भाभी की चिकनी चुत का रसीला स्वाद – 1

भाभी का नाम सलोनी है और उनकी आयु 29 साल की है। उनका फिगर 34-30-38 का है, एकदम उठी हुई गांड है और गोरा बदन दूध जैसा है। भाभी और मेरे बीच सेक्स कुछ ही दिन पहले हुआ था। 

सलोनी भाभी की शादी को 2 साल हुए थे। वो मेरे घर आती रहती थीं। मैं भी भाभी के घर आता जाता रहता था, पर मैंने कभी सलोनी भाभी के साथ संभोग करने की बात नहीं सोची थी। 

एक दिन की बात है, मैं सलोनी भाभी के घर गया था, मम्मी ने मुझे उनके घर सब्ज़ी देने भेजा था। मैंने देखा कि भाभी दर्पण में देख कर तैयार हो रही थीं। उनका ध्यान ही नहीं था कि मैं कब घर में आया। 

मैं गेट पर खड़े होकर भाभी को देख रहा था। भाभी ने नीले रंग की साड़ी पहनी थी पर उनका पल्लू उनके मम्मों पर नहीं था। उनका बदन पीछे से पूरा दिख रहा था। 

उनको इस हालत में देख कर मेरा लंड उठ गया। मेरे मन में कामुक विचार आने लगे और तभी से मैं उनको चोदने की चाह रखने लगा था। कुछ पल बाद मैंने बाहर को आकर भाभी को आवाज दी तो भाभी अपने आपको ठीक करती हुई बाहर आईं। 

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भाभी के नाम की मारी मुठी

मैंने भाभी को बताया- मम्मी ने ये सब्जी भेजी है। सलोनी भाभी बोलीं- तुम कब आए? तुम्हारे आने की आहट ही नहीं मिली। मैं बोला- बस अभी ही आया हूँ। भाभी हल्के से मुस्करा दीं। 

मैंने भाभी से कहा- आज आप बहुत सुंदर लग रही हो भाभी। वो हंस कर बोलीं- चल हट झूठे। भाभी हंसने लगीं और उन्होंने मेरे हाथ से सब्जी ले ली। फिर मैं अपने घर आ गया। 

उसके बाद मैंने रात को भाभी के बारे में सोच सोच कर मुठ मारी और मन पक्का कर लिया कि भाभी को पेलना ही है। अब मैं भाभी के घर जाने के बहाने देखने लगा। मैं भाभी से बहुत हंसी मजाक करता था। फिर एक दिन भाभी मेरे घर आईं, तब मैं अकेला था। 

घर का गेट खुला था और मैं भाभी के बारे में सोच कर मुठ मार रहा था। भाभी ने ये सब देख लिया। उन्होंने मुझे आवाज लगाई- प्रियांश, मम्मी कहां हैं? मैंने लंड अन्दर करते हुए कहा- भाभी, मम्मी मार्केट गई हैं। 

आप रुकिए मैं आता हूँ। भाभी बोलीं- नहीं मैं जा रही हूँ, तुम अपना काम करो। फिर वो चली गईं। थोड़ी देर बाद मम्मी आईं तो मैंने बताया कि सलोनी भाभी आई थीं और आपके बारे में पूछ रही थीं। 

इतने में भाभी दोबारा आ गईं और बोलीं- मेरे पति घर पर नहीं हैं और सास ससुर जी भी नहीं हैं। मैं अकेले नहीं सो सकती, मुझे डर लगता है। क्या आप प्रियांश को मेरे यहां सोने के लिए भेज दोगी? मम्मी बोलीं- हां, ये सोने आ जाएगा। 

मैंने भी लपक कर कहा- हां, मैं आ जाऊंगा भाभी। मैं सलोनी भाभी की बात सुन कर बहुत खुश हुआ कि आज रात मौक़ा मिला तो भाभी की चूत जरूर चोद दूँगा। रात को खाना खाकर उठा और भाभी के घर जाने के लिए रेडी होने लगा। 

मैं उनके घर गया। सलोनी भाभी- आओ, मैं तुम्हारा ही इन्तजार कर रही थी। मैं अन्दर आ गया। भाभी बोलीं- आओ प्रियांश बैठो, तुम खाना खाओगे न! मैंने कहा- नहीं भाभी, मैं खाना खाकर आया हूँ। 

भाभी- अच्छा तो मैं कॉफ़ी बना कर लाती हूं। मैंने कहा- हां भाभी, कॉफ़ी पी लूंगा। कुछ ही देर में भाभी कॉफ़ी बना लाईं और हम दोनों ने कॉफी पी और बातें करते रहे। उसके बाद मैं भाभी की तरफ देखने लगा। 

मैं एक तरह से ये देख रहा था कि मुझे किधर सोना है। भाभी समझ गईं। वो बोलीं- चलो रूम में चलते हैं। हम दोनों कमरे में आ गए। मैंने पूछा- भाभी मुझे कहां सोना है? सलोनी भाभी बोलीं- यहीं बेड पर। 

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भाभी भी थी चुदने के लिए पूरी तैयार 

तो मैंने पूछा- फिर आप कहां सोओगी? वो बोलीं- मैं भी बेड पर ही सोऊंगी। मैं ये सुन कर बहुत खुश हुआ और हम दोनों बातें करने लगे। इतने भाभी ने पूछ लिया- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है क्या? मैंने बोला- नहीं भाभी, पहले थी मगर अब नहीं है। 

मेरा उससे झगड़ा हो गया। भाभी- अरे किस बात पर झगड़ा हो गया? मैंने बता दिया। अब मैंने भाभी से कहा- भाभी मैं एक बात कहना चाहता हूँ। आप नाराज नहीं होओ, तो कहूँ? भाभी ने हां कहा। 

मैंने कहा- आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो। भाभी मेरी आंखें नचा कर बोलीं- अरे वाह … अब ये भी बताओ कि तुम्हें मुझमें क्या अच्छा लगता है? मैंने कहा- आप पूरी की पूरी ही अच्छी लगती हो। 

पर सबसे अच्छा आपका फिगर लगता है। भाभी ने लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी, वे बोलीं- और तुम्हें मेरे फिगर में क्या सबसे अच्छा लगता है? मैंने कुछ कहा तो नहीं मगर मैं उनके मम्मों की तरफ देखने लगा। वो मेरी बात समझ गईं और शर्मा गईं। 

फिर भाभी बोलीं- चलो अब सो जाओ। मैं भी हां करके लेट गया। मैं सोने का नाटक करता रहा। फिर मेरी नींद लग गई और मैं सो गया। रात को एक बजे मेरी नींद खुली तो भाभी मेरे बिल्कुल पास ही सोई थीं। 

मैंने सोचा कि आज ये मौका नहीं जाने देना है। मैं सलोनी भाभी की तरफ सरक आया और उनके मम्मों को धीरे धीरे दबाने लगा। उनकी तरफ से कुछ भी हरकत नहीं हो रही थी तो मेरी हिम्मत और बढ़ गई। 

मैं उनकी गर्दन पर किस करने लगा तो सलोनी भाभी धीमे से बोलीं- किस सही से करो न! अचानक से भाभी के मुँह से ये बात सुन कर मैं खुशी से पागल हो गया। उसके बाद सलोनी भाभी मेरी तरफ घूम गई और बोलीं- मैं जब तुम्हारे घर आई थीं, तब मैंने तुम्हें मेरा नाम लेते हुए मुठ मारते हुए देख लिया था।

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