तनहा भाभी को दिए चुदाई का मजा – 3

मेरी इस गांड में बहुत खुजली हो रही है। मुझे रंडी की तरह चोद दे … मैं आज तेरी दीवानी हो गई हूँ। भाभी से ऐसा सुनने के बाद मैंने एक ही झटके में पूरा लंड उनकी गांड में पेल दिया। लंड गांड के अन्दर लेते ही वो ज़ोर से चिल्ला दीं- आंह मर गई रे … निकाआल्लल्ल … ले। 

मैंने उनके मुँह को बंद कर दिया और ज़ोर से झटके मारने चालू रखे। थोड़ी ही देर में उनकी आंखों से मोती जैसे आंसू निकलने लगे। मैंने आंसुओं को जीभ पर ले लिया और लंड के झटके मारने चालू रखे। 

करीब दस मिनट तक भाभी की गांड चोदने के बाद मैं झड़ने वाला हो गया था। मैंने उनसे पूछा- रस कहां निकालूं? उन्होंने बोला- गांड में ही निकाल दो। उनके कहने पर मैंने ज़ोर से झटके लगाकर उनकी गांड में ही रस निकाल दिया और उनके ऊपर ही ढेर हो गया। 

करीब दस मिनट में ऐसे ही उनके ऊपर पड़ा रहा। उसके बाद उन्होंने मुझे हटाया और मेरे लंड को अपने मुँह से चूसना चालू कर दिया। मैं भी उन्हें अपना साथ देने लगा था और उनके बालों को सहलाते हुए लंड चुसवा रहा था। 

थोड़ी ही देर में मेरा लंड फिर से एकदम टाइट हो गया। ऐसा लगा जैसे कोई गोली खिला दी गई हो। ऐसे लाजवाब लंड को देखकर भाभी से भी रहा नहीं गया और उन्होंने मुझसे कहा- वाह रे मेरे राजा (प्यार से वो मुझे राजा कहने लगी थीं) ऐसे ही लंड को कड़क रखेगा, तो मैं तुझे अपना दूसरा पति बना लूंगी। 

चुत की प्यास और लंड की दीवानगी – 1

भाभी भी खुश हुई मेरे मोटे लंड से

मैंने भी उनकी बात पर स्माइल देकर कहा- प्रिया भाभी अगर आप इतनी तन्हा मत रहा करो … मैं आपके लिए ही बना हूँ। आप मुझे अपना ही समझो। ऐसा कहने से मुझे उनके मुँह पर एक अलग सी ही ख़ुशी दिखी। उनकी गांड में जो दर्द था, वो भी अब दूर हो गया था। 

अब हम दोनों फिर से एक दूसरे के प्रेमरस में घुलने के लिए तैयार थे। मैंने भाभी को एक धक्के से घुमा दिया और मैं उनके ऊपर चढ़ गया। मेरे ऐसा करने से वो बहुत खुश हो गईं और मुझसे बोलने लगीं कि ऐसे ही मुझे दर्द देते रहो … इस तन्हा ज़िंदगी में अब यही एक नयापन लगता है। 

मैंने उनका जवाब सुनते ही उनके एक चुचे को ज़ोर से मसल दिया और चूत के अन्दर अपनी जीभ डाल कर उनको चोदने लगा। वो दर्द के मारे कराहने लगी- आह ऐसे मत तड़पा … आज इस आग से मुझे बचा ले … मुझ पर रहम कर। 

भाभी के ऐसा कहते ही मैं उनके ऊपर हो गया और उनके एक निप्पल को काट लिया। जिससे उन्हें पता नहीं क्या हुआ … लेकिन एक ज़ोरदार करंट के साथ वो चिल्ला उठीं- आह्ह्ह्ह्ह … जालिम। मैंने भाभी का मुँह बंद कर दिया। 

वो मेरी उंगलियों को अपने मुँह में लेने लगीं और चूसने लगीं। मैं भी उनके गले तक उंगलियों को डाल रहा था। मैंने देखा कि वो मेरे इस प्रेमरस की भूखी हैं तो क्यों न इनको इनका सुख दे दिया जाए, तो मैं और ऊपर को गया और उनके रसीले होंठों को अपने दोनों दांतों के बीच में ज़ोर से दबा लिया। 

तनहा भाभी को दिए चुदाई का मजा – 1

जोर जोर चुदाई के झटको से फाड़ दी भाभी की चुत 

इससे अब वो सिर्फ सिसकारियां ही ले पा रही थीं। मैंने उनकी आंख पर मेरे हाथ रख दिए, जिससे वो कुछ देख न पाएं … बस महसूस कर पाएं। ऐसा करके मैंने अचानक ही उनकी चूत में अपने लंड से एक ज़ोर का झटका दे दिया। 

इससे वो सिहर उठीं और पूरी कांपने लगीं। वो मुझसे लगातार भीख सी मांग रही थीं- आह … मेरे बदन को आज रौंद दे। मैं पूरे प्यार से उन्हें इसी मस्त नशे में ले रहा था, इससे वो मुझसे बेइंतहा प्यार करने लगी थीं। 

मेरे इस अचानक वाले झटके ने उन्हें ज़िन्दगी भर का मजा दे दिया था। अब वो पूरी तरह से गांड उछाल उछाल कर चुदवाने के लिए मेरा साथ दे रही थीं। मैंने उनका गला पकड़ा … और थोड़ी हल्की सी पकड़ बनाकर उन्हें चोदने लगा और चोदे जा रहा था।

मैंने झटके धीरे धीरे तेज किए, तो भाभी को भी मजा आने लगा। करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद हम दोनों झड़ गए। वो मुझे लिपट कर लेट गईं। इस धमाकेदार चुदाई से वो भी बहुत थक गई थीं। उनकी आंख से आंसू निकल रहे थे। 

मैंने उनके आंसुओं को पौंछा और हम दोनों ने अपने कपड़े पहन लिए। उस दिन मैंने भाभी को तीन बार चोदा और करीब शाम को 7 बजे हम दोनों बिस्तर से उठे। भाभी ने बाथरूम में ले जाकर मुझे अपने हाथों से नहलाया और मेरी अच्छी तरह से खातिर की। मुझे अच्छा खाना खिलाया। 

खाना खाने के दरमियान हम दोनों ने एक दूसरे से बहुत सारी मस्ती भी की। इसके बाद मेरी वहां से निकलने की बारी थी। वो मुझे जाने नहीं दे रही थीं … फिर भी मैंने जाने का निश्चय कर लिया था। जाते जाते मैंने भाभी को एक ज़ोर सा चुम्बन दिया और उनसे विदा लेकर वहां से निकल गया।

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