रस्ते में मिली लड़की ने दी चुत – 1

मैं ऑफिस जा रहा था। तभी मैंने रास्ते में देखा कि भीड़ का हुजूम लगा हुआ है। मैंने पास जाकर देखा कि एक बाइक वाले ने एक बच्चे को टक्कर मार दी थी। इसमें गलती छोटे लड़के की थी, वो अपनी मां का हाथ छोड़ कर रोड क्रॉस करने लगा था। 

तभी बाइक वाले ने बचने और बचाने की काफी कोशिश की, फिर भी वो टकरा गया और दोनों को बहुत चोट लग गई थी। मैं ये सब देख कर आगे बढ़ने की सोचने ही लगा था कि तभी भीड़ में मैंने एक लड़की को देखा, जो पास की झुग्गी में रहती थी। वो बिना दुप्पटा के थी। 

वो लौंडिया ब्लू कलर के सूट में थी। मैं उसके पास जाकर खड़ा हो गया और अपने हाथ की कोहनी उसके गोल गोल मम्मों में सटाने लगा। क्या नर्म नर्म चूची थी … मजा आ गया। मेरा लौड़ा खड़ा होने लगा। 

उस लड़की ने पहले तो इस बात पर गौर नहीं किया, पर जब बाद में उसे मेरी कुहनी अपने दूध पर कुछ ज्यादा गड़ती सी महसूस हुई तो वो जरा छिटक कर दूर खड़ी हुई और मेरी तरफ देखने लगी। मैंने उसकी आंखों को एक बार देखा और भीड़ की तरफ देखने का ड्रामा करने लगा। 

वो कुछ समझ तो गई थी मगर उसने कुछ नहीं कहा। एक दो मिनट बाद वो फिर से मेरे करीब हो गई। मैंने फिर से कुहनी उसकी तरफ की तो इस बार उसने कुछ नहीं कहा बल्कि वो खुद अपनी चूची मेरी कुहनी से रगड़वाने लगी। 

मैं समझ गया कि लौंडिया खुद मर मिटी है। अब मैंने उसकी तरफ देखा और होंठ गोल करके चुम्बन करने जैसा इशारा किया। वो मुस्कुरा दी। अब लड़की हंसी तो फंसी। मैंने उसका हाथ पकड़ा और बाहर ले जाने लगा। 

पड़ोस की लड़की ने दी चुत बजाने को – 1

दुकान पर जाकर पटाई लड़की

उसने मुझसे अपना हाथ छुड़ाया और खुद ही मेरे पीछे पीछे आने लगी। कुछ दूरी पर एक छोटी सी दुकान थी। मैं वहां गया और एक सिगरेट लेने के लिए दुकानदार को खोजने लगा। उस दुकान में कोई दुकानदार नहीं था। 

तभी उसी भीड़ में से वो लड़की आई और पूछने लगी- हां क्या लोगे भाईजान? मैंने दो उंगलियां अपने होंठों पर रखी और इशारा किया। वो हंस दी और बोली- धत्त। मैंने कहा- अबे यार मैं गोल्ड फ्लेक की सिगेरट मांग रहा हूँ। वो बोली- अरे मैंने समझी कि तुम कुछ और मांग रहे हो? 

ये कहते हुए उसने मुझे गोल्ड फ्लेक की डिब्बी में से एक सिगरेट निकाल कर दे दी। मैंने सिगरेट होंठों में लगाई और उससे माचिस देने का इशारा किया। उसने खुद ही लाइटर जला कर मेरी सिगरेट को सुलगा दिया। 

कसम से दिल खुश हो गया था क्योंकि जब वो मेरी सिगरेट सुलगा रही थी तो उसके कुर्ते के गहरे गले से उसकी चूचियों की मादक घाटी मेरा लंड खड़ा करने लगी थी। मैंने कश खींचा और धुंआ उसकी तरफ उड़ाते हुए कहा- बड़े ही खूबसूरत हैं। 

वो मेरी तरफ देखने लगी और बोली- क्या खूबसूरत हैं? मैंने आंखों के इशारे से उसके मम्मों को देखा, तो वो शर्मा गई और झट से अपने दुपट्टे से अपनी चूचियों को ढकने लगी। मैं उसकी तरफ ही देखता रहा। 

