चाची की ठुकाई करि खाना बनाते हुए

चाचा और चाची दोनों ही हमारे घर  रहते थे। वह हमारी 3 मंजिल पर रहते थे जहा हम लोग बहुत ही कम आते जाते थे। उन दोनों का ही बर्ताव हमारे लिए बहुत अछा था और चाची भी हम सभी से बहुत प्यार करती थी। 

 पर चाची को देख कभी कभी मेरे ख्याल कुछ बिगड़ जाते थे और चाची के लिए मेरी मन में हवस आ जाती थी। चाची दिखने में बहुत  तह और उन्हें देख  जो उनकी उम्र का अंदाजा लगा सके। 

चाची के नाम की मेने कई बार मुठी भी मारी थी और उन्हें देख मेरा लंड भी अब खड़ा होने लग गया था। और अब मेरे दिमाग में शैतानी ख्याल आने शुरू हो गए थे और मेने चाची की चुदाई करने का मन बना लिआ था। 

अब मेने चाची वाली मंजिल पर आना जाना शुरू कर दिआ और मेने चाची से बाते भी करना शुरू कर दी जिससे वह मेरे बारे में अच्छे विचार रख सके। मेने चाची से कहा की वह दिखने में बहुत ही  ज्यादा सुन्दर है और उन्हें देख मुझे बहुत अच्छा लगता है। 

चाची मेरी इन बातो पर प्यार से हस दिआ करती थी जिससे मुझे इनकी राजी भी समझ आने लगी थी। अब यह एक दिन की बात है जब मेरे ऑफिस की भी छुट्टी थी और घर में बस मम्मी ही थी जो निचे कमरे में सफाई कर रही थी। 

मेने अब अपने कदम ऊपर मंजिल पर किये और मेने देखा की चाची रसोई में खड़ी खाना बना रही है और उनकी मोती गांड पीछे से उठी हुई है। यह देखते ही मेरे लंड में आग लग गयी और वह खड़ा हो गया। 

अब मेने चाची से कहा की मुझे रसोई में से थोड़ा पानी चाहिए और ऐसा कहते हुए रसोई में जाने लगा जिससे मेरा लंड चाची की गांड पर धस्ता हुआ निकल गया। अब मेने अपने हाथ में पानी लिआ और वापस निकलने लगा 

जीजा साली और चुदाई का खेल

चाची की भी जाग गयी हवस 

अब जैसे ही मै वापस जाने लगा मेने देखा की वह से हटने की बजाए चाची अपनी गांड लेके थोड़ा और  पीछे हो गयी और मेरा लंड उसकी गांड से पूरा चिपक गया और मै बिच में ही खड़ा रह गया। 

मेरा लंड चाची की गांड पर चिपका हुआ था और चाची मेरे लंड को अपनी गांड की लकीर के बिच लेके कड़ी हुई थी और अब मेने अपना जोर लगाते हुए लंड को और अंदर किआ और आगे निकल गया और बहार आ गया। 

अब चाची ने मुझे रोका और कहा की आज तो मै बहुत ही जल्दी में हु तो क्या आज कोई खास बात है ? मेने चाची से कहा की ऐसा तो कुछ भी नहीं है पर चाची को देख मेरा तो हर दिन ही अच्छा होता है। 

चाची मेरी इस बात पर मुस्कुरा दी और मेने चाची से कहा की कभी कभी मुझे चाची को देख लगता है की मै उन्हें बहुत सारा प्यार करू। चाची ने मेरी इस बात का कोई जवाब नहीं दिआ और चुप खड़ी रही। 

पर अब कुछ देर बाद चाची ने मुझे कहा की अगर मुझे उनपर इतना ही प्यार आता है तो मै उनसे दूर क्यों भागता हु ? मेने चाची को ना में जवाब दिआ और कहा की ऐसा तो कुछ भी नहीं है। 

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चाची की चुदाई करके किआ मजा 

अब मेने जैसे ही यह जवाब दिआ मेने चाची को रसोई में ही दबोच लिआ और कहा की आज मै अपनी चाची को बहुत सारा प्यार करूँगा। यह सुन चाची थोड़ा सा शर्मा गयी और मेने चाची को चूमना शुरू कर दिआ। 

मेने एक हाथ से चाची के बूब्स दबाते हुए चूमना जारी रखा और उनके होठो का अच्छे से रसपान किआ। चाची अब बहुत गरम हो गयी थी और मेने उन्हें कमरे में लेजाकर बिस्तर पर लिटा दिआ। 

चाची ने एक ही बार में अपनी मैक्सी ऊपर कर निकाल दी और मेने भी अपने कपडे निकाल खुद को नंगा कर लिआ और चाची को प्यार करना शुरू हो गया।   मेरा लंड शुरू से ही खड़ा हुआ था और अब वह सरिये जैसा बड़ा हो गया था।  

बिना देर करते हुए अब मेने अपना लंड चाची की चुत पर रखा और जोर लगाते हुए उसे अंदर घुसा दिए। एक ही बार में मेरा लंड चची की चुत के अंदर था और मेने अब चुदाई करनी शुरू कर दी। 

आह आह करते हुए चाची अपनी चुदाई करवा रही थी और मै निचे जोर जोर से अपना लंड चुत में ठोके जा रहा था। हवस से हम दोनों ही भरे हुए थे और मेरी चुदाई से चाची  से सफ़ेद पानी आने लगा था। 

ऐसे ही यह चुदाई काफी देर तक चली पर पहली चुदाई होने की वजह से मेरा मॉल अब निकलने वाला था और मेने अपना लंड बाहर निकाल चाची के पेट पर अपना वीर्य निकाल दिआ। 

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