंड पर ही जा रही थी और उनका मन ललचा रहा था। अब भाभी ने मुझसे हवस भरी बाते करना शुरू कर दिआ। 

भाभी ने मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछा और कहा की क्या मेने कभी किसी लड़की को किस किआ है? मेने भाभी को मना कर दिआ और कहा की मेरी किस्मत इ कभी ऐसा लिखा ही नहीं की मै किसी लड़को को किस कर सकू। 

मेरा लंड अब और भी ज्यादा खड़ा और बड़ा हो गया था। भाभी की नजरे मेरे लंड से नहीं हट रही थी और भाभी ने मुझसे कहा की लाओ मै तुम्हरी किस्मत में आज यह खुशनसीबी भी लिख देती हु। 

ऐसा कहने के बाद भाभी अपने घुटने पे बैठी और मेरे ऊपर आकर मुझे बिस्तर पर लिटा दिआ। भाभी अब  सीधा मेरे होठो की तरफ आयी और उनपर अपने होठ रख दिए और किस करने लगी। 

मै भी भाभी के होठो को चूसने लग गया और मेरा जिस्म भी गरम होना शुरू हो गया। मेरा लंड अब एकदम खड़ा हो गया था जिसे भाभी ने अपने हाथ में ले लिआ और हिलाने लगी। दुपहर के 2 बज रहे  थे  और भाभी को शायद पता था की यह समय मम्मी और पापा के सोने का है। 

बाप और बेटी की सुहागरात – बाप ने हवस ने आकर अपनी बेटी चोदी 

भाभी ने लिआ मेरा लंड अपनी चूत में और बुझाई हवस की प्यास

भाभी खड़ी हुई और जल्दी से अंदर से दरवाजा बंद कर दिआ। भाभी ने अब सीधा मेरे पाजामे को खोला और मेरे लंड को अपने मुह्ह में लेके चूसने लगी। भाभी किसी रंडी की तरह मेरे लंड को चूस रही थी और आहे भर रही थी। 

कुछ देर मेरा लंड चूसने के बाद भाभी उठी और अपनी साडी खोलते हुए मेरे सामने नंगी हो गयी। भाभी ने जैसे ही अपनी ब्रा का हुक खोला उनके दोनों बूब्स आजाद हो गए जिनके निप्पल पूरी तरह खड़े हो रखे थे। 

भाभी ऊपर होती हुई मुझ पर चढ़ी और अपने बूब्स को मेरे होठो से मिलाने लगी। मेने भी भाभी के दोनों चुचो के निप्पलों को बारी बारी अपने होठो से चूसते हुए उन्हें कामुक कर दिआ। 

 अब भाभी को मेने निचे कर दिआ और उनके बदन को चूमने लगा। भाभी का पूरा शरीर हवस से तप रहा था और अब मै भाभी को चूमते हुए उनक चूत की तरफ बढ़ा। भाभी की चूत एकदम चिकनी थी और उनकी चूत पानी भी छोड़ रही थी। 

भाभी के चूत पे होठ रखते हुए मेने अपनी जीभ उनकी चूत की फांको में घुमानी शुरू कर दी। भाभी एकदम ही हवस से पागल सी हो गयी और मेरा मुह्ह अपनी चूत  में देते हुए अपनी चूत जोर चटवाने लगी। 

भाभी की मादक हो चुकी थी और मेने अब अपना लंड उनकी चूत के मुह्ह पर रखा। भाभी चुदाई करवाने के लिए तड़प रही थी और मुझे अपनी तरफ खुश रही थी। अब धीरे से मेने अपना लंड भाभी की चूत में डाल दिआ और भाभी आहे भरने लगी। 

भाभी ने अपन चादर को अपने हाथो से नोचना शुरु कर दिआ और मेने भाभी की चूत की चुदाई चालू कर दी। भाभी मस्त आआअह्ह अह्ह्ह्हह करती हुई मुझसे अपनी चुदाई करवा रही थी। 

भाभी की चुदाई करते हुए मेने उनकी चूत को हाथ से मसलना भी शुरू कर दिआ जिससे वह और गरम हो गयी और हाफ्ते हुए चुदाई कराने लगी। भाभी को बहुत मजा आ रहा था और में उनकी चूत में गहरायी तक लंड घुसाते हुए चुदाई कर रहा था। 

अब मेरा लंड पानी छोड़ने वाला था और यह बात मेने भाभी को बताई भाभी ने तभी मेरा लंड अपनी चूत  से निकलवाते हुए मुह्ह में भर लिआ और जोर जोर से चूसने लगी। मेरे लंड का सुपाड़ा लाल हो गया और भाभी के मुह्ह में ही मेरा सारा वीर्य गिर गया। 

उस दिन के बाद भाभी कभी उदास नहीं हुई और भाभी की चूत की आग मेने भइया के जाने के बाद आगे भी कई बार बुझाई। 

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