मै और मेरी चुत की गर्मी की आग – 1

मुझे सेक्स कहानी पढ़ने का बहुत शौक है, तो सोचा कि खुद की कहानी भी आप सभी के बीच रखूं। मैं आज बड़ी हिम्मत करके अपनी जिन्दगी की सच्ची सेक्स कहानी आप सबको बता रही हूँ। 

ये फर्स्ट टाइम ओरल कहानी उस समय की है, जब मैं 23 साल की थी यानि आज से 7 साल पहले की बात है। उस समय मैं पढ़ाई करती थी। मेरे पड़ोस में लड़का रहता था। उसका नाम विशु था। 

वो 19 साल का पूरी तरह से कसे बदन वाला था। उसकी लम्बाई 5 फुट 8 इंच की रही होगी। देखने में विशु काफी आकर्षक था। उसका हमारे घर में काफी आना जाना रहता था और मेरा भी उनके घर आना जाना लगा रहता था। 

वो मुझे दीदी बुलाता था। पहले मेरे मन में भी उसके लिए भाई और बहन वाली ही सोच थी। पर शायद वो मेरे बारे में कुछ और ही सोच रखता था। इसके बारे में मुझे तब पता चला जब एक दिन मैं शाम के समय नहा रही थी। 

तभी वो मेरे घर आ गया। वो मेरे भैया के लड़के के साथ खेलने लगा। भैया का लड़का अभी 4 साल का था। तभी मैं नहाकर बाथरूम बाहर आई। मैंने उस दिन नीले रंग का सूट पहना था। विशु मुझे देख रहा था। 

उसने मुझे नमस्ते की तो मैंने भी उसे नमस्ते बोली और अन्दर चली गई। विशु वहां से उठा और बाथरूम में चला गया। वो करीब 5 से 7 मिनट बाद बाहर आया। 

सेक्स की एक लम्बी कहानी और वासना – 1

मेरी ब्रा और पैंटी के दीवाने

उसी समय मैंने अपने रूम से बाहर देखा और अपने भैया के लड़के नानू से पूछा- विशु चाचू कहां गए? इतने में ही विशु बाहर आ गया और बोला- दीदी, मेरा सुबह से पेट थोड़ा खराब है। मैं बाथरूम में था। 

मैंने कहा- अरे तो दवाई ले ले न! वो बोला- ले ली है। फिर मैं बाथरूम में अपने कपड़े धोने चली गई। मैंने बाथरूम में देखा कि मेरी ब्रा और पैंटी अलग से ऊपर की तरफ पड़ी हुई थी, जबकि मैंने दोनों को बाकी कपड़ों के नीचे रखा हुआ था। 

मुझे थोड़ा अजीब सा लगा पर मैंने इसके बारे में कुछ ज्यादा नहीं सोचा। अगर उससे कुछ पूछती, तो विशु से, मगर विशु अपने घर चला गया था। अगले दिन रविवार का दिन था और घर के सभी लोग मेरे लिए लड़का देखने जाने वाले थे। 

आज घर पर मैं भाभी और नानू ही थे। दोपहर के समय विशु घर आ गया और बोला कि दीदी गणित के सवाल समझा दो, मुझसे हो नहीं रहे। मैंने कहा- हां आ जा, मैं करवा देती हूँ। 

मैं उसे सवाल समझा रही थी तो मैंने देखा कि उसका ध्यान मेरे बूब्स की ओर था। मैं बोली- विशु, कॉपी की तरफ ध्यान दे। वो सकपका कर बोला कि दीदी, मुझे समझ आ गए हैं। 

मौसी की बेटी के बड़े बूब्स और कारनामे – 1

लंड सहलाते हुए पकड़ा

उसके बाद हम दोनों फ्री हो गए। विशु ने पूछा- दीदी आज सभी कहां गए हैं? मैंने उसे बताया- मेरे लिए लड़का देखने गए हैं। वो बोला- अरे तो आप क्यों नहीं गईं? मैं बोली- पागल है क्या तू, मैं कैसे जाती! वो हंसते हुए बोला- अरे दीदी, मैं तो मजाक कर रहा था। 

तभी भाभी आईं और नानू को खाना खिलाने के लिए नीचे ले गईं। मैंने विशु से कहा- तू अब सवाल हल करके देख ले, तब तक मैं नहा कर आती हूँ। मैं नीचे आ गई। विशु ऊपर रूम में अकेला था। 

मैं नहा कर ऊपर गई तो देखा कि विशु मोबाइल में पोर्न देख रहा था और दबी आवाज में ‘रिंकी दीदी … आंह रिंकी …’ बोल बोलकर अपने लंड को सहला रहा था। 

ये सब देख कर मैं हैरान थी कि विशु मेरे बारे में ये सब सोचता है। मैं अन्दर जाने ही लगी थी कि मैंने देखा कि विशु ने अपने लोअर में हाथ डाल कर अपने लंड को बाहर निकाल लिया। 

उसका लंड पूरी तरह से तना हुआ था। उसका लंड करीब 6 इंच लम्बा और 3 इंच करीब मोटा था। लंड देखकर मैं हैरान थी। जिन्दगी में मैंने किसी मर्द का लंड पहली बार देखा था।

Leave a Comment