भाभी को गर्मी के मौसम में चोदा – पसीना, वासना और चुदाई

मेरे स्कूल की गर्मिओ की छुट्टी शुरू हो गयी थी और हर साल की तरह में इस साल भी गर्मी से बहुत परेशान था। पर इस साल कुछ अलग था क्युकी कुछ ही महीनो पहले मेरी भाभी घर पर आयी थी और उनसे मेरी काफी अच्छी बनती थी। 

मेरी भाभी दिखने में बेहद ही प्यारी और सुन्दर थी जिनपर कोई भी मर्द आसानी से लट्टू हो जाये।  भाभी ज्यादातर मैक्सी में ही घर पर काम किआ करती थी ओर गर्मी ज्यादा होने के कारण ये चीज लाजमी भी थी और जरूरी भी। गर्मी दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही थी और हम सबकी हालत भी खराब थी। 

अब कुछ दिन बाद भईया ने हम सभी को बताया की उन्हें कुछ महीनो के दुबई जाना होगा। यह बात  सब खुश भी थे और दुखी भी। भैया ने मुझ से भी पूछा की मुझे दुबई से वापस आते समय क्या गिफ्ट चाहिए।  पर मेने भैया को कुछ भी लाने से मना कर दिआ। 

एक हफ्ते बाद अब भैया भी  दुबई के लिए रवाना हो गए और हम सबका गर्मी से बुरा हाल होना जारी थी। एक रात की बात है हम सभी आराम से अपने अपने कमरे में कूलर की हवा कहते हुए सो रहे थे की इतने में बत्ती चली गयी। गर्मी ज्यादा होने की वजह से सभी लोगो की नींद भी खुल गयी थी। 

बत्ती गए हुए लगभग एक घंटा हो चूका था और अब भाभी कुछ समय बाद मेरे कमरे में आयी और मुझे छत पर सोने के लिए पूछने लगी। मेने भाभी से मन करते हुए कहा की छत पर मछर बहुत होते है इसलिए वह भी सोना बहुत मुश्किल होगा। 

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गर्मी से परेशान भाभी ने भी उतार दिए अपने कपडे 

अब भाभी मेरे कमरे में ही बैठकर मुझसे बाते करने लगी।  गर्मी से हम दोनों अपना ध्यान हटाने के लिए एक दूसरे से मजाक कर रहे थे। अब मेरी टीशर्ट पसीने से पूरी तरह भीग गयी थी तो मेने अपनी टीशर्ट उतारकर उसे कोने में रख दिआ और सिर्फ बनियान में भाभी से बाते करने लगा। 

भाभी को भी बहुत पसीना आ रहा था और मुझे ऐसे देखते हुए भाभी ने कहा की मेरी बनियान भी पसीने से भीगी हुई है। मेने भाभी से कहा की मुझे आपके सामने पूरे कपडे उतारने में शर्म आती है इसलिए मेने यह नहीं उतारी। भाभी हसी और कहा की मुझसे कैसा शर्माना मै तो तुम्हारी भाभी हु। 

भाभी की मैक्सी अब उनके बदन से चिपके जा रही थी और पसीना उनके पूरे गले से होते हुए जिस्म पर बह  रहा था। भाभी गर्मी से बहुत ही परेशान थी इसलिए मेने भाभी से कहा की शायद उन्हें दूसरे कपडे पेहेन लेने चाहिए क्युकी वह अब पूरी तरह गीले हो चुके थे। 

भाभी ने मुझसे कहा की उन्होंने आज के कपडे नहीं धोये है इसलिए उनकी दूसरी मैक्सी गन्दी ही पड़ी है। भाभी ने कहा की अगर वह भी लड़का होती तो मुझ जैसे बनियान में ही रहती और गर्मी से आराम से बच जाती। मै भाभी की इस बात पर हँसा और कहा की बनियान में भी उतनी ही गर्मी ही लगती है। 

भाभी मुझसे इस बात पर बेहेस करने लगी और अब भाभी ने कहा की रुको मै भी अपनी मैक्सी उतारकर तुम्हारी बात गलत साबित करती हु। मै यह सुनकर एकदम चौक सा गया और भाभी ने अगले ही पल अपनी मैक्सी ऊपर करते हुए उतार दी। भाभी मेरे सामने अब पेटीकोट और ब्रा में बैठी थी। 

भाभी मैक्सी निकलने के बाद बहुत ही खुश थी और उधर मेरा लंड उन्हें ऐसे देखकर खड़ा हो गया था। अब भाभी को थोड़ा अच्छा लग रहा था और मेरी नजर उनके बूब्स पर चुते हुए पसीने पर जा रही थी। भाभी के बूब्स पर भी बहुत सारा पसीना आया हुआ था और उनकी कमर से पसीना जाता हुआ उनके पेटीकोट को गिला कर रहा था। 

