अँधेरे में छोटी बेहेन को दिआ अपना लंड

मेरी बेहेन मुझसे उम्र में 3 साल छोटी थी पर वह शायद उम्र से जल्दी ही बहुत बड़ी हो गयी थी। जैसा की आप समझ ही गए होंगे की उसके जिस्म पर जवानी का असर बाकी लड़कीओ से जल्दी हुआ था। 

मेरी बेहेन के बूब्स काफी मोटे और गोल हो गए थे जिन्हे देख किसी का भी दिल उन्हें दबाने को करने लगे। एक भाई होने की वजह से मै अपनी नजरे हमेशा निचे ही रखता था। 

पर एक लड़का होने की वजह से कभी कभी मेरा दिल भी उन बूब्स को दबाने का करने लगता था। वह मेरी बेहेन थी पर मेरी हवस से कारण मै उसे एक लड़की की तरह से देखने लगा था जो की यौवन में आ चुकी थी। 

अब एक रात की बात है जब बारिश हो रही थी। मै अपने काम पर से घर भीगता हुआ आया था और आज बारिश की वजह से मुझे सर्दी भी लग चुकी थी। वैसे तो यह गर्मिओ का मौसम चल रहा था प् बारिश ने आज इसे सर्दी ने बदल दिआ था। 

भीगने की वजह से मेने अब गरम पानी पिआ पर खाना खाकर सोने के लिए अपने कमरे में आ गया। मेरी बेहेन भी मेरे ही कमरे में सोती थी क्युकी घर में ज्यादा कमरे नहीं थे। 

पर मेरी बेहेन की एक आदत थी की वह हर दिन कुछ ना कुछ ओढ़के ही सोती थी। और वही उल्टा मै गर्मी की वजह से पिछले कुछ दिनों से ऐसे ही सो रहा था। अब रात के 12 बज रहे होंगे और मुझे ठंडी लगना शुरू हो गयी। 

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 बेहेन के साथ सो गया अँधेरे में 

अब मेने उठके पहले तो कुछ ओढ़ने के लिए ढूँढना शुरू कर दिआ। जैसे ही मेने कमरे की लाइट जलाई मेरी बेहेन भी उठ गयी। उसने मुझसे कहा की मै इतनी रात को क्या धुंध रहा ह। 

मेने उसे बताया की मुझे बहुत ठंडी लग रही है और मुझे कुछ ओढ़ने के लिए चाहिए। अब उसने चारो तरफ देखा और जब कुछ भी ओढ़ने के लिए नहीं मिला उसने मुझे कहा की मै उसके बिस्तर पर ही आ जायु। 

यह बात मेने कुछ पल सोची पर नींद की वजह से वह बहुत गुस्सा कर रही थी और उसके दूसरी बार बोलने पर मै उसके पास जाकर उसके पीछे सो गया। चद्दर छोटी थी और हम दोनों एक दूसरे की तरफ पीठ करके सोये हुए थे। 

अब जैसे ही मेरी बेहेन को सर्दी लगी वह मेरी तरफ मुह्ह करके सोने लगी और उसके बूब्स मेरी पीठ पर चिपकने लगे। उसके बूब्स लगने से मेरा लंड एकदम ही खड़ा हो गया था जिसे मेने अपने हाथ से सेट करके कोने में कर लिआ। 

पर अब मेरी बेहेन ने नींद में अपना हाथ मेरे ऊपर रख लिआ और मुझे बाहो में ले लिआ। धीरे धीरे वह मुझसे एकदम चिपक  गयी थी और अब मेरी हवस मुझपर काबू कर चुकी थी। 

मेने भी अब अपना मुह्ह अपनी बेहेन की तरफ कर लिआ। उसक साँसे बहुत ही ज्यादा गरम हो रखी थी और अब उसकी जरा सी नींद टूट गयी और वह वापस से दूसरी तरफ मुह्ह  करके सो गयी। 

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बेहेन को अँधेरे में दिआ लंड का मजा 

पर अब उसकी गांड मेरे लंड को छू रही थी और वह एकदम से पीछे हुई जिसकी वजह से मेरा लंड उसकी गांड की दरार में धस गया। वह अब मुझसे चिपकी हुई थी और मेरा लंड उसक गांड में लगता हुआ आगे पीछे हो रहा था। 

शायद अब मेरी बेहेन भी जाग गयी थी। मेने अब अपना हाथ उसके ऊपर रख दिआ और उसे बेहेन के पेट पर रख दिआ। उसक टीशर्ट पहले से ही ऊपर थी जिससे मेरा हाथ उसके नंगे बदन पर चलने लगा। 

उसके पेट को सहलाते हुए मै अपना हाथ उसके बूब्स पर ले गया और उसने मुझे कुछ नहीं कहा। मेरी हिमायत बढ़ चुकी थी और अब मेरा  लंड भी बहुत मजबूत हो चूका था। 

मेने अब बिना देखे अपनी बेहेन के बूब्स हाथ में भर लिए और पीछे से दबाने लगा। वह भी हवस से भर चुकी थी और प्यारी प्यारी आहे ले रही थी। उसके बदन को मै पीछे से ही अपने हाथ से सहलाये जा रहा था और निचे मेरा लंड उसकी गांड पर खुद मसल रहा था। 

अब मेने अपनी बेहेन की गांड पर हाथ लगाया और उसकी पजामी निचे कर दी। चादर के अंदर ही मेने उसकी पैंटी भी निचे कर दी और अपना लंड बाहर निकाल लिआ। 

अब मेने उसक टांग को थोड़ा ऊपर किआ और लंड को चुत में घुसा डाला। एक जोर से झटके के साथ मेने चुदाई शुरू कर दी। धीरे धीरे झटको के साथ मै और में बेहेन अँधेरे में चुदाई का लुफ्त ले रहे थे। 

मेरी बेहेन भी आह आह करके अपनी चुत चुदाई करवा रही थी। यह चुदाई काफी देर तक चलती रही और जैसे ही मेरा  माल निकलने वाला था मेने अपना लंड बेहेन की चुत से बाहर निकाल लिआ। 

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