भाभी की हवस भुजाइ और दिआ भाभी को चरमसुख

मेरी भाभी दिखने में किसी भी हीरोइन से कम नहीं थी और उनका शरीर देख किसी का भी पानी आसानी से निकल सकता था। भाभी जी की आवाज भी किसी कोयल से कम नहीं थी और यही बात उन्हें सबसे अलग बनाती थी। 

वह सभी से बहुत ज्यादा प्यार से बात करती थी और उन्हें अगर कोई कुछ गुस्से में कह भी देता था तो वह उसका भी उल्टा जवाब नहीं  देती थी। पर भाभी की इन खासियतों के बाद भी मेरा दिल बस उनकी सूरत पर था। 

भाभी से मै अंदर ही अंदर अब प्यार करने लगा था पर मै यह बात उनसे कह नहीं सकता था क्युकी वह मेरे भाई की पत्नी थी और यह बात मेरे लिए भी बहुत शर्मसार होती की मै अपनी भाभी पर की आंखे लड़ा रहा हु। 

पर एक दिन कुछ ऐसी बात हुई की मुझे अपनी भाभी से दिल की बात केहनी ही पड़ी। तो बात कुछ यु हुई की मेवेसे तो भाभी पर नजर नहीं रखता था पर जैसे जैसे मै बड़ा हो रहा था मेरा दिल उन्हें देखे बिना ख़तम नहीं हो पा रहा था। 

 ऐसे ही एक दिन मै अपने फोन में लगा हुआ भाभी के कमरे में चला गया बिस्तर पर लेट गया।  पर लेटते हुए कोई चीज मेरी पीठ पर चुभने लगी और मेने उसे हटाने के लिए चद्दर को हटा दिआ। 

पर अब जो मेने देखा उसे देख मेरी आंखे फटी की फटी रह गयी। बिस्तर के निचे भाभी की कुछ नंगी तस्वीरें थी और नंगी कहानिओ वाली बहुत साड़ी किताबे भी थी जिनमे हवस से भरी कहाणीआ थी। 

और भी भाभी की कहानिआ: Bhabhi Sex Story

भाभी की नंगी किताबे पढ़ी 

मेने  उनमे से एक को उठाया और पढ़ना शुरू किआ और कुछ ही देर में मै उस किताब में खो गया। पर जैसे ही कुछ देर हुई पीछे से भाभी कमरे में आ गयी और मुझे किताब के साथ देख लिआ। 

भाभी मुझे किताबो को लिए खड़ा देख चौक गई थी और कुछ देर के लिए बस खड़ी रह गयी थी। अब मेने किताब को बंद करके जल्दी से निचे रख दिआ और भाभी ने मुझ से डरते हुए पूछा की मेंउनके कमरे में क्या कर रहा हु। 

मेने भाभी से कहा की मै बस ऐसे ही यहाँ लेता था और यह किताबे मेरी पीठ में लग रही थी। अब मेने वापस से सवाल किआ की क्या भाभी यह किताबे आपकी है ?

भाभी घबरा गयी और जल्दी जल्दी में कहने लगी की वह यह सब नहीं पढ़ती और किताबे भैया की है। मेने कहा की अगर ऐसा है तो मै भइया से ही इन किताबो के बारे में बात करूँगा। 

भाभी और भी ज्यादा घबरा गयी और कहने लगी की मै ऐसा ना करू।  मेने भाभी से कहा क्यों और अब भाभी ने कुछ देर रुक कर जवाब दिआ की यह किताबे उनकी ही है और उनकी हवस की वजह से यह सब पढ़ती है। 

मेने कहा की अगर ऐसा है तो किताबो से उनकी हवस क्या ख़तम हो जाती है ? भाभी ने ना में सिर हिलाया और कहा की नहीं ऐसा तो नहीं है पर इससे उनका जिस्म थोड़ा बहुत ठंडा हो जाता है। 

अब मेने भाभी से कहा की अगर वह चाहे तो मै उनकी बहुत मदद कर सकता हु क्युकी मै उनसे बहुत प्यार करता हु। भाभी ने कहा की मदद ? मेने कहा की मै  यह बात किसी से भी नहीं कहूंगा और उन्हें बहुत प्यार दूंगा। 

चाची की ठुकाई करि खाना बनाते हुए

चुदाई करके मिटाई भाभी की हवस और दिआ चरमसुख 

भाभी ने कुछ देर इस बारे में सोचा और वह मेरी बात मान गयी। मेने अब भाभी से कहा की वह बिस्तर पर जाके लेट जाए मै निचे से पानी पाइक आता हु। अब मै पानी पीके निचे से आया और मेने देखा की भाभी आंखे बंद करके बिस्तर पर लेटी थी। 

मेने अब अपना जिस्म भाभी के ऊपर गिरा दिआ और उनके होठो को चूसने लगा। भाभी की हवस भी साफ़ दिख रही थी और वह भी मेरे होठो का रसपान अच्छे से कर रही थी। 

मेने अब भाभी के सारे कपडे निकाल उन्हें नंगा कर दिआ और उनके बूब्स को चूसने लग गया। भाभी की साँसे बहुत गरम हो गयी थी और उनकी चुत पर हाथ लगाते ही मै समझ गया की वह चुदाई की भुकी है। 

मेने भी अब अपना लंड बाहर निकाला और चुत में देते हुए जोर का धक्का मारा। भाभी के मुह्ह से आह  निकलते ही मेने चुदाई करना शुरू कर दी और भाभी मुझे अपनी तरफ खींचते हुए चुदाई का मजा लेने लगी। 

भाभी अपने बूब्स दबाते हुए और मेरे होठो को चूसते हुए मेरा लंड अपनी चुत में मजे से ले रही थी। चुदाई बहुत तेज हो रही थी और भाभी के मुह्ह से आआह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह की आवाजे कमरे में आ रही थी। 

यह चुदाई कुल 20 मिनट तक चली और भाभी ने भी इस बिच मेरे लंड को अच्छे से अपनी चुत में लिआ और सेक्स का भरपूर मजा लिआ।  

Leave a Comment