मकानमालिकिन की बेटी को दिआ मेरा मोटा लंड – 2

जब उसको होश आया तो उसने स्कर्ट में हाथ डाल कर पैंटी को अपनी चूत पर ठीक से सैट किया और शर्मा कर नीचे भाग गई। उस दिन शाम को हमारी फोन पर बात हुई, जिस पर वो मुझे प्यार से डांट रही थी। 

मैंने उससे पूछा- सच बताना मजा आया कि नहीं? वो शर्मा कर बोली- हां, मजा तो आया था। मैंने उससे सेक्स करने के लिए बोल दिया कि उसमें तुम्हें और भी ज्यादा मजा आएगा। वो सेक्स करने के नाम पर घबरा रही थी कि कहीं किसी को कुछ पता न चल जाए। 

ऐसे ही दिन बीतते गए। निकिता अब छत पर वक़्त से पहले आने लगी और मैं उसकी रोज चूत चाटने लगा था। कभी कभी मैं नींद में होता, तो वो चुपके से मेरे रूम में आ जाती और खुद ही पैंटी साइड में करके मेरे मुँह चूत लगा देती। 

मैं एकदम से जाग कर उसकी कुंवारी चूत की महक लेकर अपनी सुबह को सराहता और खूब मजे से उसकी चूत चाट लेता। एक दिन निकिता ने बताया कि उसके घर वालों को अगले हफ्ते किसी काम से दो दिन के लिए गांव जाना है। 

उसने मुझे ये बात बताई तो मैं बहुत खुश हो गया। फिर जल्दी ही वो दिन आया। निकिता के घरवाले गांव चले गए थे। उस दिन मैंने निकिता के लिए मार्केट जाकर एक नई ब्रा पैंटी खरीदी और एक सेक्सी मिनी ड्रेस ख़रीद कर उसको लाकर दे दी। 

मैं रात होने का इंतजार करने लगा और शाम को 8 बजे मैं निकिता के घर आ गया। मैंने उसे फोन किया तो उसने झट से दरवाजा खोल कर मेरा स्वागत ऐसे किया, जैसे वो भी मेरे आने की राह देख रही थी। 

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69 की पोजीशन में चूसा एक दूसरे को 

मैं अन्दर आ गया और निकिता ने दरवाजा बंद कर लिया। मैंने झट से उसको पीछे से पकड़ लिया और अपनी ओर घुमाकर उसको किस करने लगा। वो भी मेरे होंठों से होंठ लगा कर चुम्बन का मजा लेने लगी। 

हम दोनों ने दस मिनट तक किस किया और अलग हो गए। फिर हमने एक साथ खाना खाया। निकिता मुझे हॉल में बैठा कर नहाने चली गई। जब वो नहाकर आई तो मैंने देखा कि उसने मेरी लाई हुई सेक्सी ड्रेस पहनी हुई थी। 

उसने बड़ी अदा से मुझे अपने बेडरूम में बुलाया। जैसे ही मैं अन्दर गया तो उसको देख मेरे मुँह से निकल गया- जानम, आज तो बड़ी पटाखा माल लग रही हो। इससे वो शर्मा गई और मैं उसके पास आ गया। 

उसके बदन की मादक महक मुझे कामोत्तेजित कर रही थी। अगले ही पल मैं उस पर टूट पड़ा। मैंने उसके जिस्म का एक कतरा नहीं छोड़ा जहां मैंने उसको न चूमा हो। ऐसे ही हम दोनों के कपड़े कब हमसे अलग हो गए, हमें पता ही नहीं चला। 

अब हम दोनों नंगे थे और एक दूसरे को चूमने चूसने लगे थे। जल्दी ही हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए। मैं उसकी चूत और वो मेरा लंड चूसने लगी। हम दोनों ने बहुत देर तक अपने लंड और चूत को चूस कर मजा लिया और एक दूसरे के मुँह में ही झड़ गए। 

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पकड़ पकड़ के चुदाई करके दिआ मजा 

थोड़ी देर बाद हम दोनों फिर से गर्म हो गए। अब लंड का चूत से मिलन का वक्त आ गया था। मैंने उसकी कमर के नीचे तकिया रख दिया, जिससे उसकी चूत उठ कर मेरे सामने आ गई। 

मैं उसकी दोनों टांगों को खोल कर बीच में आ गया और लंड को चूत पर रगड़ने लगा। निकिता और गर्म होने लगी और मैंने एक झटके में लंड उसकी चूत में घुसा दिया। पहले ही झटके में मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया था। 

जिससे उसे थोड़ी तकलीफ हुई। उसने मुझे रोक लिया। जब उसका दर्द कम हुआ तो मैंने पूरा लंड बाहर निकाला और एक ही झटके में पूरा लंड उसकी चूत में पेल दिया। उसकी चीख निकल गई और आंखों से आंसू आने लगे। 

वो मुझसे छूटने की कोशिश करने लगी पर मैंने उसे कसके पकड़ रखा था इसलिए वो ज्यादा हिल नहीं पा रही थी। मैं कभी उसके चूचे चूसता, कभी उसको किस करता। मैं ऐसा तब तक करता रहा, जब तक उसकी चूत का दर्द कम नहीं हो गया। 

फिर जैसे ही उसका दर्द कम हुआ, मैं धीरे धीरे लंड अन्दर बाहर करने लगा। पहले धीरे धीरे से … फिर जोर जोर से उसको चोदने लगा। निकिता भी मेरा साथ अपनी चूत उठा उठा कर दे रही थी। 

हमारा हॉट वर्जिन फर्स्ट सेक्स 20 मिनट तक चला, फिर हम दोनों एक साथ झड़ गए। मैं तब तक निकिता के ऊपर लंड चूत में डाले पड़ा रहा, जब तक मेरी सांसें सामान्य नहीं हो गईं। 

निकिता की चूत भी झड़ जाने के बाद भी मेरे लंड को छोड़ पकड़ रही थी मानो वो लंड की आखिरी बूँद को निचोड़ कर खाली कर देना चाहती हो। उस रात हमने एक बार और अलग तरीके से चुदाई की। 

अगले दिन 2 बार चुदाई की। अब हमारा चुदाई का सिलसिला चल रहा है, हम दोनों आज भी चुदाई करते हैं। निकिता अब मेरे पास आने के लिए टाइट नहीं बल्कि ढीले कपड़े पहनती हैं ताकि कपड़ों के ऊपर से उसकी चूत पूरी खुल जाए और मैं उसकी चुदाई कर सकूं। 

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