चुत की प्यास और लंड की दीवानगी – 1

मेरा नाम मीना है और मैं 25 वर्ष की अविवाहित लड़की हूँ। मेरा साईज 32-28-36 की है व ऊंचाई 5 फुट 1 इंच है। मैंने नर्सिंग की पढ़ाई की हुई है। मैं छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक कोचिंग सेंटर में पढ़ाई कर रही हूँ और सरकारी जॉब के लिए परीक्षा की तैयारी कर रही हूँ। 

उस कोचिंग का नाम फ्लोरेंस कोचिंग था। उसमें सुदेश सर और राज सर थे। उन दोनों ने एम्स में जॉब लगने के कारण कोचिंग में पढ़ाना छोड़ दिया है। इनके बारे में मैंने अपनी पिछली चुदाई कहानी दो टीचरों ने मुझे सैंडविच बना कर चोदा में बता चुकी हूँ। 

वर्तमान में मेरा ब्वॉयफ्रेंड मुझे छोड़ कर शादी कर चुका है। मेरे पापा रिटायर हो चुके हैं और ऐसी हालत में मैं ज्यादा दिन कोचिंग में नहीं रह सकती थी। मैं उदास रहने लगी और पढ़ाई में भी ध्यान ठीक से नहीं दे पा रही थी। 

क्या करती, पैसों की कमी का सोच सोच टेंशन बहुत था। साथ ही मेरी चूत में लंड की सख्त जरूरत होने लगी थी। एक बार सैंडविच चुदाई के बाद मुझे अपनी चूत गांड में लंड के लिए खुजली होने लगी थी। 

हालत ये थी कि सारा समय सिर्फ लंड और पैसों को सोचते ही बीतने लगा था। हमारी कोचिंग में सुदेश सर की जगह माही (महेंद्र) सर आए थे। माही सर बड़े ही मासूम से दिखने वाले और सहज बोलने वाले थे। 

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जंगल में गए सब पिकनिक के लिए

कुछ दिनों में ही पता नहीं कैसे माही सर को लगा कि मैं किसी दिक्कत में हूँ तो उन्होंने पूछा- क्या बात है मीना। कोई परेशानी है क्या तुमको? इन दिनों उदास रहती हो। मैं- कुछ नहीं सर, सब ठीक है।

ये बोलकर मैं चली गयी। कुछ दिनों बाद हमारी कोचिंग की तरफ से हमें पिकनिक पर ले जाया गया। जंगल और नदी के बीच सभी मजे कर रहे थे और मैं दूर अकेले पानी के पास बैठ अपनी कैरियर और चूत के लिए सोच ही रही थी कि अचानक से माही सर आ गए। 

उन्होंने पूछा- यहां अकेली क्या कर रही हो? अपनी परेशानी बताती क्यों नहीं? इस बार माही सर ने मुझे मजबूर कर दिया तो मैंने उन्हें अपनी दिक्कत बता दी- सर, पैसों की बहुत किल्लत है और मैं कोचिंग में ज्यादा दिन नहीं रह सकती। 

यह सुन माही सर हंसने लगे और बोले- बस इतनी सी बात के लिए अपनी प्यारी सी मुस्कान को हमसे छीन लिया। मैंने कहा- क्या मतलब? माही सर- मतलब यह कि आप अपना एकाउंट नंबर मुझे दे देना और जो खर्च घर वाले उठाते थे, वो मैं कर दिया करूंगा। 

सर ने जब ये कहा तो मैंने कहा- नहीं सर, मैं किसी से कुछ नहीं ले सकती हूँ। मैं अपने घर में क्या कहूँगी! माही सर बोले- अपने घर में कह देना कि तुम पार्टटाईम जॉब करने लगी हो। 

मैंने कहा- लेकिन सर आप मेरे लिए यह सब क्यों करना चाहते है? तो माही सर चुप हो गए थे। मैं- बोलिए … आप ये सब क्यों करना चाहते हैं? माही सर- क्योंकि मैं तुमको पसंद करता हूँ मीना … और तुम्हें हमेशा खुश देखना चाहता हूँ। 

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बूब्स दबाते हुए चूसने लगे मेरे होठ 

मैं- सर यह आप क्या कह रहे हैं? मैं आपके लायक नहीं हूँ। आपको तो कोई भी मिल जाएगी। माही सर ने मेरा हाथ पकड़ा और मेरे करीब आकर मेरी आंखों में झांककर बोले- कोई और नहीं … सिर्फ तुम। 

मैं बस उन्हें देखते ही रह गयी। फिर अचानक से वो मेरे इतने करीब आ गए कि हम दोनों की सांसें टकराने लगीं। मैंने मदहोशी में अपनी आंखें बंद कर लीं और माही सर मेरे होंठों को चूमने लगे। 

मैं भी मदहोश होकर उन्हें चूमने लगी। माही सर जोश से भर कर बोले- आई लव यू मीना। सर मेरे बड़े बड़े उभारों को सहलाते हुए मेरे होंठों को चूमने लगे। मैं कुछ ही देर में ही गीली हो गयी। 

मैंने कहा- सर, यहां कोई देख लेगा। वो बोले – अब मैं सिर्फ माही हूँ। सर सिर्फ सबके सामने बोलना। मैं हां में सर हिला दिया। माही सर ने कहा- हां, चलो थोड़ा जंगल घूमते हैं। 

हम दोनों घने जंगल की तरफ आ गए और जंगल में अन्दर को जाकर हम दोनों एक चट्टान पर आकर अभी बैठे ही थे कि माही सर ने मेरी शर्ट के बटन खोल दिए। मैं जब तक कुछ समझ पाती … उन्होंने अपनी टी-शर्ट भी निकाल दी। मैंने उनके मर्दाना सीने को देखा तो न जाने मुझे क्या हुआ, मैं उनके सीने से लिपट गई। जब हम दोनों गले लगे तो मानो आग ही लग गयी थी। 

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