जवान चाची को दिए असली सम्भोग का मजा – 2

चाची खिलखिला कर हंस दीं। फिर मैंने चाची की गांड को दबाया और अभी आगे कुछ करता कि चाचा की आवाज आ गई, तो मैं वहां से चला गया। फिर शाम को चाची मेरे पास आईं और पूछा- कैसी लग रही हूँ? मैं- यार चाची, आप तो एकदम सेक्सी माल लग रही हो। 

सच में आपको देखकर मुझे कुछ कुछ हो रहा है। चाची- अच्छा जी ऐसा क्या है मेरे में? मैं- चाची, आप हो ही इतनी हॉट माल हो कि आपको देखकर कोई हिलाए बिना नहीं रह सकता है। 

चाची- तू भी हिलाता था क्या मुझे देखकर? मैं- हां चाची, मेरा मन तो कबसे आपकी लेने का था, पर आप कुछ भाव नहीं देती थीं, तो मैं रात को आपकी पैंटी और सलवार लेकर हिला लेता था और अपना माल उसमें डाल देता था। 

चाची- अरे वाह, तू तो बड़ा कमीना निकला। तभी मैं सोचती कि मेरी चड्डी में कड़ापन सा क्यों है। चाची उस दिन बहुत मस्त लग रही थीं। उन्होंने लाल कुर्ती सफ़ेद लैगी पहनी हुई थी। कुर्ती भी बिल्कुल फिट थी। 

उनके दोनों संतरे बाहर निकलने को बेताब थे। चुस्त लैगी में उनकी गांड भी मस्त लग रही थी। मैंने चाची से कहा- चाची, आपके चूचे बाहर निकलना चाहते हैं और आपकी गांड भी मस्त लग रही है।

चुत की खुजली ने दिआ प्यार का दर्द – 2

चाची आ गयी मेरी बाहो में एकदम से

चाची- तो आ जा, कर दे आजाद इनको … और अब मुझे चाची मत कह। मैं अब तेरी रानी हूँ। मैंने चाची को आगे से आकर उनको अपनी बांहों में भर लिया और कहा- चाचा से कुछ हुआ ही नहीं आपका? चाची- वो कहां कुछ कर पाता है। 

वो तो सारा दिन लड़ता रहता है और जब अन्दर करता भी है, तो पांच मिनट में झड़ कर सो जाता है। मैं तड़पती रहती हूँ पर अब नहीं तड़पूँगी, अब तो मैं तेरे से ही मजे लूँगी। उसको जाने दे भाड़ में। मैं- आ जा मेरी रानी, तुझे तो आज मैं बहुत मजा दूँगा। 

फिर मैंने चाची को गले लगा लिया और मैं उनके पीछे पीठ पर हाथ फेरने लगा। मैंने उनके एक गाल पर किस किया और उनके होंठों को चूसने लगा। चाची भी मेरा साथ देने लगीं। मुझे ऐसा लग रहा था मानो किसी मिठाई को चूस रहा हूँ। 

फिर मैंने चाची के चूतड़ों पर हाथ लगा दिए और गांड को भींच दिया। वो भी मेरे लौड़े से चूत चिपका कर चुम्मी लेने लगीं। एक मिनट बाद मैंने उनकी कुर्ती को थोड़ा ऊपर करके उनके पेट को चूसा। 

वो गर्म हो गई थी और मादक आवाजें निकालने लगी थीं- ओ … आहहह! फिर उन्होंने मुझसे कहा- ऐसा मजा मुझे पहले कभी नहीं आया। तू ही मुझे खुशी दे सकता है। मैं- अभी तो शुरुआत है मेरी रानी, आगे और मजा दूँगा। 

फिर मैंने चाची को लिटाया और उनके पैरों से चूसना शुरू किया। कुछ देर बाद मैंने उनकी कुर्ती को निकाल दिया और देखा कि उन्होंने एक सफेद रंग की सी-कप ब्रा पहनी हुई थी। चाची का शरीर इतना मुलायम और बेदाग़ था कि जैसे किसी ने अब तक छुआ ही न हो।

चाची की गीली चुत चुदाई और गांड मारी – 2

चाची के चूसने लगा बड़े बड़े मम्मे

मैं चाची के जिस्म पर टूट पड़ा। उनके दूध चूसने में बहुत मजा आ रहा था। वो भी लगातार गर्म होती जा रही थीं। मैंने चाची से कहा- चाचा से तुम्हारी गर्मी नहीं निकाली गई है, अभी भी तुम्हारा जिस्म आग उगल रहा है। 

अब आज मैं तुम्हारी गर्मी निकालूँगा। रानी चाची- आ जा मेरे राजा निकाल दे मेरी गर्मी … और बना ले मुझे अपनी जोरू! फिर मैंने चाची के पेट को चूसा, हाथ, बांहों, बगलों को चाटा। 

मैंने उनकी चूचियों को ब्रा के ऊपर से दबाया और आखिर में मैंने चाची की सलवार का नाड़ा अपने मुँह से खोला। चाची की चूत पर मेरी ठोड़ी लग रही थी तो वो एकदम से बहक रही थीं। 

मैंने सलवार निकाल दी, तो सामने उफनता दरिया था। उन्होंने सफेद रंग की पैंटी डाल रखी थी, जिसमें से उनकी चूत का छेद साफ दिख रहा था। चड्डी के नीचे धवल जांघें थीं। आह क्या चिकनी जांघें थीं उनकी, देख कर मजा आ गया था। 

मैंने चाची के पैरों की उंगलियों को चूसा और ऊपर आते हुए उनकी टांगों को चूसा और चाटा। फिर मैंने उनकी ब्रा को खोला और उनके गोल चूचे मेरे सामने नंगे हो गए। सच में क्या सीन था वो। फिर मैंने अपने होंठ चाची के चूचों पर लगाए, तो चाची ने एकदम से ‘आआहह … उम्म …’ की मादक आवाज निकाली।