भाभी और मॉल के अंदर मजा – 3

मैंने देखा कि वो एक पारदर्शी मैक्सी में थीं, जिसमें से उनकी चूचियाँ और चूत साफ दिख रही थी। मैं अन्दर आया और मुझसे रुका नहीं गया। मैंने उन्हें अपनी बांहों में भर लिया और चुम्मी करने लगा। 

भाभी भी सेक्स करना चाहती थीं लेकिन पहले उन्होंने थोड़ा नाटक दिखाया। फिर वो भी मुझे किस करने लगीं। मैं भी उनकी गर्दन गाल और नाभि पर चूमने लगा। इससे वो भी गर्म होने लगीं। अब वो भी मेरा साथ देने लगीं। 

मैंने उनसे कहा- भाभी मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं। इस पर भाभी ने भी सामने से बोला कि मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूं जान। अब हम दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार करने लगे। भाभी बोलीं- जान, आज मैं तुम्हारे साथ सुहागरात मनाना चाहती हूं। 

मैंने बोला- बिल्कुल जान, जैसा आप बोलोगी … वैसा ही होगा। मैं तो वैसे भी चाहता था कि उन्हें जमकर चोद दूँ। भाभी ने कहा- तुम थोड़ा इंतजार करो, मैं अभी तैयार होने जा रही हूं। जब मैं तुम्हें आवाज़ लगाऊं, तब कमरे में अन्दर आ जाना। 

मैंने बोला- ओके जान। मैं बाहर हॉल में ही उनकी आवाज आने का इंतजार करने लगा। भाभी अन्दर दुल्हन की तरह तैयार होने के लिए चली गईं। करीब 35 मिनट बाद भाभी ने आवाज़ लगाई और मुझे बेडरूम में बुला लिया। 

इंटरनेट से सेक्स करने तक की कहानी

भाभी मनाने लगी पूरी सुहागरात

जब मैं अन्दर बेडरूम में गया, तो मैंने देखा कि भाभी ने दुल्हन का जोड़ा पहना हुआ था। वो पूरी दुल्हन की तरह सजी हुई थीं और रूम को गुलाब के फूलों से सजा रखा था। मैं उनके पास गया तो मैं उन पर टूट पड़ा। 

भाभी ने रोका और कहा- पहले आप ये दूध पी लो। मैंने कहा- मुझे ये दूध नहीं, तुम्हारा दूध पीना है। भाभी मुस्कुरा कर बोलीं- वो भी पिला दूंगी … अभी ये वाला तो पी लो। मैंने दूध पी लिया, मुझे नहीं पता था कि भाभी ने उसमें सेक्स पॉवर बढ़ाने वाली दवाई मिलाई हुई थी, जिससे मैं ज्यादा देर तक उनके साथ सेक्स कर सकूं। 

दूध पीते ही मैं भाभी पर टूट पड़ा। पहले मैंने उन्हें गले पर, नाभि पर और गर्दन पर किस किया। उन्हें भी जोश चढ़ गया। उसके बाद मैंने भाभी के होंठों पर होंठ रख कर किस करना चालू कर दिया और उनके होंठों का रस पीने लगा। 

वाउ दोस्तो … मैं क्या बताऊं कितना मजा आ रहा था। फिर कुछ मिनट तक किस करके मैंने उनके सारे गहने उतार दिए और साड़ी खोल दी। उसके बाद मैं उनके मम्मों मसलने लगा, वो कामुक सिसकारियां भरने लगीं। 

भाभी मुझको अपने आपसे चिपकाने लगीं। मैंने उनका पेटीकोट और ब्लाउज उतार दिया। वो ब्रा पैंटी में रह गईं। उस समय वो क्या सेक्स की देवी लग रही थी, देख कर ही मेरा हाल खराब हो गया था। मैं उन्हें चूमने चाटने लगा, उनके मम्मों को मसलने लगा। 

वो मेरे लंड पर हाथ फेर रही थीं और उसे सहला रही थीं। अब मैंने उनकी पैंटी और ब्रा उतार फैंकी और उनके मम्मों को चूसने लगा। भाभी भी अपने हाथ से मुझे अपने दोनों दूध बारी बारी से पिलाने लगीं। 

चाची को भी थी मेरे मोटे लंड की जरूरत अपनी चुत के लिए

भाभी के ऊपर टूट कर करि चुदाई

मैंने उनके दोनों मम्मों को इतना चूसा कि उनके मम्मे पूरे लाल हो गए। फिर मैं भाभी की चूत चूसने लगा। उसके बाद उन्होंने मेरे भी सारे कपड़े उतार दिए और मेरे लंड पर आ गईं भाभी ने मेरे लंड को मुँह में भर लिया और चूसने लगीं। 

फिर हम दोनों 69 पोजीशन में आ गए। अब वो मेरा लंड चूस रही थीं और मैं उनकी चूत। ऐसे करते करते वो झड़ चुकी थीं। मैं अभी तक नहीं झड़ा था। वो कहने लगीं- जान अब बर्दाश्त नहीं होता … जल्दी से अपना लंड मेरी चुत के डाल दो। 

मैंने उनकी टांगों के नीचे तकिया लगाया और उनकी चूत में उंगली की, जिससे उनकी चूत खुल जाए और उन्हें और मुझे ज्यादा परेशानी न हो। उसके बाद मैंने उनकी चूत पर अपना लंड टिकाया और धीरे से उनकी चूत एक जोरदार धक्का दे दिया। 

अब मेरा आधे से ज्यादा लंड उनकी चूत में चला गया और वो एकदम बहुत जोर से चिल्ला उठीं। मैं रुक गया और उनके पूरे जिस्म को चूमने चाटने लगा। उन्हें किस करने लगा। जब मैंने देखा कि उनके दर्द में आराम हो गया है और वो खुद से कह रही हैं कि जानू प्लीज अब चोदो और जोर से चोदो। 

मेरी चूत का भोसड़ा बन दो … जल्दी से चोदो। भाभी के मुँह से मादक सिसकारियां निकलने लगी थीं। उसकी गर्म सिसकारियों और उनकी बातों से मुझे बहुत ज्यादा जोश चढ़ने लगा। मैं उनकी धमाकेदार चुदायी करने लगा। 

कुछ बीस मिनट तक लगातार चुदाई के बाद मैं उनकी चूत में झड़ गया और उन्हीं पर निढाल होकर गिर गया। वो भी दो बार झड़ चुकी थी और मैं भी झड़ गया था। अब तक हम दोनों हांफते हुए पसीने में तरबतर एक दूसरे के ऊपर ही पड़े थे और उसी अवस्था में सो गए। 

कुछ आधा घंटा बाद हम दोनों फिर से गर्मा गए और एक बार फिर से भाभी की जबरदस्त चुदाई शुरू हो गई। उस रात में मैंने भाभी की 3 बार चुदायी की और उनकी गांड में भी उंगली की। मेरा मन भाभी की गांड मारने का था मगर भाभी ने अगली बार के लिए कहा। 

सुबह जब मैं उठा तो मेरे घर से मुझे घर से फोन आ गया था। मैं साइड में जाकर बात करने लगा क्योंकि मैंने भाभी को बता रखा था कि मैं अकेला रहता हूं। फोन पर बात करके मैंने भाभी से बोला कि मुझे ऑफिस से कॉल आई है, मुझे अर्जेंट जाना पड़ेगा। 

वो मेरी चुदायी से संतुष्ट लग रही थीं, तो हंस कर मुझे विदा करने लगीं। मैं निकलने को हुआ तो भाभी ने मुझे एक लंबा सा किस किया और मैं वहां से निकल गया।

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