भाभी की तेल वाली मालिश और चिकनी चुत की चुदाई 

मेरी भाभी शुरू से मज़ाक़िआ और दिखने में बहुत ही ज्यादा सुन्दर थी।  भाभी जब भी मुझ से मजाक करती थी वह बहुत ही ज्यादा सुन्दर लगती थी। भाभी के स्तन भी बहुत मोटे और गोल गोल थे जिनके बारे में सोच मै कई बार मुठिआ भी मारा करता था। 

आज मुझे और भाभी को मिल के पुरे घर की सफाई करने का काम मिला था। भाभी ने मुझे भी अपने साथ काम में लगाते हुए पंखा साफ़ करने को बोला।  पर कुछ ही देर बाद मै गर्मी के कारण निचे आ गया और भाभी इस बात से गुस्सा हो गयी। 

भाभी अब खुद ही गुस्से में ऊपर चढ़ पंखा साफ करने लग गयी। भाभी ने कुछ देर तक पंखा अच्छे से साफ़ किआ पर कुछ ही देर बाद भाभी का संतुलन सा बिड़गड़ा और भाभी निचे गिर गयी और भाभी की चीख भी निकली। 

आवाज सुनते ही मै अंदर आया और भाभी को देखा तो वह निचे गिरी हुई थी। अब मेने भाभी को हाथ दिआ और उन्हें बिस्तर पर बिठाया। मेने भाभी से माफ़ी मांगी और कहा की यह सब मेरी ही वजह से हुआ है। 

भाभी को बहुत दर्द हो रहा था इसलिए मेने भाभी से कहा की मै सिकाई करने के लिए निचे से बर्फ लेके आता हु जिससे उन्हें थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। भाभी ने मुझे रोका और कहा की बर्फ से ज्यादा तेल कारगर है जो की दर्द काम सकता है। 

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भाभी की कमर से हाथ ले गया चुत तक 

निचे से जाके में भागते हुए तेल ले आया और भाभी को दे दिआ। भाभी गुस्सा हुई और भाभी ने मुझे कहा की वह खुद ही अपनी कमर पर तेल कैसे लगा सकती है। ऐसा कहने के बाद भाभी ने तक की डिब्बी मेरे हाथ में दे दी। 

मेने भाभी से कहा की मुझे तेल लगाना और मालिश करना बिलकुल नहीं आता है इसलिए शायद हमें मम्मी के आने का इन्तजार कर लेना चाहिए। भाभी ने कहा की वह मुझे मालिश करना सीखा देगी और जैसे जैसे वह कहती है मै करता रहु। 

भाभी ने मुझे तेल हाथ पे लगाने के लिए कहा और पीठ पर भी तेल गिर्वा लिआ। अब मै भाभी की कमर पर अच्छे से हाथो से मालिश कर रहा था जिससे भाभी को भी आराम मिलने लगा था। 

अब भाभी ने कहा की मै मालिश थोड़ी और निचे की तरफ करकरू जहा उन्हें ज्यादा दर्द हो रहा था। मेने अपने हाथ थोड़े और निचे कर लिए और अब भाभी की सलवार का नाडा मेरे हाथ पे लगने लगा। 

भाभी ने अपने हाथ से सलवार थोड़ी सी निचे कर ली जिससे उनकी गांड की लकीर दिखने लगी। अब मै अपने हाथ भाभी की गांड पर भी फेरे जा रहा था और इससे भाभी भी गरम हो चुकी थी। 

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भाभी की चुत पर लगाया तेल और लंड घुसा दिआ 

अब भाभी ने मुझे कहा क उनकी सलवार पर तक ना लग जाए इसलिए मै उसे निचे करके मालिश कर दू। अब मेने भाभी की सलवार निकाल दी और भाभी की काली पैंटी मेर सामने थी जिसपर मेरे हाथ दुबारा खा रहे थे। 

भाभी ने अब कहा की मै उनकी पैंटी भी निकाल दू और यह सब बहुत तेज तेज हो रहा था। मेरा लंड भी अब खड़ा हो चूका था और मेरे हाथ अब भाभी की गांड की मालिश कर रहे थे। 

मेने अब भाभी की गांड के निचे से तेल उसकी चुत पर भी मसलना शुरू कर दिआ। भाभी भी गरम और कामुक हो गयी थी और अब मेने भाभी की तरफ देखा जो अपनी टाँगे खोल चुत को हाथ से रगड़ रही थी। 

अब मेने अपना लंड पजामे से बाहर निकाल लिआ और थोड़ा और तक भाभी की चुत पर टपका दिआ। भाभी की चुत पूरी तरह से चिकनी हो गयी थी और अब मेने अपना लंड उसपर रखकर एक झटका मारा जिससे लंड अंदर घुस गया। 

 मेने भी अब भाभी की चुत चुदाई शुरू कर दी और जोर जोर से लंड अंदर बहार करने लगा। भाभी आहे लेती हुई अपनी चुत मरवा रही थी और मै भी अपनी जान लगाते हुए चुत में लंड को पेला जा रहा था। 

भाभी अपनी बूब्स को अपने दोनों हाथो से दबाते हुए करहा रही थी और मै चुत चुदाई में अब पूरी तरह से खो गया था। जोरो की चुदाई के बाद अब मेरा लंड भी पानी निकालने वाला था। 

मेने चुदाई और भी ज्यादा तेज कर दी और भाभी अह्ह्ह अह्ह्ह करते हुए चुदने लगी और  कुछ ही पल बाद मेरे लंड से पानी निकल गया और भाभी भी नंगी बिस्तर पर लेट गयी। 

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