चाची को भी थी मेरे मोटे लंड की जरूरत अपनी चुत के लिए

मेरी चाची पर मुझे शुरू से ही शक था पर वह किसी को कुछ भी पता नहीं चलने देती थी। चाची की किसी और से चक्कर चल रहा था पर यह बात अभी सिर्फ मुझे ही पता था। 

मेरी चाची दिखने में किसी लड़की जैसी ही थी जिनके मोटे मोठे बूब्स और गांड इतनी उठी हुई थी कोई भी देख अपना लंड पकड़ने को मजबूर हो ही जाए। पर चाची को अभी यह बात नहीं पता था की उनके यार की खबर मुझे मिल गयी थी। 

बड़ा होने के नाते मेने चाची से अकेले में ही बात करना सही समझा और चाची के अकेले होने का इन्तजार करने लगा। और कुछ ही दिन बाद यह मौका आ गया। आज घर पर कोई नहीं था और चाची भी ऊपर वाले कमरे में अकेले काम कर रही थी। 

अब मै सीधा ऊपर की और चला गया और चाची से बात करने के लिए कहा। चाची ने मुझे आराम से बोला की मुझे क्या बात करनी है और मेने बिना रुके कह दिआ की वह जो भी कर रही है गलत है। 

अब चाची मेरी बात सीधा ही समझ गयी और चाची रोना शुरू हो गयी। चाची ने मुझे चाचा उन्हें शारीरिक रूप से खुश नहीं कर पाते इसलिए उन्हें घर से बाहर मर्दो को ढूँढना पड़ता है। 

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था और इससे पहले की मै कुछ भी बोलता चाची ने मुझे गले लगा लिआ और बोलने लगी की अगर मै उनकी मदद करू तो वह आगे से ऐसा कुछ भी नहीं करेंगी। 

अब घर का बड़ा होने के कारण मेने चाची को मना नहीं किआ और राजी हो गया। अब चाची ने मुझे कहा की मुझे उन्हें हफ्ते में एक बार शारीरिक रूप से संतुष्ट करना पड़ेगा जिससे उन्हें किसी और के पास जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। 

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चाची को खुश करने के लिए दिआ अपना लंड

मै कुछ भी नहीं समझ पा रहा था और चाची इसे मेरी हां समझ चुकी थी। अब चाची सीधा उठी और मेरे होठो से अपने होठो को मिला दिआ। छाछचाची मुझे किस करे ही जा रही थी जिससे मुझे भी अच्छा लग रहा था। 

चाची मेरे होठो से रास निकाले जा रही थी और अब मै भी उनका साथ देने लगा। मै भी चाची को जोर जोर से चूमे जा रहा था और अब चाची ने सीधा मेरे लंड को अपने हाथो में ले लिआ और हिलाने लगी। 

चाची जोर जोर से मेरे लंड को हिला रही थी जिससे मेरी साँसे उखड़ी जा रही थी। अब चाची ने मुझे बिस्तर पर लिटाया और मेरे लंड को मुह्ह में लेकर जोर जोर से चूसने लगी। 

चाची मेरे लंड के टोपे को अपने होठो से चूसे जा रही थी जिससे मुझे बहुत मजा आ रहा था। अब चाची ने अपने कपडे निकालना शुरू कर दिए और ऊपर से एकदम नंगी हो गयी। चाची के बूब्स के निपाल खड़े हो चुके थे जिन्हे मेने चूसते हुए लाल कर दिआ। 

अब चाची हवस से पागल हो गयी थी और चाची ने कुछ ही देर में मेरे और अपने दोनों के कपडे निकाल नंगे होकर मुझे बाहो में ले लिआ। हम दोनों बिस्तर पर पड़े एक दूसरे को चूमे जा रहे थे और प्यार कर रहे थे। 

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चाची ने देखा मेरा मोटा लंड और अपनी चुत

अब चाची ने मेरे लंड को हाथ से सीधा किआ और उसपर अपनी चुत लेते हुए बैठ गयी। चाची मेरे लंड को अपनी चुत में लेकर बहुत ही खुश थी और अब चाची ने अपनी चुत मरवाना शुरू कर दिआ। 

चाची जोर जोर से मेरे लंड पर कूदते हुए चुदाई करवा करवा रही थी और आहे भर रही थी। चाची ने मुझे कहा की मेरा लंड बाकिओ से बहुत मोटा है जिससे उन्हें बहुत मजा आ रहा है। 

चाची चिल्लाते हुए मेरा लंड अपनी चुत में लिये जा रही थी और मेरे मुह्ह से आहे आने लगी थी। हम दोनों लगातार जोरो से चुदाई कर रहे थे और चाची भी मेरे लंड पर अपनी चुत पटके जा रही थी। 

अब मेरे लंड से पानी निकलने वाला था और मेने यह बात चाची को बता दी। पर चाची हवस से भरी हुई अभी भी मेरे लंड अपनी चुत लेके कूदे जा रही थी और अपनी छुटमरवा रही थी। 

अब मेरे लंड से वीर्य निकलने लगा और झट से चाची मेरे लंड से उतर गयी और मेरे लंड को अपने मुह्ह में लेके सारा वीर्य पी गयी। ऐसे ही अब मै चाची को हफ्ते में एक बार चरमसुख का मजा देता हु जिससे मुझे भी अच्छा लगने लगा है और चाची का भी बाहर जाना रुक गया है। 

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