बुआ की चूत की कर दी मालिश और बुआ हो गयी लंड की प्यासी 

हमेशा की तरह इस रक्षाबंधन भी बुआ पापा की राखी बाँड्ने के लिए घर पर आ गयी थी। यह दिन राखी से एक दिन पहले का था जिस दी सभी बुआ हमारे घर रात को ही आ जाती थी जिससे सुबह सारा काम जल्दी होकर वह जा सके। 

सभी को राखी बंध चुकी थी और हमारी 4 बुआ में से सभी अपने घर जा चुकी थी। पापा की एक मुह्ह बोली बेहेन भी थी जिसे हम बुआ कहते थे। वह भी पापा को राखी बांधने के लिए आयी हुई थी पर वह राखी बांधकर अपने घर नहीं गयी। 

बुआ का नाम साक्षी था और साक्षी बुआ का घर दूर होने के कारन वह अपने घर रात के समय नहीं पहुंचना चाहती थी। पापा ने बुआ को एक रात और रुकने के लिए बोल दिआ जिससे वह सुबह अपने घर के लिए निकल सके। 

रात के समय तक मम्मी ने पहले ही सभी बिस्तर धोएं के लिए डाल दिए थे और अब साक्षी बुआ क सोने के लिए जगह नहीं मिल रही थी। मम्मी ने मुझसे कहा की आज रात में बहार आंगन में सो जायु जिससे बुआ मेरे बिस्तर पर सो सके। 

बुआ ने यह बात सुन ली और कहा की वह मेरे साथ ही एक बिस्तर पर आराम से सो जाएगी क्युकी वह बहुत पतली है। अब मै और बुआ एक ही बिस्तर पर आराम से सो गए। मै रातो को देर से सोता था इसलिए अपना फोन चला रहा था। 

बुआ भी नहीं सोई थी और अभी वह  मुझ से बाते कर रही थी। बुआ ने मुझे कहा की बस के सफर की वजह से वह बहुत थक गयी है जिससे उनकी कमर भी दुःख रही है। बुआ से मेने कहा की उनकी कमर में दबा देता हु। 

भाभी का नंगा बदन गलती से देख हुआ चुदाई को बेचैन

बुआ की मालिश करके पहुंच गया उनकी चूत तक 

अब बुआ उलटी लेट गयी और उनकी मोटी गांड मेरे ठीक सामने थी। बुआ की कमर दबाते हुए में उन्हें प्यार से सेहला भी रहा था जिससे उन्हें शायद मजा आ रहा था। बुआ की कमर से मै उनके पेट को भी छुए जाए रहा था जिससे वह धीरे धीरे गरम हो रही थी। 

अब बुआ ने मुझे उनकी पीठ ऊपर से दबाने को कही। ऊपर से में अब उनके बूब्स पर अपने हाथ धीरे धीरे से लगाए जा रहा था जिससे वह भी अब गरम हो गयी थी। बुआ की सांसे अब गरम भी हो गयी थी और बुआ ने अब कहा की मै उनकी कमर आगे से दबा दू। 

मुझे कुछ भी समझ नहीं आया पर बुआ अब सीधी लेट गयी और मुझे मालिश करने को कहा। बुआ की कमर मै ऊपर से दबाते हुए उनकी चुत पर अपने हाथ लिए जा रहा था। अब धीरे धीरे मेने अपने हाथ बुआ की चूत पर भी फिराने चालू कर दिए। 

बुआ को जब मेने देखा तो वह आंखे बंद करती हुई मेरी मालिश का मजा ले रही थी जिससे मेरी हिम्मत बढ़ गयी। अब मेने बुआ की चूत को रगड़ना शुरू कर दिआ जिससे बुआ एकदम तेज तेज सांसे लेने लगी। 

अब मेने ऊपर जाते हुए बुआ को किस करना शुरू कर दिया जिसका जवाब बुआ भी अच्छे से दने लगी। बुआ पूरी तरह से कामुक हो गयी थी और मुझे प्यार कर रही थी। बुआ मेरे जिस्म पर हाथ फिराए जा रही थी जिससे मेरा लंड भी पूरा खड़ा हो गया था। 

अब मेने बुआ के कपडे खोलकर अलग कर दिए और उनके चुचो को बारी बारी से चूसने लगा। बुआ को बहुत मजा आ रहा था और बुआ चरमसुख लेने के लिए तैयार थी। बुआ की अब मेने पैंटी भी निकाल दी जो पूरी तरह से गीली हो गयी थी। 

बुआ की चूत पर मेने अपने हाथ फिराने शुरू कर दिए और बुआ कामुक होकर तड़पने लगी। बुआ की चुत की फांको में मेने अपनी एक उंगली घसा दी जिससे वह चुदाई को पागल हो गयी और मेने होठो को काटने लगी। 

दोस्त को बनाया अपनी चुदाई का साथी – कॉलेज फ्रेंड के साथ चरमसुख का मजा 

बुआ की चुत मारी और किआ बुआ को ठंडा

अब बुआ ने खुद मेरा लंड अपने हाथ से सहलाना शुरू कर दिआ और उठकर बैठ गयी। बुआ ने मेरे लंड को पजामे से बाहर निकाल और मुह्ह में लेकर चुसाई शुरू कर दी। बुआ मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूस रही थी। 

बुआ मेरे लंड को खाने के तरह चूस रही थी जिससे मेरा लंड एकदम टाइट हो गया था। अब बुआ ने मेरा लंड खड़ा करके ऊपर अपनी चूत रखी और चुत में लंड लेकर अपने चुदाई शुरू कर दी। बुआ मेरे लंड पर कूदते हुए मेरा लंड अपनी चुत में अंदर बाहर कर रही थी। 

बुआ की टाइट चुत की चुदाई में मुझे भी बहुत मजा आ रहा था और बुआ अब आहे भरने लगी थी। रात के 2 बज रहे थे और सभी लोग सो भी रहे थे इसलिए मेने बुआ को और तेज तेज चोदना शुरू कर दिआ जिससे वह करहाने लगी। 

बुआ अपनी चूत को मसलते हुए चुदाई से अपनी चुत को बचा रही थी और मै लगातार बुआ की चुत में अपना लंड अंदर बाहर कर रहा था। तभी अचानक मेरा शरीर ऐठने लगा और मेरा लंड पानी छोड़ने वाला था। 

बुआ की चुत से मेने अपना लंड एकदम से निकला और सारा वीर्य बुआ की चुत के मुह्ह पर निकाल जिससे में एकदम ठंडा हो गया। उस रात मेने और बुआ ने 5 बार चुदाई करि जिससे बुआ की चुत भी ठंडी पड़ गयी थी। 

Leave a Comment