इंटरनेट से चुदाई मिलने की ख़ुशी – 2

अंदर उसने शरारा पहना हुआ था। हमने थोड़ी देर यहाँ वहाँ की बातें की। उसने अपने बारे में मुझे सब बताया और मैंने भी उसे अपने बारे में सब कुछ बताया। उसने मुझसे पूछा- ड्रिंक करते हो आप? मैंने उसे बोला- हाँ! कभी कभी! 

तो बात करते करते वो उठ कर चली गयी और फ्रीज में से 2 महँगी बीयर की बोतल निकाल कर ले आयी। हमने बीयर खत्म करके एक सिगरेट जलायी और उसी एक सिगरेट से एक एक कश लेने लगे। 

सिगरट पीने के बाद हम दोनों हल्के हल्के नशे में होने लगे और हम दोनों ही उस वक़्त एक दूसरे को नशे में हवस की नजरों से देखने लगे। अब मैं उठा और उसके करीब जाने लगा। 

वो भी मुझे अपनी तरफ आता देख खड़ी हो गयी। मैंने उसको कस के पकड़ कर अपनी बांहों में भर लिया। वो भी मुझसे लिपट गई। फिर मैं पागलों की तरह उसे चूमने चाटने लगा, उसके मुहँ में अपनी जीभ चलाने लगा और उसकी जीभ को अपने मुख में लेकर चूसने लगा।

कुवारी दीदी की बुर का मिला स्वाद – 1

बूब्स दबाते हुए कर दिआ पूरा गरम 

इससे वो बहुत गर्म होने लग गयी थी और मादक आवाज़ें निकालने लग गयी थी। इस वजह से मेरा लंड खड़ा होकर टाइट हो गया था और उसकी चूत पर कपड़ों के ऊपर से ही रगड़ खा रहा था। 

मैं उसके शरीर के हर एक अंग पर अपना हाथ चला रहा था। कभी मैं उसके बूब्स को दबाता तो कभी उसकी मुलायम गांड को! जिसकी वजह से वो मछली की तरह मेरे हाथ से फिसलने लगती और में किसी भूखे शेर की तरह उसको अपना शिकार समझ कर जोर से यानि कस के पकड़ लेता। 

अब मैं ज़ाफ़रा को पीछे से पकड़ कर हग करने लगा और उसके दोनों बूब्स को अपने हाथों से जोर जोर से दबाने लगा। मैं उसकी गरदन पर चूमने, चाटने लगा और वो ‘आह बेबी उफ्फ … आह आह …’ की आवाजें निकालने लगी। 

मैंने अपने खड़े लंड को अब ज़ाफ़रा की गांड की दरार में घिसना शुरू कर दिया था। थोड़ी देर बाद मैंने उसे अपनी गोद में उठा कर बेड पर लिटा दिया और बड़े प्यार से उसके सारे कपड़े उतार कर उसके मम्मों से खेलने लगा। 

हम दोनों ही एक दूसरे में मदहोश थे। मैं उसके होठों को चूसने के साथ साथ एक हाथ से उसके मम्मों से खेल रहा था और अपना दूसरा हाथ उसकी पूरे शरीर पर चला रहा था। 

जोर जोर से लंड हिलाके लगी चूसने 

वो आह उफ्फ मम्म आह ऐसे मादक आवाजें निकालने में लगी हुयी थी। अब वो ख़ुद भी मेरे होंठों को चूसने में लगी हुयी थी। मैंने उसे चूमते हुए महसूस किया कि उसकी सांसें अब बहुत गर्म हो गयी थीं। 

ज़ाफ़रा मेरे होंठों को चूसने लगी, मैं भी उसके होंठों को चूसने लगा। तभी मैंने उसकी चूत में अपनी अँगुली को डाल दिया और वो पागलों की तरह जोर जोर से चिल्लाने लगी। 

उसकी चूत एकदम गीली और पानी से भरी हुयी थी। मैं जोर जोर से उंगली अंदर बाहर करने लगा। वो मुझे गंदी गंदी गालियाँ देने लगी- आह कुत्ते … मादरचोद … मेरी चूत तेरे लंड के लिए तड़प रही है। 

जल्दी से चोद दे मुझे अपनी कुतिया बना कर! तू मेरा चोदू कुत्ता है आज से हमेशा के लिए! मैं भी उसकी गालियों को सुन कर बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगा। उसके बाद ज़ाफ़रा ने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरे लंड को मुख में लेकर जोर जोर से चूसने लगी। 

उसने मेरे लंड को थूक से पूरा गीला कर दिया था। फिर वो अपने हाथ से मेरा लंड जोर जोर से ऊपर नीचे करने लगी मेरे चेहरे को देखते हुए! दोस्तो, मुझे उस समय ऐसा लग रहा था कि मानो आज ज़ाफ़रा मेरी जान ही ले लेगी। 

थोड़ी देर लंड चूसने के बाद वो बोली- चल अब डाल दे इसे मेरी चूत में! “अभी इतनी जल्दी भी क्या है?” कह कर मैंने उसे गोद में उठाया और बेड पर डाल दिया और उसकी चूत को चाटने लग गया। 

इंटरनेट से चुदाई मिलने की ख़ुशी – 3

Leave a Comment