होटल में बुझा दी बुआ की प्यास – 3

बुआ व्हिस्की की कड़वाहट को खत्म करने के लिए मुँह से मुँह लगाकर चूसने लगीं। फिर कुछ देर बाद बुआ बोलीं- राज, कल शादी में तो शायद ही हमें मौका मिलेगा। मैंने कहा- हां और वहां हमें बुआ भतीजा बनकर ही रहना होगा। 

गांव का माहौल रहेगा और छोटी बुआ की ससुराल भी है। बुआ मेरा लंड पकड़कर सहलाने लगीं और बोलीं- हां, वहां हमें अलग अलग सोना पड़ेगा। मैं समझ गया कि बुआ की चूत फिर से लंड लंड कर रही है। 

ये सोच कर मेरा लंड तुनकी मारने लगा। बुआ मेरे जागते लंड को पकड़ कर चूसने लगीं। मैंने कहा- आप चिंता मत करो, आज रात में आपको जमकर चोदूंगा। बुआ हंसने लगीं और बोलीं- तुझे मना किसने किया है। 

ये बबली तो तेरी रांड है, तू जब चाहे जैसे चाहे चोद सकता है। वैसे भी तेरे लंड की आग एक बार में तो बुझती नहीं है। ये कह कर बुआ घुटनों पर बैठ गईं और मुझे खड़ा करके मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं। 

उधर मैं उनकी दोनों चूचियों को मसलने लगा और चूमने चूसने लगा। कुछ देर बाद बुआ बिस्तर पर चित्त लेट गईं। मैंने बुआ के बैग से क्रीम निकाली और उनकी गांड में लगाने लगा। बुआ बोलीं- नहीं, राज शादी में जाना है … उधर गांड चौड़ी करके चलूंगी तो भद्दा लगेगा। 

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बुआ की चुदाई के बाद मूड था गांड मारने का

आज गांड में नहीं पेलो। मैंने नशे में बुआ के गाल में दो थप्पड़ जमा दिए और बोला- मेरा जो मन होगा करूंगा। तू बस लंड का मजा ले रांड। बबली बुआ समझ चुकी थीं कि आज उसकी गांड पक्की चुदेगी। वो चुपचाप गांड मराने के लिए घोड़ी बन गईं। 

मैंने लंड पर क्रीम लगाई और लंड को बुआ की गांड के लुपलुप करते छेद पर सैट कर दिया। फिर बुआ की कमर पकड़ कर एक जोरदार झटका दे दिया। बुआ की गांड में लंड घुसा तो उनकी ‘ऊईई … मर गई … आंह बचाओ कोई इस राक्षस से … आंह बचाओ …’ आवाज निकल गई और वो दर्द से कराहने लगीं। 

मेरा आधा लंड अन्दर जा चुका था। मैंने बुआ को चूमना शुरू कर दिया और उनकी चूचियों को दबाने लगा। थोड़ी देर बाद बबली बुआ अपनी गांड पीछे करने लगीं। ‘मादरचोद गांड में भी सही मजा देता है।’ 

मैंने हंसते हुए कहा- तो मजा ले ना भोसड़ी वाली … ले पूरा लंड खा। ये कहते हुए मैंने एक और करारा धक्का लगा दिया। मेरा पूरा लंड बुआ की गांड में अन्दर तक चला गया। 

इससे बुआ की फिर से आवाज निकल गई ‘ऊईईई ऊईईई राज प्लीज़ साले धीरे चोद भोसड़ी के … मैं मर जाऊंगी …’ लेकिन अब मैं कहां मानने वाला था, मैंने अपने धक्कों की रफ़्तार और बढ़ा दी। 

अब बुआ की गांड चुदाई से ‘थप थप …’ की आवाज़ आने लगी। मैं बुआ की गांड मारता हुआ कभी उनकी चूचियों को मसलता, तो कभी गर्दन को चूमने लगता। बुआ की रसीली गांड में मेरा लंड अपनी जगह बना चुका था और आसानी से अन्दर बाहर होने लगा था।

सेक्स की एक लम्बी कहानी और वासना – 1

 गांड में लंड लेके चुदने लगी बुआ

कुछ देर बाद मैंने बुआ को उठाया और नीचे लेट गया। बुआ ने मेरे खड़े लंड पर अपनी गांड रखी और बैठ गईं। गपाक से लंड गांड में समा गया और बुआ धीरे धीरे ऊपर नीचे होने लगीं। 

मैंने बबली बुआ की कमर पकड़कर नीचे से झटके लगाना शुरू कर दिए। हम दोनों एक रफ्तार से एक दूसरे के धक्कों का जबाव देने लगे थे। थप थप की आवाज हम दोनों का जोश बढ़ा रही थी। 

कुछ देर बाद मैंने सामने रखी टेबल पर बुआ को उल्टा लिटा दिया और उनकी गांड में लंड घुसा कर चोदने लगा। बुआ की दोनों चूचियों को दबाने लगा और झटके मारने लगा। कुछ देर बाद मैंने बुआ को फिर से उठाकर बिस्तर पर लिटा दिया और उनके पैर उनके चुचों पर कर दिए। 

मैं बुआ की साफ़ दिखती गांड में लंड ठोक कर उनके ऊपर चढ़कर गांड चोदने लगा। अब मैंने अपनी स्पीड और तेज कर दी थी और बुआ की गांड को गपागप गपागप चोदने लगा था। बुआ भी गांड मारी मस्ती में आहह आहह करने लगी थीं। 

आठ दस झटकों के बाद मेरे लंड ने वीर्य निकालना शुरू कर दिया। बुआ की गांड में लंड का माल डालकर मैं उनके ऊपर ही निढाल होकर गिर गया। कुछ मिनट बाद बुआ ने नीचे उतरने को कहा। 

जैसे ही बुआ की गांड में से लंड निकाला, वीर्य बाहर बहने लगा। दोनों इस घमासान चुदाई से थक चुके थे। हम दोनों थोड़ी देर ऐसे ही निढाल पड़े रहे। इस तरह से मैंने बुआ की गांड मारी। 

फिर बुआ बोलने लगीं- राज, मेरी सहेली ने मुझसे बच्चों को संभालने के बदले तुमसे चुदवाने की शर्त रखी है। मैंने कहा- क्या मतलब? ‘वो बोल रही थी कि जब तुम वापस आओगे, तो उसे भी तुम्हारे लंड का मज़ा चाहिए।’

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