बाबा ने दिआ भाभी को बच्चा – 4

मैं बाबा के लिंग से चुदने के लिए मचल उठी। एक दो बार बाबा ने मेरी योनि पर अपने लिंग से सहलाया और फिर अपने लिंग के सुपाड़े को मेरी चिकनी योनि में धकेल दिया। पहली ही बार में बाबा का आधा लिंग मेरी चूत में घुस गया। 

मुझे मजा सा आया लेकिन साथ ही दर्द भी होने लगा। मेरे पति के लिंग में वो मजा कभी नहीं मिला मुझे जो आज मैं बाबा के लिंग से महसूस कर रही थी। बाबा ने दूसरा धक्का दिया और मेरी योनि को चीरते हुए बाबा का लिंग मेरी चूत की गहराई में उतर गया। 

लिंग को योनि में उतार कर बाबा मेरे ऊपर लेट गये और मेरे होंठों को अपने होंठों से पीते हुए अपने नितम्बों को मेरी योनि की ओर चलाने लगे। बाबा का लिंग मेरी योनि में घर्षण करने लगा। 

मुझे बहुत मजा आने लगा। कुछ ही देर में मुझे चुदाई का नशा सा होने लगा। मैं खुद ही अपनी योनि को बाबा की ओर धकेलते हुए उनके लिंग को लेने लगी। बाबा भी पूरे जोश में मेरी योनि को चोदने लगे। 

दस मिनट के चोदन के बाद ही मेरा स्खलन हो गया। मैं आनंदित हो गयी। मगर अभी भी बाबा मेरी योनि में लिंग को पेल रहे थे। पांच मिनट के बाद बाबा भी एकाएक जोर से धक्के देने लगे और उनके लिंग से वीर्य की गर्म पिचकारी मुझे मेरी योनि में लगती हुई महसूस हुई। 

चुत की खुजली ने दिआ प्यार का दर्द – 1

बाबा का निकल गया चुत में पानी 

इतना गर्म वीर्य मैंने कभी महसूस नहीं किया था। बाबा का स्खलन हो गया। मेरी चूत बाबा के वीर्य से भर गयी। बाबा शांत हो गये लेकिन मेरी चूत में फिर से चुदास जाग चुकी थी। 

बाबा के रूकने के बाद भी मैंने अपनी योनि को उनके लिंग पर रगड़ना जारी रखा। पांच मिनट तक बाबा मेरे स्तनों को पीते रहे। इस दौरान बाबा का लिंग फिर से तनाव में आने लगा। बाबा ने उठ कर मेरे मुंह में अपना लिंग दे दिया। 

उनका वीर्य लगा लिंग मैं अपने मुंह में लेकर चूसने लगी। बाबा के वीर्य के नमकीन सा स्वाद मुझे मुंह में आ रहा था। दो मिनट में ही बाबा का लिंग एक बार फिर से सख्त हो गया। 

उसके बाद बाबा ने फिर से मेरी फट चुकी योनि में लिंग को डाला और धड़ाधड़ मेरी चूत को चोदने लगे। 20 मिनट तक चोद चोद कर बाबा ने मेरी चूत का भोसड़ा बना दिया। इस बार बाबा और मैं साथ ही स्खलित हो गये। 

जब मैं उठने लगी तो मुझसे चला भी नहीं गया। मुश्किल मैंने खुद को संभाला। बाबा ने कहा कि तुम्हें अब 10 दिन तक यहां पर आना है। घर जाकर मैंने अपने पति और सास को भी इस बारे में बताया कि बाबा के यहां दस दिन तक पूजा चलेगी। 

और उस रात मैंने पति का लंड भी अपनी चूत में लिया। मैं रोज बाबा के पास जाकर चुदने लगी। दस दिन तक बाबा ने मेरी चूत को खूब चोदा। और हर रोज मैं अपने पति के लंड से भी चुदती ताकि अगर गर्भ रुके तो पति और सास को शक ना हो। उन्होंने मुझे खूब सुख दिया। 

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बाबा ने 3 बच्चो का सुख दिआ 

ऐसा सुख मुझे पति से कभी नहीं मिला था। फिर मुझे मासिक धर्म नहीं हुआ। यह जानकर मेरी खुशी का ठिकाना न रहा। बाबा अभी भी गांव में रुके हुए थे। मैंने सबसे पहले बाबा को जाकर ये खुशखबरी दी। 

खुश होकर बाबा ने कहा- कन्या, तुम्हारी इच्छा पूर्ति हो गयी है। तुम प्रसाद ग्रहण करने के लिए आती रहना। मैंने भी बाबा की सेवा करने का वादा किया और फिर घर आकर सबको मेरे गर्भवती होने की खुशखबरी बताई। 

मेरा पति और मेरी सास ये सुनकर खुशी से झूम उठे। मेरे पति माधो को भी बाप होने का सुख मिलने वाला था। वो भी फूला नहीं समा रहा था लेकिन सच्चाई को केवल मैं ही जानती थी। 

समय के साथ ही मैंने एक बेटे को जन्म दिया और मुझे मां बनने का सुख और गौरव प्राप्त हुआ। ढोंगी बाबा ने मुझे काम और सन्तान सुख से परिपूर्ण कर दिया। तो दोस्तो, ये थी कमली की कहानी। 

कमली ने बताया कि पहला बच्चा होने के बाद उसके संबंध बाबा के साथ कम होने की बजाय बढ़ते ही चले गये। वो बीच-बीच में बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए जाती रही। कमली ने अपना जिस्म पूरी तरह से बाबा को सौंप दिया था। 

बाबा के लिंग के प्रसाद से उसकी योनि जैसे खिल उठी थी। तीन साल के अंदर ही कमली ने तीन बच्चों को जन्म दिया। आज वो गर्व से सिर उठाकर अपने तीन बच्चों की मां कहलाती है। औलाद का जो सुख पति का लंड ना दे सका, वो बाबा ने दे दिया।

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