स्लीपर बस में लड़की को चोदने का मौका – 1

मै आज गांव जाने वाला था और मम्मी ने मेरा खाना और कपडे दोनों ही सही से पैक कर दिए थे। मम्मी के कहने पर मेने अपनी ट्रैन की टिकट पहले की जेब में डाल ली और घर से निकल गया। 

समय रात का हो गया था और मम्मी ने भी कहा था की ट्रैन में बैठते ही मै उन्हें कॉल कर दू। जैसे ही मेने स्टेशन के लिए रिक्शा पकड़ा मेने देखा की आज रोड पर बहुत ही ज्यादा लम्बा जाम लगा हुआ है। 

मेने अपनी मम्मी को फोन किआ और बताया की ट्रैन पर समय से पहुंचना नामुमकिन है इसलिए अब मै बस का सहारा लेने वाला हु। मम्मी ने भी मुझे कहा की ठीक है मै बस से पहुंचने के बाद उन्हें बता दू। मम्मी मुझ से बहुत प्यार करती थी इसलिए उनकी चिंता जायज थी। 

अब मै बस पकड़ने के लिए निकल गया। रात का समय हो चला था और केवल वह बहुत देर से कोई बस भी नहीं आयी थी। कुछ समय बाद वह एक स्लीपर बस आयी जो की मेरे गांव से ही होके जाने वाली थी। 

मेने बस को रुकवाया और उस में चढ़ कर एक टिकट ले ली। मुझे एक सीट दे दी गयी जहा में आराम से सोते हुए अपना सफर तय कर सकता था। अब मेने अपना सामान जगह पर रख के अपना पर्दा लगा लिआ पर कुछ ही देर बाद मुझे बाहर से किसी की आवाज आई। 

बस बहुत जोर से चल रही थी इसलिए मेने देखा की कही कोई गिर तो नहीं गया। पर जैसे ही मेने अपना पर्दा हटाया मेने देखा की मेरे सामने वाली सीट पर एक लड़की बैठी हुई थी जो की बस वाले से स्लीपर सीट के लिए लड़ रही थी। 

बस का मालिक उसे समझा रहा था की अब कोई भी सीट नहीं बची है कुकी लास्ट वाली सीट भी मेने ले ली है। उस लड़की ने मेरी तरफ गुस्से से देखा और मेने तभी अपनी पर्दा लगा लिआ और लेट गया। 

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लड़की को बुलाया अपनी सीट पर 

अब बस को  चलते हुए काफी समय हो गया था और मेने पर्दा हटाकर देखा तो वह लड़की अपनी सीट पर लेती हुई थी और बार बार सोने की कोशिश कर रही थी पर बस के हिलने से वह नहीं सो पा रही थी। 

कुछ देर सोचने के बाद मेने सोचा की कुछ देर के लिए मै अपनी सीट उस लड़की को दे देता हु जिससे वह भी आराम कर पाए। अब मेने उस लड़को को आवाज देते हुए कहा की अगर वह चाहे तो मेरी सीट पर लेट सकती है और मै उसकी सीट पर बेथ जायूँगा। 

वह मान गयी और हमने अपनी अपनी सीट बदल ली। काफी देर हो गयी और अब रात के 3 बज चुके थे और मै बैठा बैठा ही सो गया था। कुछ देर बाद वह लड़की उठी और उसने मुझे आवाज दी और कहा की बहुत रात हो गयी है और अब मै अपनी सीट पर सो सकता हु। 

वह बहुत ही ज्यादा नींद में लग रही थी इसलिए मेने उससे अपनी सात को वापस लेना ठीक नहीं समझा और एक लड़का होने के नाते मेने उसे कहा की वह और आराम कर सकती है अगर वह चाहे तो मै यही सो जायूँगा। 

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लड़की ने सुला लिआ मुझे अपने साथ

लड़की मेरी इस बात को सुन कर चौक सी गयी थी और उसने मुझे अब कहा की अगर मुझे कोई दिक्कत ना हो तो मै ही आराम कर सकता हु वरना वह मुझे अपनी सीट वापस दे देगी और बैठते हुए ही सफर करेगी। 

अब मै कर भी क्या सकता था। मेने अपनी जूते उतारे और उस लड़की को पीछे होने को कहा। अब वह एक तरफ हो गयी और मै भी उस सीट पर जाकर लेट गया। कुछ देर तक हम दोनों ने काफी बात करि और  उसने मुझे कहा की मै शुरू में उसे बहुत ही बुरा आदमी लगा था। 

पर जैसे ही मेने उसे अपनी दया दिखाई वह समझ गयी की मै एक बहुत ही अच्छा इंसान हु।  और इसलिए वह मेरे साथ सफर करने में अब कतरा नहीं रही है। मै भी अपनी तारीफ सुन बहुत खुश हो रहा था पर कुछ ही देर बाद उस लड़की की आँख लग गयी और वह सो गयी। 

रात में बस बहुत ही तेज चल रही थी जिसकी वह से बस हिल भी रही थी और ऐसे ही कुछ ही समय बाद वह लड़की मेरे बहुत ही ज्यादा करीब आ गयी और उसका चेहरा मेरे चेहरे के सामने आ गया। 

की तभी एक जोर का धक्का बस में लगा और वह मेरे साइन से लग गयी और उसकी आँखे खुल गयी। समय कुछ ऐसा हो गया था की वह मुझ से एकदम चिपकी हुई लेती थी और उसके बूब्स मेरे सीने से चोट खा रहे थे। 

अब ऐसे ही मेरी साँसे एक दम से गरम हो गयी और लंड भी तनाव में आ गया। अब वह लड़की मुस्कुरायी और उसने मेरे पीछे हाथ करते हुए पर्दा लगा दिआ और मेरी आँखों में देखा। 

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