उसके गोल गोल मम्मे आगे से ऐसे नुकीले थे मानो किसी को चुभोने के लिए एकदम रेडी हों। मैं उसको देखता रहा, वो भी मुझे देखती रही कि मैं उसके मम्मों को देख रहा हूँ। कुछ पल बाद उसने पूछा- कुछ और चाहिए? मैंने कहा- हां, दो तो बताऊं। 

वो हंसती हुई अपनी दुकान का सामान ठीक करने लगी। अब मैं उसे काम करते हुए देखने लगा और सिगरेट पीने लगा। थोड़ी देर बाद वो अपनी दुकान के खोखे से बाहर आई और मेरी तरफ देखने लगी। मैंने उसको देख कर फिर से एक स्माइल पास की। वो भी थोड़ा मुस्कुराई। 

अब उसकी मां भी आ गई थी। मैंने पैसे दिए और एक और सिगरेट लेकर वहां से चला गया। थोड़ी दूरी पर एक मोड़ था। उधर मेरी बाइक खड़ी थी। मैं वहां से अपनी बाइक निकाल ही रहा था, तभी मैंने अपने पास से उसको रोड क्रॉस करते देखा। 

पड़ोस की लड़की ने दी चुत बजाने को – 2

लड़की की आ गयी माँ और मै निकला पतली गली से

अब मैंने उसे आवाज दी- क्या नाम है? उसने अपना नाम बताया लेकिन ट्रैफिक होने के कारण सुनाई नहीं दिया, वो आगे बढ़ती जा रही थी। मैंने 2-3 बार पूछा और वो भी अपना नाम बताती रही … लेकिन मेरी समझ में नहीं आया। 

फिर वो हंसती हुई चली गई। दूसरे दिन मैं अपनी कार से ऑफिस जा रहा। उसी जगह से गुजरते हुए मुझे उसकी याद आ गई। मैं कार स्लो करके उसको देखने लगा। तभी मुझे वो देखाई दे गई। 

आज वो कहीं जा रही थी। मैं उसके पास कार लेकर आया और उसको सीटी मारी। उसने मेरी तरफ देखा तो मैंने उसको कार में आने का इशारा कर दिया। वो मना करने लगी लेकिन एक दो बार बोलने के बाद मान गई। 

वो कार में मेरे बाजू में बैठ गई। मैंने पूछा- कहां जाओगी? तो वो बोली- आगे इसी रास्ते पर एक कॉलेज पड़ता है, उधर जा रही हूँ। मैंने उससे फिर से उसका नाम पूछा, तो वो हंसने लगी। वो बोली कि अभी ही तो बोला था। मैंने कहा- शोर की वजह से सुनाई नहीं दिया था। 

उसने अपना नाम अतूफ़ा बताया। वो इस ड्रेस में बड़ी मस्त लग रही थी। मैंने ध्यान से देखा कि उसके चूचे नीम्बू से थोड़े से बड़े थे। देसी जवानी देख मेरे अन्दर उत्तेजना पैदा होने लगी थी। मैंने उससे पूछा- कार का गियर बदलोगी? 

वो बोली- मुझे नहीं आता, कैसे करते हैं? मैंने कहा- मैं सब सिखा दूंगा कि कैसे करते हैं। वो अचकचाई और बोली- मतलब? मैंने कहा- मतलब बाद में समझ लेना। अभी हाथ इधर दो। वो कुछ नहीं बोली और न ही उसने अपना हाथ आगे किया। मैंने उसका हाथ पकड़ कर गियर पर रखा और गियर लगाना सिखाने लगा। 

उसका कोमल हाथ पकड़ने से मेरा लंड खड़ा होने लगा। मैंने उससे बोला- आज मैं तुम्हें कार चलाना सिखा दूंगा, सीखोगी? वो मान गई। मेरी आंखों में खुशी झलक रही थी। 

मैं अब कार को खाली और सुनसान जगह ले गया। उधर उसको कार के पार्ट्स के बारे में बताने लगा। फिर मैंने उसको ड्राइविंग सीट पर आकर बैठने को कहा और कार कैसे स्टार्ट होती है … वो बताया। वो बोली- मुझे उस सीट पर आना है? मैंने कहा- हां। वो बोली- फिर तुम किधर बैठोगे? अब मेरी बारी थी। मैंने उससे कहा- मैं भी इसी सीट में बैठूँगा।

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