चाची को पकड़ा चुत मसलते हुए

हमारा परिवार एक ही घर में रहता था और हमारा घर भी काफी उचा और बड़ा था। हमारे सबसे निचे बाले कमरे में ताई और ताऊ रहते थे और बिच वाले कमरे में मै  और मेरा परिवार रहता था। 

अब सबसे ऊपर वाली मंजिल पर मेरे चाचा और चाची रहते थे जिनसे हम लोग ज्यादा बोलचाल नहीं रखते थे। चाची बहुत ही ज्यादा गुस्से वाली थी जिसने किसी भी नहीं बनती थी और चाची भी किसी से प्यार से बात नहीं करती थी। 

अब एक दिन की बात है जब मेरे ऑफिस की छुट्टी हो गयी थी और आज मै घर से ही काम करने वाला था। अब मम्मी ने मुझे कहा की आज अगर मै घर पर हु तो मै कपडे उतार लाऊ जो की कल रात से ही ऊपर है। 

अब थोड़ा ना करने के बाद मुझे ऊपर जाना ही पड़ गया। मै काफी दिनों से ऊपर नहीं गया था और यहाँ तक ककी मेने अपनी चाची की भी शकल कुछ महीनो से नहीं देखि थी। 

इसलिए अब ऊपर जाने के बाद मेने सबसे पहने अपनी नजर चाची के कमरे की तरफ करि जहा पर कोई भी नहीं था और अब मै सीधा कपडे लेने के लिए चला गया। निचे आते हुए मेने अब सोचा की क्यों ना आज चाची से मिला ही जाए। 

अब मेने मेने अंदर जाते हुए अपने कदम चाची के कमरे के अंदर कर लिए और अंदर जाके जो मेने देखा उससे मेरे होश ही उड़ गए। मेने देखा की चाची बिना कपड़ो के अपनी बिस्तर पर लेटी हुई थी और अपनी चुटको मसल रही थी। 

चाची आहे लेती हुई यह काम कर रही थी। कुछ देर तक मै चाची को ऐसे देखता ही रह गया और अब जब चाची ने मुझ पर ध्यान दिआ तो चाची भी काफी डर गयी और मुझसे पूछने लगी की मै वह क्यों आया हु। 

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चाची को किआ ब्लैकमेल 

मैंने कहा की मै बस उनसे मिलने के लिए आया था पर अब मै जा रहा हु। अब चाची बहुत ही ज्यादा डरी हुई दिख रही थी और अब चाची ने मुझे रोका और कहा की निचे जाकर मै यह बात किसी से भी ना कहु। 

मेने इस बात कोई भी जवाब नहीं दिआ और सीधा बाहर जाने लग गया। अब्ब चाची ने मुझे रुकने के लिए कहा और मुझसे बोला की अपना मुह्ह बंद रखने के लिए मुझे क्या चाहिए। 

जैसा की मेने बताया चाची काफी गुस्से वाली थी और यह बात भी उन्होंने गुस्से में ही कही थी। अब मै भी थोड़ा चिढ गया था और मेने अब चाची से कहा की जो मुझे चाचिये वह मुझे दे नहीं पाएंगी। 

चाची ने अब मुझे कहा की इस बात को ख़तम करने के लिए वह मुझे कुछ भी देने को तैयार है। अब मेरा शीतनी दिमाग काम कर रहा था और मेने चाची से कहा की अगर ऐसी ही बात है तो मुझे उनके साथ कुछ घंटो के लिए सोना है। 

 मेरी यह बात सुनकर चाची गुस्से में आ गयी और मुझसे कहने लगी की क्या मुझे शर्म नहीं आती है जो की मै अपनी चाची से ऐसी बाते कर रहा हु। अब मेने भी जवाब में जोर से कहा की अगर वह मेरी बात नहीं मानती तो मै यहाँ से जा रहा हु। 

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चाची की चुत को चूस कर चोदा 

अब चाची मुझसे डर चुकी थी और कुछ देर सोचने के बाद वह मेरी बात को मान गयी और उन्होंने मुझसे कहा की सीर्फ 2 घंटे के लिए वह मेरे साथ रहेंगी और उसके बाद हम दोनों ही सबकुछ भूल जायेंगे। 

मेने उनकी इस बात मै हां भर दी और अब उनके साथ में लेटते हुए मेने अपना एक हाथ उनकी चुत पर रखा और अपने होठ उनके होठो मिलाकर चूसने लगा। 

चाची की चुत पहले से ही गीली हो रखी थी जिसको हाथ से मसलते हुए मेने और भी ढीला कर दिआ और होठो से रसपान करने के बाद मेने अपने होठ चाक्ली की रसीली चुत पर रखे। 

चाची की चुत पर एक भी बाल नहीं था और उनकी चुत को जीभ से मसलते हुए मेने उन्हें काफी कामुक कर दिआ। अब मेने सीधा अपना खड़ा हुआ लंड बाहर निकला और चाची की चुत में देते हुए चुदाई शुरू कर दी। 

चाची भी आह आह करके मेरे जोश को दुगना कर रही थी जिससे चुदाई के धक्के मै और भी जोर जोर से मार रहा था। मेने अब चाची की दोनों पेरो को अपने कंधे पर रख लिए और निचे चुत में लंड देखे फिर से चुदाई करने लगा। 

ऐसा दिख रहा था जैसे की आज चाची को भी चुदाई में काफी दिन बाद मज्जा आ रहा था और वह चुदाई करवाते हुए बहुत ही खुश दिख रही थी। चुदाई काफी देर होने के बाद मेरे लंड से भी पानी निकल गया था और चाची भी खुश हो चुकी थी। 

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