अब भाभी मुझे देखते हुए कहने लगी की देखो मुझे तुमसे ज्यादा पसीना आया हुआ है और उनका पेटीकोट भी पूरा गिला हो रखा है। मेने भाभी से मजाक में कहा की तो आप इसे भी उतार ही दीजिये। मेरे ऐसा कहते ही भाभी ने बैठे बैठे ही अपने पेटीकोट का नाडा खोला और उसे उतार दिआ। 

भाभी लाल कलर की पैंटी और ब्रा में मेरे सामने पसीने से भीगी हुई बैठी हुई थी। अब मेने भी गर्मी का बहाना बनाते हुए अपना पजामा भी निकाल कर भाभी से बाते।  भाभी की नजर मेरे लंड पर ही जा रही थी जो उन्हें देखकर खड़ा हो चूका था। अब भाभी ने कहा की उन्हें अभी भी गर्मी लग रही है और क्यों ना हम दोनों अपने सारे कपडे ही खोल दे। 

ऐसा सुनकर मेने भी उनकी बात में हां मिला दी और हम दोनों ही नंगे होकर बिस्तर पर बैठ गए। भाभी के दोनों चुचे बहुत ही बड़े बड़े और पसीने से भीगे हुए और उनकी चूत पर एक भी बाल नहीं था। भाभी और में एक दूसरे को निहारते हुए बाते कर रहे थे और मेरा लंड पूरा खड़ा हो ही गया था। 

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भाभी और मेने करि गर्मी में भी दमदार चुदाई 

भाभी ने मेरे लंड की तरफ इशारा करते हुए कहा की तुम्हे तो गर्मी से देखो क्या क्या हो रहा है। मै हसा और भाभी से कहा की यह जिस्म की गर्मी की वजह से हो रहा है और अब कुछ देर तक ऐसे ही रहेगा। भाभी ने कहा लाओ में तुम्हारी गर्मी को दूर कर देती हु। इतना कहकर भाभी ने मेरा लंड थाम लिआ और हिलना शुरू कर दिए। 

भाभी ने बोलै की भैया की गर्मी भी वह कई बार ठंडी कर चुकी और मै तो उनका छोटा भाई  ही हु। भाभी कुछ देर तक मेरा लंड हिलाती रही और अब मेने भाभी से कहा की मुझे और भी गर्मी लगने लगी है। भाभी ने मुझे रुकने को कहा और मेरा लंड अपने मुह्ह में लेकर चूसने लग गयी। 

मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा और में भाभी का सर पकड़कर अपना लंड उनसे चुसवाते जा रहा था। अब मेने भाभी को उठाया और भाभी के बूब्स को चूसना शुरू कर दिआ। भाभी का जिस्म पहले से ही पसीने से भीगा हुआ था और मै उनके गले पर अपने होठो से चुम्बन किये जा रहा था। 

भाभी भी मेरी तरह ही पूरी गरम हो चुकी थी और मुझे अपनी बाहो में कसकर दबा कर मुझे प्यार कर रही थी। भाभी और में अब वासना से भर चुके थे और हमें गर्मी से कोई भी मतलब नहीं रह गया था। मोमबत्ती की रौशनी से भाभी का यौवन और भी कमाल का लग रहा था। 

मै भाभी का बदन चूमता हुआ उनकी चूत तक पंहुचा और उनकी चूत पर अपने होठो से चुसाई  करने लगा। भाभी मुझे अपनी चूत बड़े मजे से चटाये  जा रही थी और लम्बी लम्बी सांसे ले रही थी। अब मेने भाभी की दोनों टाँगे खोली और अपना लंड उनकी चूत पर रख दिआ। 

भाभी ने अपने हाथ से मेरा लंड अपनी चूत पर सेट किआ और मेने उनक चुदाई करना शुरू कर दिआ। भाभी की चूत में मै अपना लंड पूरी ताकत से थोक रहा था और भाभी करहाती हुई पसीने में भीगी बिस्तर पर पड़ी थी। भाभी अपने दोनों बूब्स दबाते हुए चुदाई का मजा ले रही थी और मै अपने धक्के उनकी चूत में दिए जा रहा था। 

हम दोनों गर्मी से पूरी तरह अनजान पसीने से नाहा चुके थे पर हवस हमारे दिमाग में घुस चुकी थी। चुदाई का मंजर चलता ही जा रहा था और भाभी भी आह्हः अह्हह्ह्ह्ह करती हुई अपनी चूत की गहराई में मेरा लंड लिए जा रही थी। 

कुछ देर चुदाई करने के बाद मेरा लंड अब झड़ने की वाला था और मेने यह बात भाभी को बताई। भाभी ने एकदम से मेरा लंड अपनी चूत से निकाला और अपने मुह्ह में लेकर गपागप चूसने लगी मेरा सारा वीर्य उनके मुह्ह में ही निकल गया। 

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