पड़ोसन की कच्छी का हर्जाना – 2 

वो मुझे देखते ही जोर जोर से हंसने लगी। फिर बोली- अले ले ले मेले कुत्ते … तू तो आज सच की कुतिया लग रहा है। देख खुद को आईने में … तू इसी लिए पैदा हुआ कि तुम लड़कियों की सेवा करो। तेरी औकात मेरे पैरों में है। 

अब आ और मेरे मोजों को पहले सूंघ, फिर अपने दांतों से उतार। साले अगर हाथ लगाया, तो तेरा अंडा हथौड़े से फोड़ दूंगी। चल जल्दी आ बहनचोद। मैं जल्दी से नीचे लेट गया और कुत्ते की तरह उसके गंदे मोज़े सूंघने लगा। 

मुझे उसके मोजों की खुशबू का नशा चढ़ने लगा। मुझे वो खुशबू डियो से भी ज्यादा अच्छी लगने लगी। अलग सा हल्का नशा सा था। मैं सूंघते सूंघते खो सा गया था। तभी एक जोरदार चप्पल मेरे गाल पर पड़ी। मैं छटपटा गया। 

मेरी मालकिन मिक्की बोली- क्यों बे मादरचोद … यहां तू ख्यालों में खोने आया है या मेरी सेवा करेगा साले कुत्ते। मैंने बोला- आपकी सेवा करने आया हूँ मेरी मालकिन। उसने बोला- अब तू मेरे पैर नहीं भोसड़ी के … तुम अब मेरी बगलें चाटोगे। 

मैंने कहा- ओके मालकिन, आपका हुकुम सर आंखों पर। मैं खड़ा होकर अपना मुँह उसकी बगल में ले गया। अभी मैं उसकी बगलों की महक को सूंघ ही रहा था कि तभी मिक्की मालकिन ने मेरे अंडों को अपने हाथों से कसके पकड़ कर निचोड़ सा दिया। 

मैं तो मानो बेहोश हो ही जाता पर मैंने उसकी बगल को चाटना चालू रखा। उधर नमकीन स्वाद आ रहा था, पसीने से भरी बगलें मेरा नशा बढ़ा रही थीं। मैं सेक्स के नशे में आ गया था। उसने अलमारी खोली और रम की बोतल निकाली। 

मेहमानो ने दिखाए सुहाने दिन – 1 

दारू और सिगरेट का होने लगा नशा 

वो बोली- जल्दी से पैग बना बहन के लंड। मैंने जल्दी से पैग बनाना शुरू कर दिया। मैं भी रोज पैग लगाता हूँ, इसलिए मैंने पैग बनाए और उसको दिया। उसने उसे हलक के नीचे उतारा और एक सिगरेट जला कर कश ले कर धुंआ मेरे मुँह पर फूंका। 

फिर उसको पता नहीं क्या सूझा, उसने मुझे अपनी ब्रा में से एक छोटी सी गोली निकाल कर मुझे दी। मैंने पूछा- ये क्या है। उसने कहा- पूछना मना है। तुमको मजा लेना है, तो जल्दी से अन्दर कर लो। मैंने कुछ नहीं कहा और दवा खा ली। 

उसके दस मिनट बाद मुझे अजीब सी तरंग के साथ नशा चढ़ने लगा। मैं वहीं जमीन पर लेट गया और मालकिन मिक्की की चड्डी मुँह पर पहने पहने लेटा रहा। मुझे याद भी नहीं था कि मैंने चड्डी पहनी हुई है। 

मगर मुझे दिखाई सब दे रहा था और अन्दर से अच्छा भी लग रहा था। मेरी गांड में कुलबुली होने लगी थी। तभी डोरबेल बजी और मिक्की मालकिन का पड़ोसी दोस्त अंकित वहां आ गया। 

वो मुझे ब्रा पैंटी में देख कर हंसने लगा। मैं वहां लड़कियों की ब्रा पैंटी में एक बेजान लाश जैसे पड़ा था। मेरे मुँह पर मिक्की की पैंटी थी। तभी मिक्की ने अंकित से कहा कि ये देखो मेरा कुत्ता। अंकित हंसते हुए बोला- कुत्ता नहीं साली रंडी, ये कुतिया लग रहा है। 

मेहमानो ने दिखाए सुहाने दिन – 2

बिस्तर पर बांध कर बना दिआ मुझे रंडी

उसने मेरे आंड पर एक जोरदार लात मारी। वो चोट इतनी जोरदार थी कि मैं नशे में कुछ समझ नहीं पाया और बेहोश हो गया। फिर करीब 2 घंटे बाद मुझे होश आया मैंने आंखें खोलीं तो सब घूम रहा था। 

मुझको अभी भी नशा चढ़ा हुआ था। ये नशा मुझे पिछली बार से ज्यादा घर लग रहा था क्योंकि जब मैं बेहोश हुआ था तभी अंकित ने मुझे 2 पैग और पिला दिए। मैं बेसुध होकर कांपने लगा था। 

तभी मैंने देखा कि मैं हिल भी नहीं पा रहा हूँ क्योंकि मेरे हाथ और पैर बेड पर बंधे थे। मैं हाथ पैर फैला कर ब्रा पैंटी में लेटा था। तभी अंकित और मिक्की आ गए। अंकित के हाथ में एक मुलायम सी चोट करने वाली चाबुक थी। 

उसने खींच खींच कर 5-6 चाबुक मेरी जांघों और लंड पर दे मारीं। मैं गहरे नशे में होने की वजह से बौखलाया हुआ था। मुझे ऐसा लग रहा था, जैसे किसी ने खौलता तेल मेरे लंड पर डाल दिया हो। मुझे इस वक्त मेरी कामना पूरी होती दिख रही थी। 

मैं इसी तरह का मजा लेना चाह रहा था। चूंकि ये सब मैं पहली बार कर रहा था तो दर्द भी हो रहा था। मैं दर्द से कराहने लगा। मुझे कराहता देख कर वो दोनों हंसने लगे। 

तभी मिक्की मालकिन ने कहा- आओ इसे रंडी बनाते हैं। इसे रंडी बनने का शौक है। अंकित ने मुझसे कहा- कुतिया आज तेरी गांड का छेद, छेद नहीं कुंआ बन जाएगा।

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