चाची की गीली चुत चुदाई और गांड मारी – 1

आज मैं अपनी एक सच्ची घटना आप लोगों के बीच प्रस्तुत कर रहा हूं, मेरी Xxx देहाती चुदाई कहानी में अगर कोई भूल हो माफ कर देना। मैं एक सरकारी कर्मचारी हूं। मेरी उम्र 28 साल है और मेरे लंड की साइज कुछ इस तरह से है कि ये 7।

6 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है। आप समझ सकते हैं कि ऐसा लंड किसी भी चूत का भरता बना सकता है। करीब एक साल पहले मेरी जॉब सरकारी विभाग में लग गयी थी। मैं अपने गांव में अपने प्यार और बर्ताव के चलते सभी लोगों का प्रिय था। 

आपको लोगों को तो पता ही है, जब किसी की भी अगर कम उम्र में अगर सरकारी नौकरी मिल जाए, तो लोगों का बर्ताव आपके प्रति और भी अच्छा हो जाता है। मेरे इसी रवैये की वजह से मेरी पड़ोस की एक चाची भी बड़ी खुश थीं। 

चाची का नाम प्रीति था। वो देखने बहुत हॉट और सेक्सी माल थीं। मैं सच कह रहा हूँ कि अगर उनको कोई भी एक बार भी देख ले, तो मेरी गारंटी है कि वो बिना मुठ मारे नहीं रह सकता था। मेरे घर के पास में ही उनका भी घर था। 

इस वजह से मेरी उनसे बातचीत होती रहती थी। एक दिन की बात है प्रीति चाची ने अपने लिए नया एंड्राइड फ़ोन ख़रीदा और उसमें उनको जियो की सिम डालनी थी। उनको अभी सिम लेनी थी। 

दीदी के मोटे चुचे और चुत की चुदाई – 1

चाची का भीगा बदन करने लगा मुझे गरम

मैं सुबह फ्रेश होकर सुबह ऑफिस के लिए निकल ही रहा था। तभी चाची जी ने मुझे आवाज देकर बुलाया। मैं उनसे मिलने गया तो वो नहा कर बाहर आ गई थीं। मुझसे मिलने की जल्दी में चाची ने अपने पेटीकोट को अपने मम्मों के ऊपर तक बांध कर रखा था। 

उनका मस्त भीगा जिस्म मुझे गर्माने लगा था। चाची को ऐसे देख कर मेरा मन किया कि काश ये मेरी चाची ना होती तो अभी उनको पटक कर चोद देता। लेकिन मैंने किसी तरह से अपने आपको रोका। 

मैंने उनसे पूछा- हां चाची, क्या काम था? उन्होंने मुझे 500 रूपए दिए और बोलीं- करन मुझे एक जियो की नई सिम लाकर दे दो। मैं भी शरारती शब्दों में बोला- चाची। अगर मैं आपको सिम लाकर दूंगा, तो मुझे क्या मिलेगा! 

मेरी बात के जबाव में उन्होंने जो शब्द बोले, मैं तो सुन कर दंग रह गया। उन्होंने अपने होंठ दबा कर कहा- तुम सिम लाकर तो दो, मैं तुम्हें अपनी सबसे कीमती चीज दूंगी। 

मैंने भी शरारत करते हुए पूछा- क्या दोगी … बताओ तो चाची? उन्होंने आंख मारते हुए कहा- अगर सिम लाकर दोगे, तो मैं तुम्हें बहुत मजा दे सकती हूं। उस वक्त मुझे ऑफिस के लिए देरी हो रही थी, तो मैंने तुरन्त आंटी के हाथ से रूपए लिए और उनको बाय बोल कर ऑफिस के लिए निकल गया। 

जब शाम को घर आया तो मैंने आंटी को सिम कार्ड दे दिया। उन्होंने मुस्कुरा कर मुझे रात को खाना खाने के लिए बुलाया क्योंकि वो घर पर अकेली थीं। चाचा बाहर गए हुए थे। मैं भी करीब दस बजे रात को फ्रेश हुआ और अपना बिस्तर लगा कर उनके घर आ गया। 

दूर की बुआ चुदने आयी घर – 1

चाचा  की जगह मेने करि चुदाई 

मैंने जैसे ही उनके घर का दरवाजा खटखटाया, प्रीति चाची ने दरवाजा खोल दिया। मैं उनको देख कर एकदम से अवाक रह गया। उस रात मुझे लगा आज जरूर जन्नत नसीब होने वाली है। 

चाची ने एक पारदर्शी नाइटी पहनी हुई थी और उसके अन्दर का नजारा गजब का था। ना अन्दर ब्रा थी और ना ही पैंटी पहनी थी। कुछ पल के बाद चाची ने मेरा हाथ पकड़ मुझे अन्दर खींचा और बोलीं- कहां खो गए। 

मेरे मुँह से निकल गया- आज आप एकदम क़यामत लग रही हो, अगर आप मेरी बीवी होतीं, तो अभी पटक कर चोद देता। मेरे मुँह से चुदाई की बात सुन कर चाची ने भी वासना से कहा- पहले अन्दर चलो, खाना खा लो, फिर आज तुम मुझे अपनी बीवी समझ कर चोद ही दो। 

मैं भी देखती हूं कि तुम मुझे कितना खुश करते हो। मैंने कहा- चाची ज्यादा खुश होने के चक्कर में छेद न फटवा लेना। चाची बोलीं- आज छेदा ही तो फड़वाना है … आ मैं भी देखती हूँ कि तेरे औजार में कितना दम है। 

मैंने कहा- क्यों चाचा के औजार से मन नहीं भरता है क्या? चाची बोलीं- तेरे चाचा के औजार में दम होता तो आज मैं दो चार बच्चों की मम्मी न बन गई होती। मैंने कहा- ओहो … ये बात है। 

चली चाची आज आपको पूरा सुख देने का जिम्मा मेरा है। हमने साथ में खाना खाया और फिर वो मुझे अपने बेडरूम में ले गईं। हम दोनों साथ में ही बेड पर लेट गए और मैं चाची के मखमली बदन से खेलने लगा। 

मैं उनके होंठों का रसपान कर ही रहा था कि उन्होंने अचानक रोक दिया और बोलीं- कुछ टाइम रुको राज, पहले मैं तुम्हारे चाचा से फोन पर बता कर लेती हूँ। उनसे उनके आने की बात करके फिर तुम्हें जन्नत की सैर कराती हूँ। मैं भी रुक गया और वो चाचा जी बात करने लगीं।

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