रात में भाभी की चुत चुदाई का मजा 

रात का समय हो गया था और आज के दिन लाइट भी चली गयी थी। आज भैया भी घर नहीं आये थे और भाभी ने मुझे आवाज लगाते हुए कहा की आज आने भी वाले है या नहीं ये मै फोन करके पूछ लू। 

 मेने वैसा ही किआ और भैया को फोन करके पूछा और भइया ने मुझे बताया की आज उनके ओफिस में कुछ ज्यादा ही काम है इसलिए वह आज घर नहीं आने वाले है। भाभी को मेने भी सब बता दिआ। 

भाभी ने मुझे अब कुछ देर बाद कहा की क्यों ना आज की रात छत पर सोया जाए और गर्मी के मौसम में मुहे भी यह एक अच्छा प्लान समझ आया और मेने भी अब भाभी की बात में हामी भर दी। 

हम दोनों ने ही अब अपना अपना बिस्तर उठाया और ऊपर सोने के लये निकल गए। अब हम दोनों छत पर जाने के बाद काफी देर तक बाते करते रहे और बात बात में ही कब मेरी नींद लग गयी मुझे समझ भी नहीं आया। 

भाभी ने मुझे कुछ देर बाद उठाया और कहा की लाइट ए बहुत देर हो गयी है और अब हम दोनों को निचे जाकर सो जाना चाहिए। मै अभी नींद में ही था और भाभी के पीछे पीछे निचे चला गया। 

भाभी के साथ मै उनके ही कमरे में पहुंच गया और रात के अंद्देरे में मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की मै कहा जा रहा हु और किसके कमरे में हु। अब जैसे ही भाभी अपने बिस्तर पर गयी मै भी वही लेट गया। 

चुदक्कड़ दोस्ती और मेरा अनमोल प्यार 

भाभी के साथ सो गया रात में 

मै पूरा नींद में चल रहा था और भाभी ने भी शायद मुझे इसलिए कुछ भी नहीं कहा। भाभी के साथ अब मै वही सोने लग गया और अब रात के 3 बजे करीब मेरी नींद खली और मेने खुद को देखा। 

अब मुझे समझ आया की मै भाभी के कमरे में ही सो गया था और मुझ से कुछ ही दूर भाभी भी सो रही थी। भाभी का बदन अँधेरे में कायल सा दिख रहा था पर मेने खुद को सँभालते हुए अपनी जनजार भाभी से हटाई और अपने कमरे में जाने का सोचा। 

अब जैसे ही मै उठने भाभी ने मुझे देखा और भाभी ने मेरा हाथ पकड़ कर कहा की मै कहा जा रहा हु। मेने भाभी से कुछ नहीं कहा क्युकी वह आधी नींद में थी और अब भाभी ने मुझे वापस से बिस्तर पर खींच लिआ। 

अब भाभी का चेहरा मेरे बहुत ही ज्यादा करीब था और भाभी ने मुझे प्यार से देखते हुए अपने होठों से चूमना शुरू कर दिआ। मुझे कुछ समझ नहीं आया पर मुझे भाभी के कोमल होठो का एहसास अच्छा लग रहा था। 

मेने भी अब बिना सोचे भाभी का साथ देना शुरू कर दिआ। पर कुछ ही देर बाद अब भाभी ने अपनी आंखे सही से खोली और वह चौक गयी। भाभी ने मुझे कहा की मै यहाँ क्या कर रहा हु क्युकी यहाँ तो उनके पति और मेरे भैया थे। 

पड़ोसन का शराबी पति और उसकी चुदाई की प्यास

धोके से ही मारी भाभी की चुत

अब मेने भाभी को बताया की मै यहाँ बहुत देर से सो रहा था और भाभी ने शायद में भैया जैसा लगा इसलिए वह मुझे प्यार करने लग गयी। भाभी ने मुझे कहा की यह बात मै किसी से भी ना कहु क्युकी उनकी इजात पर बात आ जाएगी। 

मेने भाभी से कहा की इसकी वह चिंता ना  भी भइया जैसा ही अच्छा हु और किसी को यह नहीं बतायूंगा। अब इतना कहने के बाद मेने भाभी को प्यार से देखा और हम दोनों वापस से एक दूसरे को चूमने लगे। 

मेने अब बिलकुल न देर करते हुए अपने हाथो से भाभी की मैक्सी को ऊपर कर दिआ और उतार दिआ जिससे भाभी नंगी हो गयी। मेने अब अच्छे से भाभी के बदन पर चुम्बन किये और भाभी की टांगो के बिच आ गया। 

अब मेने अपना लंड बाहर निकाल लिआ था और भाभी की पैंटी थोड़ी साइड करते हुए मेने अपना लंड चुत के छेद में घुसाना चालू कर दिआ। थोड़े ही देर में हम दोनों चुदाई का आनंद उठा रहे थे और भाभी भी मेरा साथ देते हुए चुदाई करवा रही थी। 

यह चुदाई अँधेरे में हो रही थी और मेरे लंड के धक्को से भाभी के मुह्ह से अह्ह्ह अह्ह्ह्ह की आवाजे निकल रही थी। पर यह जोरदार चुदाई ज्यादा दिन नाह चली और भाभी की चूत मारते हुए मेरे  लंड से भी पानी निकल गया। 

Leave a Comment