चाची की चुत से निकाल दिआ चोद चोद के पानी

मेरी चाची दिखने में शुरू से ही सुन्दर थी पर उनकी चुदाई करने की कभी मेरी नियत नहीं हुई। चाची को में अपनी मम्मी जैसा ही समझता था पर अब मेरी जवानी के दिन आ चले थे। 

कभी कभी चाची मुझे अपनी गॉड में सुला लेती थी जिसकी वह से उनकी चुचे मेरे मुह्ह पर भी लड़ने लगते थे। ऐसी ही चीजों से कभी कभी मेरी हवस जाग जाती थी और अब चाची की चुदाई का सपना भी मै देख चूका था। 

चाची की चुत के बारे में सकहते हुए मेने अब कई बार मुठ भी मारी ली थी और मुझे अब हवस में बस चाची की गुलाबी चुत की चुदाई की ही पड़ी थी। समय गर्मिओ का चल रहा था और मै ऊपर चाची के कमरे में ही टीवी देख रहा था। 

अब हमेशा की तरह चाची आयी और बिस्तर पर बैठते हुए चाची ने मुझे अपनी गॉड में लिटा लिआ। मेरा सर चाची की गोद में था और चाची के बूब्स मेरे मुह्ह के बहुत ही ज्यादा पास में थे। 

चाची का बदन आज कुछ अलग सा ही महक रहा था क्युकी वह अभी अभी नाहा कर निकली थी। चाची का ब्लाउज अभी भी थोड़ा थोड़ा सा गिला था जिसमे से मुझे खुशबु ही खुशबु आ रही थी। 

चाची अब टीवी देखने में खो चुकी थी और  उनके बूब्स मेरे मुह्ह पर थे। अब मेने अपना मुह्ह बूब्स की तरफ किआ और थोड़ा सा थूक चाची के ब्लाउज पर लगाना शुरू कर दिआ। 

अब चाची के ब्लाउज थोड़ा सा गिला हो चूका था और मै उसे अपने थूक से और भी ज्यादा गिला करता जा रहा था। ऐसे यह खेल बहुत तक चला और अब चाची का एक तरफ का ब्लाउज गिला हो गया था। 

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चाची ने चूमते हुए जमा दिआ सारा माहौल 

चाची की सांसे अब थोड़ी सी तेज हो गयी थी और चाची को हवस भी चढ़ने लगी थी। चाची अब थोड़ी देर बाद थोड़ा सा ऊपर हुई और उन्होंने मेरी तरफ देखा। मै अब बहुत डर गया था और चाची अब थोड़ा सा हसने लगी। 

चाची के मुह्ह पर ख़ुशी देख मै थोड़ा शांत हो गया और अब चाची ने मेरा सर निचे कर दिआ। चाची थोड़ा सा झुकी और चाची ने सीधा अपने होठ मेरे होठो से मिला दिए और मुझे चूमने लगी। 

मेने यह पहले कभी भी नहीं सोचा था पर आज चाची के गुलाबी होठ मेरे होठो पर थे और चाची मेरे होठो को अच्छे से चाट भी रही थी। चाची के होठ बहुत ही नरम थे जिनपर मै भी अपने होठो से अच्छे से चुम्बन किये जा रहा था। 

अब मेने अपने एक हाथ से चाची के बूब्स को सहलाते हुए उन्हें जोर जोर से दबाना शुरू कर दिआ। चाची अब सब कुछ भूल चुकी थी और चाची ने एक ही झटके में अपना ब्लाउज जिस्म से अलग कर दिआ। 

चाची के काले रंग के निपाल मेने अपने हाथो से अच्छे से रगड़े जिससे वह और भी गरम हो गयी और कुछ देर बाद मेने चाची के दोनों निप्पल बारी बारी से चूसे और खड़े कर दिए। 

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चाची की गुलाबी चुत में डाला लंड और निकाल दिआ चुत से पानी

चाची की हवस अब सीमा पार कर चुकी थी और चाची ने मुझे बिस्तर पर लिटाया और मेरे ऊपर आ कर मुझे चूमने और प्यार करने लगी। चाची मेरे होठो को काटते हुए मुझे प्यार कर रही थी जिससे मेरा लंड खड़ा हो चूका था। 

अब चाची ने अपना एक हाथ निचे किआ और मेरे लंड को हाथ में लेकर हिलाने लगी। चाची जोर जोर से मेरे लंड को हिला रही थी और अब चाची मेरे लंड की तरफ चली गयी। चाची ने मेरे लंड के टोपे को मुह्ह में लिआ और अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिआ। 

मेरी हवस भी अब मुझ पर सवार थी मेने चाची को लिटाया और उनकी साडी ऊपर कर दी। एक हाथ से मेने चाची की काली पैंटी निकाली और दूसरे हाथ से अपने लंड को हिलाते हुए चाची की चुत के पास ले गया। 

चाची की चुत एकदम गुलाबी थी जिसकी पंखुडिओ को मेने अपने हाथ से हटाया और छेद में लंड डाल दिआ। अब मेने चाची की चुत मारना शुरू कर दिआ। चाची की चुत मै अंदर तक चोद रहा था जिससे चाची भी आहे लेती हुई चुदाई का मजा ले रही थी। 

बूब्स को दबाते हुए मै चुत में जोर जोर से लंड पटक रहा था और ऐसे ही जोरो की चुदाई के बाद चाची की चुत से भी पानी निकलने लगा। मेने चुदाई और भी ज्यादा तेज कर दी और चाची करहाती हुई आहे लेते हुए झड़ गयी और उनकी चुत से सारा पानी निकल गया। 

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