राखी पर मिला बुआ से बेहतरीन तोहफा 

आज राखी थी और हर साल की तरह इस साल भी पापा की मुह्ह बोली बेहेन और  हमारी बुआ पापा को राखी बांधने के लिए आ गयी थी। बुआ अभी बहुत ही जवान थी और उनकी अभी शादी भी नहीं हुई थी। 

मम्मी को बुआ बिलकुल भी पसंद नहीं थी क्युकी वह जींस और टॉप में ही हमेशा हमारे घर आती थी और पापा और हमे राखी बंधति थी। बाकि सब रही दूर की बात तो चलिए में आपको अब कहानी पर ले चलता हु। 

हुआ यु की बुआ की ने हम सभी को राखी बांध दी और अब पापा ने बुआ की सभी की तरह से तोहफे के रूप में पैसे भी दे दिए पर बुआ ने मजाक करते हुए अब मुझ से कहा की अब तो मै भी बड़ा हो गया हु इसलिए मुझे अपना तोहफा खुद  ही देना चाहिए। 

मुझे यह बात बिलकुल पसंद नहीं आयी पर पापा ने भी कहा की अब यह भी अपना काम खोलने वाला है जिसके बाद यह अपने पेरो पर खुद ही खड़ा हो जायेगा। यह सुन बुआ ने भी पापा की बात में हां मिला दी। 

अब मेरा मूड यह सब सुन कर अच्छा नहीं रहा था और मै सीधा ऊपर  कमरे में चला गया।  अब कुछ देर में बुआ ऊपर आयी और मुझे गुस्से में देख मुझे मनाने लगी। बुआ ने कहा की वह अपनी बात के लिए माफ़ी मांगती है और वह मुझे जो चाहिए गिफ्ट भी देगी। 

यह सुन मै तो खुश ही हो गया था क्युकी आज बुआ बहुत ही ज्यादा हॉट लग रही थी और मुझे गुस्से में उनकी चुदाई कर एक मन कर रहा था। अब  बुआ ने मुझे कहा की बताओ तुम क्या चाहिए। 

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बुआ से मांग ली एक रात की ख़ुशी 

अब शुरू में तो मै कुछ भी नहीं बोला पर कुछ देर बाद अब बुआ ने मुझसे दुबारा यह बात पूछी तो मेने बुआ से कहा की मुझे एक लड़की से प्यार है जिसे मुझे अपने साइन से लगाना है पर यह मुमकिन नहीं है। 

बुआ यह सुन पहले थोड़ा चौक गयी पर बुआ ने कहा की वह जानती है की मै अब बड़ा हो गया हु पर यह अभी मुमकिन नहीं है इसलिए मै उनसे कुछ और मांग लू। अब मेने दुबारा कुछ देर सोचा और बुआ से कहा की आज की रात वह यही रुक जाए जिससे में उन्हें सोच कर बता दूंगा। 

अब बुआ ने मेरी बात में हामी भर दी और बुआ ने कहा की ठीक है वह शाम के समय मुझसे दुबारा पूछेंगी और जो मै चहु तब मांग सकता हु। अब शाम होने ही वाली  चूका था की मुझे बुआ से क्या लेना है। 

बुआ जैसे ही मेरे पास आयी मै बैठ गया और बुआ ने मुझ से कहा की अब बताओ की तुम्हे क्या चाहिए। मेने बुआ से कहा की पहले वह कसम खाये की वह मेरी बात से गुस्सा नहीं होंगी और किसी को भी नहीं बताएंगी। 

बुआ ने कसम खायी और मुझे बताने को कहा। मेने बुआ से कहा की मुझे आज की रात उनके साथ सोना है जिससे मुझे अपने प्यार को गले लगाने का भाव पूरी रात महसूस हो सके। 

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बुआ को सुलाया अपने साथ और चुत को चोदा 

बुआ चौक गयी और कहा की यह किसी मांग है ? मेने उन्हें उनकी कसम याद दिलाई और कहा की अब यही है जो वह मुझे दे सकती है। बुआ ने कुछ देर सोचा और कहा की ठीक है वह रात में मेरे कमरे में आकर सो जाएगी जिससे यह किसी को समझ भी नहीं आएगा। 

मेने बुआ की बात में हां कहा और रात हो गयी थी। यह समय बहुत मुश्किल से बिता पर अब रात के 12 बज गए पर बुआ ने जैसा कहा था वह मेरे कमरे में आगयी। बुआ रात के कपड़ो में और भी ज्यादा सेक्सी दिख रही थी और अब बुआ मेरे साथ लेट गयी। 

अगले ही पल मेने बुआ को अपने बाहो में ले लिआ और मेरी साँसे और दिल की धड़कन दोनों तेज हो गए। बुआ का भी यही हाल था और हम दोनों अब हवस में से भर गए थे। बुआ की सांसे भी उखड रही थी और अब मेने बुआ की पीठ को सहलाते हुए उनके टॉप में हाथ डाल दिआ। 

बुआ की नंगी पिक्थ मेने अपने हाथ से काफी देर सहलाई और अब बुआ भी गरम हो गयी थी। मेने बुआ से कहा की उन्हें इससे गुस्सा तो नहीं आ रहा है। बुआ ने मेरी तरफ देखा और मुस्काई जिसके बाद मै पूरा खुल चूका था। 

मेने बुआ के होठो को अपने होठ से मिलाया और चूसना शुरू कर दिआ। बुआ भी जवाब में अच्छे से मेरे होठो को चूस रही थी और किस कर रही थी। मेने अब बिना देर करते हुए बुआ का पजामा अपने हाथ से निकला और अपना लंड चुत पर सहलाने लगा। 

बुआ भी हवस से भरी हुई थी। उन्होंने अपने हाथ से मेरा लंड चुत पे रखा और एक ही बार में लंड अंदर चला गया और मेने बुआ की चुदाई शुरू कर दी। यह चुदाई काफी देर तक चली जिससे बुआ को भी काफी मजा आया और सुबह तक हमने 3 बार जोरदार चुदाई का मजा लिआ। 

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